HDB Financial Services Share Price: HDB Financial Services के शेयरों में गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को जोरदार तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान शेयर करीब 4.5% तक चढ़कर ₹712.25 के हाई स्तर पर पहुंच गया। शेयर में यह तेजी ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली के सकारात्मक रुख के बाद आई है। ब्रोकरेज ने कंपनी के शेयर की रेटिंग को अपग्रेड करते हुए ‘ओवरवेट’ कर दिया है। इसके साथ ही शेयर का टारगेट प्राइस भी बढ़ाकर ₹850 प्रति शेयर कर दिया गया है।
मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि हाल की गिरावट के बाद HDB Financial Services का वैल्यूएशन अब आकर्षक स्तर पर आ गया है। ब्रोकरेज को कंपनी के शेयर में आगे अच्छी तेजी की संभावना नजर आ रही है। जून 2026 तिमाही में कंपनी की एसेट क्वालिटी में सुधार और मुनाफे में मजबूत बढ़ोतरी ने भी ब्रोकरेज के भरोसे को बढ़ाया है।
मॉर्गन स्टेनली ने क्यों बढ़ाया भरोसा?
मॉर्गन स्टेनली के मुताबिक, HDB Financial Services के शेयर में हाल में आई कमजोरी ने वैल्यूएशन को ज्यादा आकर्षक बना दिया है। इसके अलावा कंपनी के कारोबार के कई प्रमुख संकेतकों में सुधार देखने को मिला है।
खास तौर पर जून 2026 तिमाही में एसेट क्वालिटी में सुधार, मजबूत मुनाफा और नेट इंटरेस्ट इनकम में बढ़ोतरी कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत हैं। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में लोन ग्रोथ और रिटर्न रेशियो में भी सुधार जारी रह सकता है।
मॉर्गन स्टेनली ने शेयर के लिए पहले की तुलना में ज्यादा सकारात्मक रुख अपनाते हुए रेटिंग को ‘ओवरवेट’ कर दिया है। साथ ही टारगेट प्राइस ₹850 कर दिया गया है। मौजूदा स्तर से देखें तो यह टारगेट शेयर में आगे की संभावित तेजी की ओर इशारा करता है।
जून तिमाही में रिकॉर्ड मुनाफा
HDB Financial Services ने जून 2026 तिमाही में अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही मुनाफा दर्ज किया। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹785 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 38.3% अधिक है।
कंपनी की शुद्ध ब्याज आय यानी NII (Net Interest Income) भी मजबूत रही। जून तिमाही में NII सालाना आधार पर करीब 20% बढ़कर ₹2,509 करोड़ पहुंच गई।
NBFC कारोबार में NII बेहद महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है, क्योंकि इससे कंपनी की ब्याज से होने वाली कमाई और फंडिंग लागत के बीच का प्रदर्शन समझने में मदद मिलती है। HDB Financial Services के मामले में NII में मजबूत वृद्धि कंपनी के मुख्य कारोबार की बेहतर स्थिति को दर्शाती है।
एसेट क्वालिटी में भी सुधार
कंपनी की एसेट क्वालिटी में भी जून तिमाही के दौरान सुधार देखने को मिला। ग्रॉस NPA रेशियो घटकर 2.34% पर आ गया, जबकि जून 2025 तिमाही में यह 2.56% था।
इसी तरह कंपनी का नेट NPA रेशियो 1.04% रहा। एक साल पहले की समान तिमाही में यह 1.11% था।
NPA में कमी NBFC के लिए सकारात्मक संकेत मानी जाती है, क्योंकि इससे लोन पोर्टफोलियो की गुणवत्ता और संभावित क्रेडिट लागत पर दबाव को समझने में मदद मिलती है। HDB Financial Services के मामले में ग्रॉस और नेट दोनों NPA रेशियो में सुधार हुआ है।
ROE में भी बड़े सुधार की उम्मीद
मॉर्गन स्टेनली को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में HDB Financial Services का Return on Equity (ROE) लगातार बेहतर हो सकता है।
ब्रोकरेज के अनुमान के मुताबिक, कंपनी का ROE वित्त वर्ष 2026 में करीब 14% से बढ़कर वित्त वर्ष 2029 तक 16.8% हो सकता है।
ROE यह बताता है कि कंपनी अपने शेयरधारकों की पूंजी का इस्तेमाल करके कितना रिटर्न पैदा कर रही है। इसलिए ROE में लगातार सुधार कंपनी की लाभप्रदता और पूंजी के बेहतर इस्तेमाल का संकेत हो सकता है।
इसके अलावा मॉर्गन स्टेनली को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2029 के बीच कंपनी की EPS CAGR करीब 26% रह सकती है। अगर यह अनुमान सही साबित होता है, तो आने वाले वर्षों में कंपनी की प्रति शेयर कमाई में मजबूत वृद्धि देखने को मिल सकती है।
17 एनालिस्ट्स में से 10 ने दी ‘Buy’ रेटिंग
HDB Financial Services को कवर करने वाले एनालिस्ट्स का रुख भी पूरी तरह नकारात्मक नहीं है। उपलब्ध एनालिस्ट कवरेज के मुताबिक, कंपनी के शेयर को कवर करने वाले 17 एनालिस्ट्स में से 10 ने ‘Buy’ रेटिंग दी है।
