Tata Capital Gold Loan Entry: टाटा ग्रुप की वित्तीय सेवा कंपनी टाटा कैपिटल ने गोल्ड लोन कारोबार में कदम रख दिया है। कंपनी ने केरल की NBFC योगक्षेमम लोन्स लिमिटेड में 88.6% हिस्सेदारी खरीदने का समझौता किया है। इस डील के बाद टाटा कैपिटल का सीधा मुकाबला देश की बड़ी गोल्ड लोन कंपनियों जैसे मुथूट फाइनेंस और मनप्पुरम फाइनेंस से होगा।
Highlights
- टाटा कैपिटल ने योगक्षेमम लोन्स में खरीदी 88.6% हिस्सेदारी
- करीब ₹318 करोड़ से अधिक वैल्यूएशन पर हुई ऑल-कैश डील
- गोल्ड लोन सेक्टर में टाटा ग्रुप की पहली बड़ी एंट्री
- कंपनी ₹93 करोड़ का अतिरिक्त पूंजी निवेश भी करेगी
- मुथूट फाइनेंस, मनप्पुरम फाइनेंस और बड़े बैंकों से होगा मुकाबला
टाटा कैपिटल ने गोल्ड लोन कारोबार में रखा कदम
टाटा ग्रुप की प्रमुख वित्तीय सेवा कंपनी Tata Capital Limited ने भारतीय गोल्ड लोन बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की रणनीति के तहत केरल स्थित नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) Yogloans में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने का फैसला किया है।
कंपनी ने योगक्षेमम लोन्स में लगभग 88.6% हिस्सेदारी हासिल करने के लिए समझौता किया है। यह अधिग्रहण टाटा कैपिटल के रिटेल लेंडिंग बिजनेस को मजबूत करने और सिक्योर्ड लोन सेगमेंट में विस्तार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
भारत में गोल्ड लोन सेक्टर लंबे समय से तेजी से बढ़ रहा है। इसमें Muthoot Finance और Manappuram Finance जैसी कंपनियों का दबदबा है। इसके अलावा State Bank of India, HDFC Bank और ICICI Bank जैसे बैंक भी गोल्ड लोन उपलब्ध कराते हैं।
ऐसे में टाटा कैपिटल की एंट्री से इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और बढ़ने की संभावना है।
₹318 करोड़ की ऑल-कैश डील, ₹93 करोड़ लगाएगी टाटा कैपिटल
टाटा कैपिटल ने शेयर बाजारों को दी जानकारी में बताया कि यह सौदा पूरी तरह नकद (All-Cash Deal) के जरिए किया जाएगा।
इस अधिग्रहण में योगक्षेमम लोन्स की प्री-मनी इक्विटी वैल्यू लगभग ₹318 करोड़ से अधिक नहीं होगी। इसके अलावा टाटा कैपिटल कंपनी में करीब ₹93 करोड़ का अतिरिक्त प्राथमिक पूंजी निवेश (Capital Infusion) भी करेगी।
इस निवेश का इस्तेमाल कंपनी के विस्तार, शाखाओं की संख्या बढ़ाने और गोल्ड लोन पोर्टफोलियो को मजबूत करने में किया जा सकता है।
टाटा कैपिटल के लिए क्यों खास है यह अधिग्रहण?
