Sonam Wangchuk Protest Video: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक को शनिवार तड़के पुलिस द्वारा सफदरजंग अस्पताल ले जाने के बाद विवाद और गहरा गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि पुलिस वांगचुक को जबरन घसीटते हुए प्रदर्शन स्थल से ले गई। इस बीच उनकी पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने अस्पताल पहुंचकर पुलिस और प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है।
वायरल वीडियो को लेकर क्या है दावा?
🚨Delhi Police has picked up Sonam Wangchuk forcefully! WATCH! pic.twitter.com/AlSSRf77vS
— Saurav Das (@SauravDassss) July 18, 2026 कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है। वीडियो में पुलिसकर्मी प्रदर्शन स्थल से सोनम वांगचुक को उठाकर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। पार्टी के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने उनकी इच्छा के विरुद्ध उन्हें जबरन हटाया और घसीटते हुए अस्पताल पहुंचाया।
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, पुलिस कार्रवाई के तुरंत बाद प्रदर्शनकारियों ने मौके पर नारेबाजी की और आरोप लगाया कि प्रशासन ने बलपूर्वक कार्रवाई की।
हालांकि, दिल्ली पुलिस की ओर से इस आरोप पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई अदालत के निर्देशों और वांगचुक की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए की गई।
पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने क्या कहा?
#WATCH | Delhi: Founding President of the Cockroach Janta Party, Abhijeet Dipke, says, "I am commencing my indefinite hunger strike starting today. I appeal to everyone: do not back down; this movement will only grow larger. They have made a grave mistake… I urge everyone to… pic.twitter.com/iCoB6jSOHQ
— ANI (@ANI) July 18, 2026 सफदरजंग अस्पताल पहुंचने के बाद सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि वह अस्पताल में मौजूद हैं और बिना उनकी, परिवार की तथा पिछले 20 दिनों से स्वास्थ्य पर नजर रखने वाले डॉक्टरों की सहमति के वांगचुक को मुंह या नस के जरिए कुछ भी न दिया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी सेहत के साथ कोई भी अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए सीधे तौर पर पुलिस और प्रशासन जिम्मेदार होंगे।
डॉक्टरों ने जारी किया हेल्थ अपडेट
सफदरजंग अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सोनम वांगचुक फिलहाल होश में हैं और उनकी हालत स्थिर है।
डॉक्टरों ने बताया कि:
- लगातार 21 दिनों के उपवास के कारण शरीर में पानी की गंभीर कमी हो गई है।
- अत्यधिक कमजोरी के चलते उन्हें लगातार चिकित्सकीय निगरानी की जरूरत है।
- शरीर के जरूरी मानकों को सामान्य करने के लिए अस्पताल में इलाज जारी रहेगा।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुई कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल शिफ्ट करने का निर्णय दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद लिया गया।
हाल ही में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा था कि “देश के किसी भी नागरिक का जीवन अत्यंत महत्वपूर्ण है।” अदालत ने प्रशासन को निर्देश दिया था कि सोनम वांगचुक की रोजाना मेडिकल जांच की जाए और जरूरत पड़ने पर आवश्यक चिकित्सकीय हस्तक्षेप सुनिश्चित किया जाए।
इसी आदेश के अनुपालन में शनिवार तड़के पुलिस जंतर-मंतर पहुंची और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
आंदोलन जारी रहेगा
सोनम वांगचुक को अस्पताल भेजे जाने के बावजूद आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने घोषणा की है कि अब वह स्वयं अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को संसद की ओर प्रस्तावित विरोध मार्च भी तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किया जाएगा।
क्या है पूरा विवाद?
सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों से जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान उनकी स्वास्थ्य स्थिति लगातार कमजोर होती गई। अदालत ने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन को जरूरी मेडिकल कदम उठाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन कार्रवाई के तरीके को लेकर अब राजनीतिक और सामाजिक विवाद तेज हो गया है।
निष्कर्ष
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। एक ओर प्रदर्शनकारी पुलिस पर जबरन कार्रवाई का आरोप लगा रहे हैं, वहीं प्रशासन का कहना है कि यह कदम हाईकोर्ट के आदेश और वांगचुक की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उठाया गया। मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ सकता है।


