Siemens Energy Stock Outlook: सीमेंस एनर्जी इंडिया के शेयर को लेकर ब्रोकरेज फर्मों का रुख सकारात्मक बना हुआ है। कंपनी के अप्रैल-जून 2026 तिमाही के मजबूत नतीजों के बाद मोतीलाल ओसवाल और नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने शेयर पर अपनी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। दोनों ब्रोकरेज हाउस ने कंपनी के कारोबार, ऑर्डर बुक और आने वाले वर्षों की ग्रोथ संभावनाओं को देखते हुए शेयर में आगे तेजी की गुंजाइश जताई है।
मोतीलाल ओसवाल ने सीमेंस एनर्जी इंडिया के शेयर का टारगेट प्राइस 3,950 रुपये से बढ़ाकर 4,100 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। वहीं नुवामा ने 4,200 रुपये प्रति शेयर का टारगेट बरकरार रखा है। कंपनी का शेयर BSE पर 3,648.75 रुपये के स्तर पर था। इस भाव की तुलना में नुवामा का टारगेट करीब 15 प्रतिशत की संभावित तेजी का संकेत देता है।
जून तिमाही में मुनाफा 68% बढ़ा
सीमेंस एनर्जी इंडिया ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन किया। कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 67.8 प्रतिशत बढ़कर 440.9 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा इससे काफी कम था।
कंपनी के ऑपरेशंस से रेवेन्यू में भी अच्छी वृद्धि देखने को मिली। जून तिमाही में ऑपरेशंस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 39.3 प्रतिशत बढ़कर 2,485.6 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान कंपनी का कुल खर्च 1,949.5 करोड़ रुपये रहा।
सीमेंस एनर्जी इंडिया का वित्त वर्ष अक्टूबर से सितंबर तक चलता है। इसलिए अप्रैल-जून की अवधि कंपनी के वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही है।
EBITDA और मार्जिन में भी मजबूत सुधार
कंपनी की कमाई की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला है। जून 2026 तिमाही में Siemens Energy India का EBITDA सालाना आधार पर 72.1 प्रतिशत बढ़कर 585.7 करोड़ रुपये हो गया।
इसी के साथ कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन भी बेहतर हुआ और यह 23.6 प्रतिशत पर पहुंच गया। मुनाफे और मार्जिन में सुधार को कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, क्योंकि इससे संकेत मिलता है कि मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ के साथ कंपनी अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी में भी सुधार कर रही है।
ऑर्डर बैकलॉग 19,331 करोड़ रुपये
सीमेंस एनर्जी इंडिया के भविष्य के कारोबार के लिहाज से उसकी मजबूत ऑर्डर बुक एक महत्वपूर्ण पहलू है। 30 जून 2026 तक कंपनी का ऑर्डर बैकलॉग करीब 19,331 करोड़ रुपये था।
जून तिमाही के दौरान कंपनी का कुल ऑर्डर इनफ्लो सालाना आधार पर करीब 3 प्रतिशत बढ़कर 3,400 करोड़ रुपये हो गया। इससे कंपनी की कुल ऑर्डर बुक करीब 19,300 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई।
ऑर्डर बुक में मजबूती कंपनी को आने वाली तिमाहियों में रेवेन्यू विजिबिलिटी देती है। यही वजह है कि ब्रोकरेज कंपनियां कंपनी की मध्यम से लंबी अवधि की ग्रोथ को लेकर सकारात्मक नजर आ रही हैं।
पावर ट्रांसमिशन कारोबार में 42% की ग्रोथ
सीमेंस एनर्जी इंडिया के पावर ट्रांसमिशन कारोबार ने जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया। इस सेगमेंट से कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 41.98 प्रतिशत बढ़कर 1,386.3 करोड़ रुपये हो गया।
पावर ट्रांसमिशन सेगमेंट के ऑर्डर इनफ्लो में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। यह सालाना आधार पर करीब 37 प्रतिशत बढ़कर 2,400 करोड़ रुपये पहुंच गया।
भारत में बिजली की मांग, ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और ट्रांसमिशन नेटवर्क में निवेश बढ़ने से इस कारोबार को आने वाले समय में भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
पावर जेनरेशन सेगमेंट भी मजबूत
पावर जेनरेशन कारोबार में भी कंपनी ने अच्छी वृद्धि दर्ज की। जून तिमाही में इस सेगमेंट का रेवेन्यू सालाना आधार पर 36.02 प्रतिशत बढ़कर 1,099.3 करोड़ रुपये हो गया।
हालांकि, पावर जेनरेशन सेगमेंट का ऑर्डर इनफ्लो सालाना आधार पर करीब 10 प्रतिशत घटकर 1,000 करोड़ रुपये रह गया। इसके बावजूद कंपनी की मौजूदा ऑर्डर बुक और कारोबार की मांग को देखते हुए ब्रोकरेज को लंबी अवधि में इस सेगमेंट से अच्छी संभावनाएं नजर आ रही हैं।
मोतीलाल ओसवाल ने क्यों बढ़ाया टारगेट?