टाटा कैपिटल के एमडी और सीईओ राजीव सभरवाल ने कहा कि यह अधिग्रहण कंपनी के गोल्ड लोन बिजनेस में प्रवेश का महत्वपूर्ण कदम है।
इस डील के जरिए टाटा कैपिटल:
- अपने रिटेल लोन पोर्टफोलियो को ज्यादा विविध बनाएगी
- सिक्योर्ड लोन सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत करेगी
- दक्षिण भारत के मजबूत गोल्ड लोन बाजार में तेजी से विस्तार कर पाएगी
गोल्ड लोन एक सिक्योर्ड लोन कैटेगरी है, जिसमें ग्राहक अपने सोने को गिरवी रखकर आसानी से ऋण प्राप्त करते हैं। भारत में सोने की बड़ी उपलब्धता और छोटे कारोबारियों व आम ग्राहकों की मांग के कारण इस सेक्टर में काफी संभावनाएं हैं।
योगक्षेमम लोन्स का मजबूत नेटवर्क बना फायदा
योगक्षेमम लोन्स पिछले कई वर्षों से गोल्ड लोन कारोबार में सक्रिय है। कंपनी की शुरुआत वर्ष 1991 में हुई थी और इसका मुख्य फोकस गोल्ड लोन उपलब्ध कराना रहा है।
31 मार्च 2026 तक कंपनी की स्थिति:
| जानकारी | आंकड़े |
|---|---|
| एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) | ₹708 करोड़ |
| शाखाओं की संख्या | 162 |
| मौजूदगी | केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश |
| ग्राहक संख्या | लगभग 32,000 |
| नेटवर्थ | ₹115 करोड़ |
| कर्मचारी | 990+ |
योगक्षेमम लोन्स की दक्षिण भारत में मजबूत पकड़ टाटा कैपिटल के लिए इस अधिग्रहण को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाती है।
अधिग्रहण के बाद भी जारी रहेगा मौजूदा मैनेजमेंट
डील पूरी होने के बाद भी योगक्षेमम लोन्स के प्रमोटर और एमडी श्री उन्नीकृष्णन कंपनी के संचालन में भूमिका निभाते रहेंगे।
टाटा कैपिटल का उद्देश्य कंपनी के मौजूदा नेटवर्क और अनुभव का इस्तेमाल करते हुए गोल्ड लोन कारोबार को आगे बढ़ाना है।
RBI मंजूरी के बाद पूरी होगी डील
यह अधिग्रहण अभी अंतिम रूप से पूरा नहीं हुआ है। इसे पूरा होने में लगभग 8 महीने का समय लग सकता है।
डील के लिए जरूरी मंजूरियां:
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की अनुमति
- अन्य नियामकीय मंजूरी
- आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं
पूरी होने के बाद योगक्षेमम लोन्स, टाटा कैपिटल की सहायक कंपनी बन जाएगी।
योगक्षेमम लोन्स का वित्तीय प्रदर्शन
कंपनी का कारोबार पिछले वर्षों में लगातार बढ़ा है।
| वित्त वर्ष | टर्नओवर |
|---|---|
| 2023-24 | ₹116.22 करोड़ |
| 2024-25 | ₹129.96 करोड़ |
| 2025-26 | ₹140.38 करोड़ |
आंकड़े बताते हैं कि कंपनी ने अपने कारोबार में धीरे-धीरे विस्तार किया है।
मुथूट और मनप्पुरम के लिए बढ़ेगी चुनौती
गोल्ड लोन बाजार में अभी कुछ चुनिंदा कंपनियों का दबदबा है। खासतौर पर मुथूट फाइनेंस और मनप्पुरम फाइनेंस इस क्षेत्र के बड़े नाम हैं।
टाटा ग्रुप की मजबूत ब्रांड वैल्यू, बड़ा ग्राहक आधार और वित्तीय क्षमता इस बाजार में नई प्रतिस्पर्धा पैदा कर सकती है।
टाटा कैपिटल पहले से ही होम लोन, बिजनेस लोन, कंज्यूमर लोन और अन्य वित्तीय सेवाओं में सक्रिय है। गोल्ड लोन जोड़ने से कंपनी का रिटेल फाइनेंस पोर्टफोलियो और बड़ा हो जाएगा।
टाटा कैपिटल शेयर में दिखी हल्की कमजोरी
गोल्ड लोन कारोबार में एंट्री की खबर के बावजूद शेयर बाजार में टाटा कैपिटल के शेयर में हल्की गिरावट देखने को मिली।
करीब सुबह 10:15 बजे कंपनी का शेयर 0.64% गिरकर ₹358.15 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
हालांकि, निवेशकों की नजर अब कंपनी की भविष्य की ग्रोथ रणनीति और नए बिजनेस से मिलने वाले संभावित फायदे पर बनी हुई है।
निष्कर्ष
टाटा कैपिटल का गोल्ड लोन सेक्टर में प्रवेश भारतीय फाइनेंस इंडस्ट्री में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। योगक्षेमम लोन्स का अधिग्रहण टाटा ग्रुप को तेजी से बढ़ते गोल्ड लोन बाजार में मजबूत आधार दे सकता है।
जहां मुथूट फाइनेंस और मनप्पुरम फाइनेंस जैसे दिग्गज पहले से मौजूद हैं, वहीं टाटा की एंट्री से ग्राहकों के लिए विकल्प बढ़ेंगे और सेक्टर में प्रतिस्पर्धा तेज होगी।
डिस्क्लेमर: इस लेख में शेयर बाजार और कंपनियों से जुड़ी जानकारी दी गई है। यह निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


