भारतीय शेयर बाजार में बुधवार की तेजी गुरुवार को टिक नहीं पाई। दिनभर उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद घरेलू बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। आईटी, एफएमसीजी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और पीएसयू बैंक शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिसकी वजह से बाजार की शुरुआत में आई तेजी आखिर तक कायम नहीं रह सकी।
30 शेयरों वाला BSE Sensex 114 अंक टूटकर 77,844.52 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 4 अंक की मामूली गिरावट के साथ 24,326.65 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे व्यापक बाजार ने मुख्य सूचकांकों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया।
दिनभर कैसे रहा बाजार का हाल?
गुरुवार को बाजार की शुरुआत सकारात्मक रही थी। सेंसेक्स:
- 78,339 के स्तर पर खुला
- और दिन में 78,384 तक पहुंचा
लेकिन बाद में बिकवाली बढ़ने से यह:
- 77,713 के निचले स्तर तक फिसल गया।
वहीं निफ्टी:
- 24,398 पर खुला
- 24,482 तक पहुंचा
- लेकिन अंत में हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ।
बाजार में शुरुआती तेजी के पीछे अमेरिका-ईरान तनाव कम होने और ceasefire की उम्मीदों को वजह माना जा रहा था, लेकिन बाद में profit booking और sectoral weakness ने sentiment कमजोर कर दिया।
IT और FMCG शेयरों ने बिगाड़ा खेल
सेक्टरवार प्रदर्शन देखें तो:
- IT
- FMCG
- PSU Bank
- Consumer Durables
सेक्टरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। विशेष रूप से:
जैसे दिग्गज शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। विश्लेषकों का कहना है कि:
- ऊंचे valuation
- global uncertainty
- profit booking
की वजह से IT और FMCG शेयरों पर दबाव बना हुआ है।
ऑटो और मेटल शेयरों में रही मजबूती
जहां एक तरफ IT और FMCG सेक्टर कमजोर रहे, वहीं दूसरी तरफ:
- Auto
- Realty
- Metal
- Healthcare
- Private Bank
सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी 50 में:
जैसे शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने दिखाया दम
मुख्य सूचकांकों की तुलना में broader market ने बेहतर प्रदर्शन किया।
- Nifty Midcap 100 Index लगभग 1.10% चढ़ा
- Nifty Smallcap 100 Index में 0.87% की तेजी दर्ज हुई
यह संकेत देता है कि निवेशकों की दिलचस्पी अभी भी selective buying में बनी हुई है।
निवेशकों की संपत्ति में ₹2 लाख करोड़ का इजाफा
हालांकि सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए, लेकिन बाजार की कुल वैल्यू बढ़ी। BSE में listed कंपनियों का कुल market capitalization:
- ₹473 लाख करोड़ से बढ़कर
- ₹475 लाख करोड़
पर पहुंच गया। यानी एक ही दिन में निवेशकों की कुल संपत्ति में लगभग:
₹2 लाख करोड़
का इजाफा हुआ।
अमेरिका-ईरान तनाव पर टिकी बाजार की नजर
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बाजार की दिशा काफी हद तक:
- Middle East tension
- अमेरिका-ईरान बातचीत
- Hormuz Strait developments
पर निर्भर करेगी। अगर:
- ceasefire की संभावना मजबूत होती है
- oil supply normal रहती है
तो बाजार में राहत देखने को मिल सकती है।
कच्चे तेल में गिरावट से राहत
गुरुवार को वैश्विक बाजार में crude oil prices में बड़ी गिरावट देखने को मिली।
Brent Crude:
- 2.32% गिरकर
- $99.92 प्रति बैरल
पर कारोबार करता दिखा। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर crude oil नीचे रहता है, तो:
- भारत के inflation pressure में राहत
- rupee को support
- और equity market sentiment में सुधार
देखने को मिल सकता है।
रुपया भी हुआ मजबूत
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया लगभग:
- 15 पैसे मजबूत होकर
- 94.24 के आसपास
कारोबार करता दिखा। Risk sentiment बेहतर होने से emerging markets currencies को support मिला।
आगे बाजार में क्या रहेगा अहम?
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार:
- 24,400-24,500 का दायरा निफ्टी के लिए मजबूत resistance zone बना हुआ है।
अगर निफ्टी लगातार इस स्तर के ऊपर टिकता है, तो:
- 24,600+
के स्तर तक तेजी देखने को मिल सकती है।
वहीं नीचे:
- 24,100-24,000
का दायरा मजबूत support माना जा रहा है।
निष्कर्ष
गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। IT, FMCG और PSU बैंक शेयरों में बिकवाली की वजह से सेंसेक्स और निफ्टी मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि broader market में मजबूती बनी रही और निवेशकों की कुल संपत्ति में बढ़ोतरी दर्ज की गई। अब बाजार की अगली दिशा काफी हद तक अमेरिका-ईरान तनाव, crude oil prices और global sentiment पर निर्भर करेगी।
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