नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग ने दुनिया भर में सेमीकंडक्टर उद्योग की तस्वीर बदल दी है, लेकिन इसका सबसे बड़ा फायदा अगर किसी देश को मिला है तो वह दक्षिण कोरिया है। सेमीकंडक्टर चिप्स की वैश्विक मांग में आई तेजी के दम पर दक्षिण कोरिया ने आर्थिक मोर्चे पर ऐसा प्रदर्शन किया है जिसने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस साल उसका शेयर बाजार दुनिया का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला प्रमुख बाजार बन गया है, जबकि देश की अर्थव्यवस्था ने भी तीन दशक की सबसे तेज रफ्तार दर्ज की है।
दक्षिण कोरिया की पहली तिमाही की नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ सालाना आधार पर 17.1 फीसदी रही, जो पिछले 30 वर्षों में सबसे अधिक मानी जा रही है। इसके साथ ही देश की रियल जीडीपी ग्रोथ तिमाही आधार पर 1.8 फीसदी बढ़ी, जो 2020 के बाद सबसे मजबूत प्रदर्शन है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस उछाल के पीछे सबसे बड़ा योगदान सेमीकंडक्टर निर्यात और तकनीकी निवेश का रहा है।
सेमीकंडक्टर सेक्टर बना आर्थिक इंजन
दक्षिण कोरिया लंबे समय से दुनिया के सबसे बड़े चिप उत्पादक देशों में शामिल रहा है, लेकिन AI क्रांति ने उसकी स्थिति को और मजबूत कर दिया है। AI मॉडल, डेटा सेंटर, क्लाउड कंप्यूटिंग और हाई-परफॉर्मेंस सर्वर के लिए इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिप्स की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है।
पहली तिमाही के दौरान देश के कुल निर्यात में 5.9 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसमें सबसे बड़ा योगदान सेमीकंडक्टर और आईटी उत्पादों का रहा। इसी अवधि में आईसीटी और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 15.4 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि पूंजीगत निवेश में 6.6 फीसदी का उछाल देखा गया।
विश्लेषकों का कहना है कि दुनिया भर में AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की होड़ के कारण हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) और एडवांस्ड चिप्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। दक्षिण कोरिया की कंपनियां इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी हैं और यही देश की आर्थिक मजबूती का आधार बन रहा है।
AI बूम ने बदल दी शेयर बाजार की तस्वीर
दक्षिण कोरिया का प्रमुख शेयर सूचकांक KOSPI इस साल दुनिया के सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रमुख इंडेक्स में शामिल हो गया है। वर्ष 2026 में अब तक इसमें करीब 95 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है।
बाजार में इस उछाल का सबसे बड़ा कारण तकनीकी और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में आई जबरदस्त तेजी है। AI सेक्टर में निवेश बढ़ने के साथ निवेशकों का भरोसा दक्षिण कोरियाई टेक कंपनियों पर और मजबूत हुआ है।
विदेशी निवेशकों ने भी दक्षिण कोरिया के बाजार में बड़ी मात्रा में पूंजी लगाई है। इससे बाजार पूंजीकरण में रिकॉर्ड वृद्धि हुई और देश ने वैश्विक रैंकिंग में कई बड़े देशों को पीछे छोड़ दिया।
भारत को पछाड़कर बना दुनिया का छठा सबसे बड़ा शेयर बाजार
हाल ही में दक्षिण कोरिया ने बाजार पूंजीकरण के आधार पर भारत को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का छठा सबसे बड़ा शेयर बाजार बनने का मुकाम हासिल किया। इससे पहले वह कनाडा, जर्मनी, फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम जैसे विकसित देशों के बाजारों को भी पीछे छोड़ चुका था।
यह उपलब्धि केवल शेयर कीमतों में तेजी का नतीजा नहीं है बल्कि इसके पीछे मजबूत कॉरपोरेट प्रदर्शन, निर्यात वृद्धि और तकनीकी क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व भी शामिल है। AI और चिप निर्माण से जुड़ी कंपनियों में निवेशकों का बढ़ता भरोसा लगातार बाजार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक AI निवेश का मौजूदा ट्रेंड जारी रहता है तो दक्षिण कोरिया आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूत स्थिति में पहुंच सकता है।
Samsung और SK Hynix ने निभाई अहम भूमिका
दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार की सफलता के पीछे दो कंपनियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है—Samsung Electronics और SK Hynix।
दोनों कंपनियां दुनिया की सबसे बड़ी मेमोरी चिप निर्माता कंपनियों में शामिल हैं। AI डेटा सेंटरों में इस्तेमाल होने वाली हाई-बैंडविड्थ मेमोरी चिप्स की बढ़ती मांग से इन कंपनियों की आय और बाजार मूल्य में तेज बढ़ोतरी हुई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक पहुंच चुका है। वैश्विक टेक कंपनियों द्वारा AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च का सीधा फायदा इन्हें मिल रहा है।
एशिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
दक्षिण कोरिया की नॉमिनल जीडीपी लगभग 1.93 ट्रिलियन डॉलर है। इस आधार पर यह एशिया की चौथी सबसे बड़ी और दुनिया की 15वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। देश की प्रति व्यक्ति आय करीब 37,410 डॉलर है, जो कई विकसित देशों के बराबर मानी जाती है।
उच्च तकनीकी क्षमता, मजबूत विनिर्माण क्षेत्र, विकसित निर्यात नेटवर्क और अनुसंधान एवं विकास पर भारी निवेश ने दक्षिण कोरिया को वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक मजबूत स्थान दिलाया है।
देश की सरकार भी सेमीकंडक्टर उद्योग को रणनीतिक क्षेत्र मानते हुए लगातार निवेश और प्रोत्साहन योजनाएं लागू कर रही है। इसका फायदा आने वाले वर्षों में भी आर्थिक वृद्धि के रूप में देखने को मिल सकता है।
भारत के लिए क्या है सबक?
दक्षिण कोरिया की सफलता यह दिखाती है कि हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च आधारित उद्योग किसी भी देश की आर्थिक तस्वीर बदल सकते हैं। भारत भी सेमीकंडक्टर मिशन के तहत बड़े निवेश आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है और कई वैश्विक कंपनियां देश में चिप निर्माण इकाइयां स्थापित करने की योजना पर काम कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत डिजाइन, निर्माण और सप्लाई चेन के पूरे इकोसिस्टम को विकसित करने में सफल रहता है तो वह भी आने वाले वर्षों में सेमीकंडक्टर क्षेत्र से बड़ा आर्थिक लाभ हासिल कर सकता है।
निष्कर्ष
दक्षिण कोरिया की हालिया आर्थिक सफलता इस बात का उदाहरण है कि तकनीक आधारित उद्योग किस तरह किसी देश की विकास यात्रा को नई दिशा दे सकते हैं। AI क्रांति के दौर में सेमीकंडक्टर चिप्स की बढ़ती मांग ने दक्षिण कोरिया को न केवल रिकॉर्ड आर्थिक वृद्धि दिलाई है बल्कि उसे दुनिया के सबसे मजबूत शेयर बाजारों में भी शामिल कर दिया है। Samsung और SK Hynix जैसी कंपनियों की अगुवाई में देश ने 30 साल की सबसे तेज आर्थिक छलांग लगाई है और फिलहाल उसकी विकास यात्रा रुकती नजर नहीं आ रही।