वहीं, 5 एनालिस्ट्स ने ‘Hold’ और 2 ने ‘Sell’ रेटिंग दी है।
इससे संकेत मिलता है कि एनालिस्ट्स के बीच कंपनी को लेकर सकारात्मक राय रखने वालों की संख्या ज्यादा है। हालांकि, निवेशकों को केवल एनालिस्ट रेटिंग के आधार पर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। कंपनी की वैल्यूएशन, लोन ग्रोथ, क्रेडिट कॉस्ट, ब्याज मार्जिन और व्यापक बाजार की स्थिति भी शेयर के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है।
दूसरी तिमाही से लोन ग्रोथ में तेजी की उम्मीद
HDB Financial Services के मैनेजमेंट को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानी जुलाई-सितंबर 2026 से कारोबार की रफ्तार में सुधार देखने को मिल सकता है।
कंपनी धीरे-धीरे करीब 18% लोन ग्रोथ के स्तर पर वापस आने की उम्मीद कर रही है। मैनेजमेंट के मुताबिक बिजनेस लोन ग्रोथ दूसरी तिमाही से मजबूत हो सकती है और तीसरी तिमाही में इसमें और तेजी आने की संभावना है।
यह कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि लोन बुक में तेजी आने से ब्याज आय और कुल कारोबार को सपोर्ट मिल सकता है।
गोल्ड लोन में ग्रोथ की गुंजाइश
कंपनी को अपने गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में भी विस्तार की अच्छी संभावनाएं नजर आ रही हैं। गोल्ड लोन कारोबार में मांग बढ़ने पर कंपनी के लिए लोन बुक को तेजी से बढ़ाने का अवसर बन सकता है।
इसके अलावा कंपनी को उम्मीद है कि उसका नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 8% से ऊपर बना रह सकता है। दूसरी तिमाही में फंड की लागत के मोटे तौर पर स्थिर रहने की उम्मीद है।
अगर फंडिंग कॉस्ट नियंत्रण में रहती है और लोन ग्रोथ में तेजी आती है, तो कंपनी के मार्जिन और मुनाफे को आगे सपोर्ट मिल सकता है।
जुलाई 2025 में हुई थी शेयर बाजार में लिस्टिंग
HDB Financial Services ने जुलाई 2025 में शेयर बाजार में लिस्टिंग की थी। कंपनी का IPO करीब ₹12,500 करोड़ का था।
लिस्टिंग के बाद से शेयर बाजार में कंपनी के प्रदर्शन पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप करीब ₹57,800 करोड़ से ज्यादा बताया गया है। शेयर की फेस वैल्यू ₹10 है और कंपनी BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है।
हालांकि, हालिया तेजी के बावजूद शेयर का प्रदर्शन एक साल की अवधि में कमजोर रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, HDB Financial Services का शेयर एक साल में करीब 11% नीचे आया है। ऐसे में मॉर्गन स्टेनली का नया टारगेट और रेटिंग अपग्रेड निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
क्या ₹850 तक जा सकता है HDB Financial Services का शेयर?
मॉर्गन स्टेनली के ₹850 के टारगेट प्राइस को मौजूदा शेयर भाव के मुकाबले संभावित तेजी के संकेत के तौर पर देखा जा सकता है। ब्रोकरेज का मानना है कि हाल की गिरावट के बाद स्टॉक का वैल्यूएशन आकर्षक हुआ है और कंपनी की बेहतर एसेट क्वालिटी, मजबूत कमाई तथा आने वाले वर्षों में ROE और EPS में संभावित वृद्धि इसके लिए सकारात्मक ट्रिगर हो सकते हैं।
हालांकि, शेयर बाजार में किसी भी टारगेट प्राइस की कोई गारंटी नहीं होती। HDB Financial Services के शेयर पर लोन ग्रोथ, ब्याज दरों, क्रेडिट कॉस्ट, NPA, फंडिंग लागत और पूरे वित्तीय क्षेत्र के प्रदर्शन का असर पड़ सकता है। इसलिए निवेशकों को ब्रोकरेज के टारगेट को निश्चित रिटर्न के रूप में नहीं देखना चाहिए।
निष्कर्ष
HDB Financial Services के शेयरों में 20 अगस्त को आई तेजी के पीछे मॉर्गन स्टेनली का रेटिंग अपग्रेड और ₹850 का नया टारगेट प्राइस प्रमुख वजह रहा। जून 2026 तिमाही में रिकॉर्ड ₹785 करोड़ का मुनाफा, NII में 20% वृद्धि और NPA में सुधार कंपनी के लिए मजबूत संकेत हैं।
आगे कंपनी के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीजें लोन ग्रोथ में वापसी, 8% से ऊपर NIM बनाए रखना, एसेट क्वालिटी और ROE में सुधार होंगी। यदि कंपनी मैनेजमेंट के अनुमान के मुताबिक कारोबार की रफ्तार बढ़ाने में सफल रहती है, तो लंबी अवधि में शेयर के प्रदर्शन को सपोर्ट मिल सकता है।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध बाजार जानकारी और ब्रोकरेज के अनुमान पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी को निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम क्षमता और प्रमाणित वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
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