नई दिल्ली: SpiceJet की एक फ्लाइट के दो घंटे से अधिक लेट होने पर सोमवार को लेह एयरपोर्ट पर यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा। दिल्ली जाने के लिए घंटों इंतजार कर रहे यात्रियों ने एयरलाइन स्टाफ पर नागरिक उड्डयन नियमों के बावजूद रिफ्रेशमेंट उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया। इस दौरान एयरपोर्ट पर तीखी बहस भी हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मामला लेह स्थित Kushok Bakula Rimpochee Airport का है, जहां स्पाइसजेट की फ्लाइट SG126 को सोमवार सुबह 10:50 बजे दिल्ली के लिए उड़ान भरनी थी। लेकिन दिल्ली से आने वाली इसी विमान सेवा में देरी होने के कारण पूरी शेड्यूलिंग प्रभावित हो गई और यात्री लंबे समय तक एयरपोर्ट पर फंसे रहे।
कैसे बढ़ा विवाद?
जानकारी के मुताबिक, शुरुआत में एयरलाइन स्टाफ ने यात्रियों को बताया कि फ्लाइट दो घंटे से ज्यादा लेट नहीं होगी। इसी वजह से रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था नहीं की गई। लेकिन जैसे-जैसे देरी बढ़ती गई, यात्रियों का धैर्य जवाब देने लगा।
लेह हवाई अड्डे पर स्पाइस जेट के ग्राउंड स्टाफ फ्लाइट #SG126 के यात्रियों को जलपान देने से इनकार किया। फ्लाइट में 2 घंटे से अधिक की देरी हो चुकी है। यह DGCA के यात्री चार्टर नियमों का सीधा उल्लंघन है।#Airlines #SpiceJet #Flight pic.twitter.com/YKbTN2X4AG
— NBT Hindi News (@NavbharatTimes) May 25, 2026 वायरल वीडियो में यात्री स्टाफ से पूछते दिखाई दे रहे हैं:
“अब तो फ्लाइट दो घंटे से ज्यादा लेट हो चुकी है, क्या हमें रिफ्रेशमेंट मिलेगा या नहीं?”
हालांकि स्टाफ की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। बाद में एयरलाइन कर्मचारियों ने कहा कि फिलहाल एयरपोर्ट पर उनके पास रिफ्रेशमेंट का स्टॉक उपलब्ध नहीं है और बाहर से सामान मंगाया जा रहा है।
यात्रियों ने उठाए सवाल
यात्रियों ने एयरलाइन के रवैये पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जब उन्होंने 13-14 हजार रुपये तक का टिकट खरीदा है, तो एयरलाइन तत्काल एयरपोर्ट के भीतर मौजूद आउटलेट्स से खाना या स्नैक्स खरीदकर क्यों नहीं दे सकती।
कई यात्रियों ने आरोप लगाया कि एयरलाइन केवल तकनीकी बहाने बना रही है, जबकि यात्रियों की बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है।
एयरलाइन ने क्या सफाई दी?
स्टाफ ने यात्रियों को समझाने की कोशिश करते हुए कहा कि एयरपोर्ट के भीतर बाहर से आने वाले खाद्य पदार्थों को सुरक्षा जांच और डबल स्क्रीनिंग से गुजरना पड़ता है। इसी प्रक्रिया के कारण तुरंत रिफ्रेशमेंट उपलब्ध कराना संभव नहीं हो पा रहा है। हालांकि यात्रियों का कहना था कि एयरपोर्ट परिसर के अंदर पहले से मौजूद फूड आउटलेट्स से सामान खरीदकर दिया जा सकता था।
कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने की चिंता
मामला सिर्फ जलपान तक सीमित नहीं था। कई यात्रियों की दिल्ली पहुंचने के बाद आगे की कनेक्टिंग फ्लाइट्स भी थीं। फ्लाइट में लगातार बढ़ती देरी के कारण उन्हें अगली उड़ान छूटने और आर्थिक नुकसान होने की चिंता सताने लगी।
कुछ यात्रियों ने कहा कि अगर उनकी अगली फ्लाइट मिस होती है, तो होटल, टिकट और दूसरे खर्चों का नुकसान भी उन्हें उठाना पड़ सकता है।
DGCA नियम क्या कहते हैं?
भारत में उड़ानों में देरी की स्थिति में एयरलाइंस के लिए कुछ जिम्मेदारियां तय हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के दिशा-निर्देशों के अनुसार दो घंटे या उससे अधिक की देरी होने पर यात्रियों को रिफ्रेशमेंट उपलब्ध कराया जाना चाहिए। लंबी देरी की स्थिति में भोजन और होटल व्यवस्था भी एयरलाइन की जिम्मेदारी हो सकती है। यदि देरी के कारण कनेक्टिंग फ्लाइट प्रभावित होती है, तो कुछ मामलों में यात्रियों को मुआवजा या वैकल्पिक व्यवस्था भी मिल सकती है।
हालांकि यह नियम देरी के कारण, उड़ान दूरी और परिस्थितियों पर भी निर्भर करते हैं।
सोशल मीडिया पर भी उठे सवाल
इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भी कई यूजर्स ने एयरलाइंस की सेवाओं पर सवाल उठाए। कुछ लोगों ने कहा कि भारत में एयर ट्रैवल लगातार महंगा होता जा रहा है, लेकिन यात्रियों को बेसिक सुविधाएं तक समय पर नहीं मिल पातीं।
वहीं कुछ यूजर्स ने एयरलाइन के पक्ष में यह भी कहा कि खराब मौसम और एयर ट्रैफिक जैसी परिस्थितियों में देरी होना सामान्य है, लेकिन यात्रियों को समय पर सही जानकारी देना जरूरी है।
अभी तक नहीं आया आधिकारिक बयान
दोपहर 1 बजे तक SpiceJet की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और यात्रियों की शिकायतें चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
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