भारतीय शेयर बाजार में 4 नवंबर 2026 को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी जारी रही। मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए। कारोबार के दौरान निवेशकों की खरीदारी से निफ्टी 23,960 के स्तर के पार पहुंच गया, जबकि सेंसेक्स भी 77,300 के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा। हालांकि, ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली और कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण बाजार की शुरुआती तेजी कुछ कम हो गई।
कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 383.55 अंक यानी 0.50 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,301.40 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 149.75 अंक यानी 0.63 प्रतिशत चढ़कर 23,960.60 के स्तर पर पहुंच गया। इस तेजी के साथ दोनों प्रमुख सूचकांकों ने लगातार पांचवें दिन बढ़त दर्ज की।
Highlights: शेयर बाजार की 5 बड़ी बातें
- सेंसेक्स 383.55 अंक बढ़कर 77,301.40 पर बंद हुआ।
- निफ्टी में 149.75 अंकों की तेजी आई और यह 23,960.60 पर पहुंचा।
- मीडिया सेक्टर में सबसे ज्यादा 5 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
- मेटल और रियल्टी इंडेक्स 2-2 प्रतिशत चढ़े।
- आईटी इंडेक्स में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को खरीदारी का माहौल बना रहा। बाजार के प्रमुख सूचकांकों में लगातार पांचवें कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली। निवेशकों ने खासतौर पर मीडिया, मेटल और रियल्टी कंपनियों के शेयरों में दिलचस्पी दिखाई। इसके अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी दर्ज की गई।
हालांकि, आईटी शेयरों में कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों ने बाजार की तेजी को सीमित किया। पिछले चार कारोबारी सत्रों में बाजार में करीब 5 प्रतिशत की बढ़त के बाद कुछ निवेशकों ने मुनाफावसूली भी की।
किन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी और गिरावट रही?
निफ्टी 50 के शेयरों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टाइटन कंपनी, अदाणी एंटरप्राइजेज, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और मैक्स हेल्थकेयर में सबसे ज्यादा मजबूती देखने को मिली। इन कंपनियों के शेयरों में खरीदारी के कारण बाजार को ऊपर जाने में मदद मिली।
दूसरी तरफ, आईटी सेक्टर की प्रमुख कंपनियों टीसीएस, इंफोसिस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा कोल इंडिया और एटरनल के शेयर भी कमजोरी के साथ बंद हुए।
इस तरह बाजार में तेजी के बावजूद सभी सेक्टर और शेयरों में एक जैसी खरीदारी देखने को नहीं मिली। खासतौर पर आईटी कंपनियों पर वैश्विक टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी का असर दिखाई दिया।
Media और Metal सेक्टर में सबसे ज्यादा तेजी
सेक्टर के हिसाब से देखें तो मंगलवार को मीडिया इंडेक्स सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। इसमें करीब 5 प्रतिशत की जोरदार बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा मेटल और रियल्टी इंडेक्स में लगभग 2-2 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली।
कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एनर्जी और एफएमसीजी इंडेक्स भी करीब 1-1 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। इन सेक्टरों में खरीदारी ने बाजार की मजबूती को समर्थन दिया।
हालांकि, आईटी इंडेक्स में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट आई। वैश्विक टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े निवेश पर उठ रहे सवालों का असर इस सेक्टर पर देखने को मिला।
Midcap और Smallcap शेयरों में भी खरीदारी
मंगलवार के कारोबार में केवल बड़ी कंपनियों के शेयरों में ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी निवेशकों ने खरीदारी की।
निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 1.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में लगभग 1.8 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में तेजी का दायरा बड़े शेयरों के साथ छोटी और मध्यम आकार की कंपनियों तक भी फैला रहा।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में आई खरीदारी को घरेलू बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। हालांकि, इन शेयरों में उतार-चढ़ाव का जोखिम भी अपेक्षाकृत अधिक रहता है।
लगातार पांच दिन की तेजी के बाद क्यों हुई मुनाफावसूली?
बाजार में लगातार पांच कारोबारी सत्रों से तेजी जारी है। पिछले चार सत्रों में सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग 5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई थी। पिछले कारोबारी सत्र में दोनों सूचकांक करीब दो महीने के उच्चतम स्तर पर भी पहुंचे थे।
ऐसे में मंगलवार को निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर कुछ शेयरों में मुनाफावसूली की। जब किसी शेयर या इंडेक्स में लगातार तेजी आती है, तो कई निवेशक अपने मुनाफे को सुरक्षित करने के लिए बिकवाली करते हैं। इसका असर बाजार की आगे की तेजी पर पड़ सकता है।
कमजोर वैश्विक संकेतों ने बढ़ाई चिंता
भारतीय बाजार पर अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों की कमजोरी का भी असर देखने को मिला। एशियाई बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। खासतौर पर टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI पर कंपनियों की ओर से किए जा रहे भारी निवेश को लेकर बाजार में सवाल उठ रहे हैं। निवेशक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि AI से जुड़ी कंपनियों का मौजूदा निवेश भविष्य में कितना मुनाफा दे पाएगा।
इसी चिंता के कारण वैश्विक टेक्नोलॉजी शेयरों में दबाव देखने को मिला, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा। भारतीय बाजार में आईटी शेयरों की गिरावट को भी इसी व्यापक वैश्विक माहौल से जोड़कर देखा जा रहा है।
अमेरिकी मध्यावधि चुनावों पर भी निवेशकों की नजर
अमेरिका में मध्यावधि चुनावों को लेकर भी वैश्विक निवेशकों की नजर बनी हुई है। चुनावों से जुड़े राजनीतिक समीकरण और संभावित नीतिगत बदलाव बाजार की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं।
अमेरिकी राजनीति में डेमोक्रेटिक पार्टी की संभावित मजबूती को लेकर कुछ निवेशकों के बीच टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियों पर नियामकीय सख्ती बढ़ने की आशंका है। यदि AI कंपनियों पर रेगुलेटरी जांच और नियमों का दबाव बढ़ता है, तो इसका असर इन कंपनियों के कारोबार और भविष्य की योजनाओं पर पड़ सकता है।
इसके अलावा AI कंपनियों के बड़े निवेश से मिलने वाले संभावित रिटर्न को लेकर पहले से ही बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में अमेरिकी चुनावों से जुड़ी खबरें वैश्विक टेक्नोलॉजी शेयरों और निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकती हैं।
आगे बाजार की दिशा किन बातों पर निर्भर करेगी?
आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक बाजारों के रुख, अमेरिकी राजनीतिक घटनाक्रम, आईटी कंपनियों के प्रदर्शन और घरेलू स्तर पर शेयरों में खरीदारी की स्थिति पर रहेगी।
लगातार पांच दिनों की तेजी के बाद बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। वहीं, मीडिया, मेटल, रियल्टी और मिडकैप शेयरों में खरीदारी जारी रहती है तो बाजार को समर्थन मिल सकता है।
कुल मिलाकर 4 नवंबर को भारतीय शेयर बाजार ने लगातार पांचवें दिन बढ़त दर्ज कर अपनी मजबूती दिखाई। हालांकि, वैश्विक अनिश्चितता और ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली के कारण आगे भी बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में शेयर बाजार से जुड़ी जानकारी दी गई है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम क्षमता का आकलन करें तथा प्रमाणित निवेश सलाहकार से परामर्श जरूर लें।