मोतीलाल ओसवाल ने अपने रिसर्च नोट में कहा कि सीमेंस एनर्जी इंडिया के जून तिमाही के नतीजे कई प्रमुख पैमानों पर अनुमान से बेहतर रहे। ब्रोकरेज के मुताबिक रेवेन्यू ग्रोथ को पावर ट्रांसमिशन और पावर जेनरेशन, दोनों कारोबार से सपोर्ट मिला।
ब्रोकरेज ने पावर ट्रांसमिशन सेगमेंट के EBIT मार्जिन में सुधार को भी सकारात्मक माना है। वहीं पावर जेनरेशन सेगमेंट में मार्जिन प्रदर्शन अच्छा बना हुआ है।
मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक कंपनी को रिन्यूएबल एनर्जी, डेटा सेंटर और स्टीम टर्बाइन जैसे क्षेत्रों में बढ़ते अवसरों का फायदा मिल सकता है। इसके अलावा घरेलू बाजार के साथ-साथ एक्सपोर्ट से जुड़े अवसर भी कंपनी की भविष्य की ग्रोथ को सपोर्ट कर सकते हैं।
इन्हीं संभावनाओं को देखते हुए ब्रोकरेज ने Siemens Energy India पर Buy रेटिंग दोहराते हुए टारगेट प्राइस 4,100 रुपये कर दिया है।
नुवामा की नजर किन चीजों पर?
नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने भी कंपनी के शेयर पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है और 4,200 रुपये का टारगेट दिया है।
ब्रोकरेज के अनुसार अगले 12 से 24 महीनों में कंपनी के मौजूदा पुराने ऑर्डरों यानी बैकलॉग को समय पर पूरा करना महत्वपूर्ण रहेगा। इसके अलावा कलवा में ग्रीनफील्ड ट्रांसफॉर्मर और स्विचगियर क्षमता शुरू होना भी कंपनी के लिए अहम ट्रिगर हो सकता है।
कंपनी के बेहतर ऑपरेशनल प्रदर्शन और मार्जिन में सुधार को देखते हुए नुवामा ने अपने FY26E और FY27E के EPS अनुमान में क्रमशः 12 प्रतिशत और 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है।
6 महीने में 33% चढ़ चुका है शेयर
सीमेंस एनर्जी इंडिया के शेयर ने 2026 में अब तक निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक शेयर पिछले 6 महीनों में करीब 33 प्रतिशत मजबूत हुआ है, जबकि 2026 में अब तक इसमें करीब 43 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है।
कंपनी का मार्केट कैप करीब 1.30 लाख करोड़ रुपये है। जून 2026 के अंत तक कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 75 प्रतिशत थी।
हालांकि, शेयर में पहले ही अच्छी तेजी आ चुकी है। ऐसे में निवेशकों के लिए केवल ब्रोकरेज के टारगेट को देखकर फैसला करना उचित नहीं होगा। कंपनी की ऑर्डर बुक, नए ऑर्डर की रफ्तार, मार्जिन, प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन और वैल्यूएशन जैसे पहलुओं पर भी नजर रखना जरूरी है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
Siemens Energy India के मजबूत तिमाही नतीजे, बढ़ता रेवेन्यू, बेहतर EBITDA मार्जिन और बड़ी ऑर्डर बुक कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत हैं। पावर ट्रांसमिशन और पावर जेनरेशन दोनों कारोबार में रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज हुई है। साथ ही रिन्यूएबल एनर्जी, डेटा सेंटर और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में बढ़ते निवेश से कंपनी को भविष्य में नए कारोबारी अवसर मिल सकते हैं।
ब्रोकरेज फर्मों की मौजूदा राय भी शेयर को लेकर सकारात्मक है। मोतीलाल ओसवाल ने 4,100 रुपये और नुवामा ने 4,200 रुपये का टारगेट दिया है। 3,648.75 रुपये के संदर्भ भाव से नुवामा का टारगेट करीब 15 प्रतिशत ऊपर है।
फिर भी, शेयर बाजार में रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती। निवेशकों को कंपनी के तिमाही प्रदर्शन, ऑर्डर इनफ्लो, मार्जिन और बाजार की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही कोई निवेश निर्णय लेना चाहिए।
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