Sensex-Nifty Closes Red: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार 22 सितंबर 2026 को शुरुआती तेजी के बाद जोरदार बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार ने सुबह की बढ़त गंवा दी और दोनों प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स अपने दिन के ऊपरी स्तर से 600 अंकों से ज्यादा नीचे आ गया, जबकि निफ्टी भी 23,300 के स्तर के नीचे फिसल गया। बाजार में आई इस कमजोरी का असर निवेशकों की कुल संपत्ति पर भी पड़ा और बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹2.38 लाख करोड़ घट गया।
330 अंक टूटा Sensex, Nifty भी फिसला

मंगलवार के कारोबारी सत्र के अंत में Sensex 329.91 अंक यानी 0.44% की गिरावट के साथ 74,529.08 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 में 85.30 अंक यानी 0.36% की गिरावट आई और यह 23,329.00 पर बंद हुआ। बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की थी, लेकिन ऊपरी स्तरों पर बिकवाली बढ़ने के कारण शुरुआती बढ़त पूरी तरह खत्म हो गई। मंगलवार की गिरावट के साथ निफ्टी की लगातार चार कारोबारी सत्रों की बढ़त भी थम गई।
दिन के कारोबार में सेंसेक्स 179.94 अंक चढ़कर 75,038.93 के स्तर तक पहुंचा था। इसके बाद इसमें तेज गिरावट आई और यह 615.22 अंक टूटकर 74,423.71 के निचले स्तर तक पहुंच गया। इसी तरह निफ्टी 50 भी शुरुआती कारोबार में 74.70 अंक बढ़कर 23,489 के स्तर तक गया था, लेकिन बाद में 203.25 अंक फिसलकर 23,285.75 के निचले स्तर तक पहुंच गया।
IT शेयरों पर रहा सबसे ज्यादा दबाव
बाजार में कमजोरी का एक प्रमुख कारण आईटी शेयरों में बिकवाली रही। मंगलवार को Nifty IT इंडेक्स करीब 0.9% गिरा, जबकि 16 प्रमुख सेक्टरल इंडेक्स में से 14 लाल निशान में बंद हुए। ब्रॉडर मार्केट में भी दबाव देखने को मिला। Nifty Midcap 100 में करीब 0.1% और Nifty Smallcap 100 में करीब 0.2% की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार विश्लेषण के मुताबिक, शुरुआती बढ़त के बाद ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली और आईटी शेयरों में बिकवाली ने बाजार की दिशा बदल दी। इसके अलावा विदेशी पूंजी के बहिर्वाह और वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने भी बाजार के सेंटीमेंट पर असर डाला।
निवेशकों के ₹2.37 लाख करोड़ घटे

शेयर बाजार में गिरावट का सीधा असर बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों के कुल मार्केट कैप पर पड़ा। 21 सितंबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप ₹4,82,68,385.61 करोड़ था।
22 सितंबर को कारोबार खत्म होने के बाद यह घटकर ₹4,80,30,572.59 करोड़ रह गया। यानी एक कारोबारी सत्र में निवेशकों की कुल संपत्ति में करीब ₹2,37,813 करोड़ यानी ₹2.37 लाख करोड़ की कमी आई।
Sensex के सिर्फ 7 शेयर हरे निशान में
सेंसेक्स के 30 शेयरों में मंगलवार को सिर्फ 7 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि बाकी शेयरों में कमजोरी रही। तेजी वाले प्रमुख शेयरों में Eternal, InterGlobe Aviation और Titan शामिल रहे। दूसरी तरफ Bajaj Finserv, Trent और Bajaj Finance में दबाव देखने को मिला।
आईटी शेयरों में बिकवाली खास तौर पर दिखाई दी। HCL Technologies, Tech Mahindra और Infosys जैसे प्रमुख आईटी शेयरों पर दबाव रहा।
BSE पर 4581 शेयरों में हुई ट्रेडिंग
मंगलवार को बीएसई पर कुल 4,581 शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें 2,174 शेयर बढ़त के साथ, जबकि 2,189 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं 218 शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।
बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच 177 शेयर अपने 52-सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचे, जबकि 99 शेयर 52-सप्ताह के निचले स्तर पर आ गए। इसके अलावा 14 शेयर अपर सर्किट और 38 शेयर लोअर सर्किट पर बंद हुए।
एक्सपायरी के दिन बढ़ी बाजार की Volatility
मंगलवार को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी होने के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव भी ज्यादा रहा। शुरुआती कारोबार में तेजी के बावजूद ऊपरी स्तरों पर बिकवाली हावी हो गई और प्रमुख इंडेक्स दिन के निचले स्तरों के आसपास से संभलने के बाद भी लाल निशान में बंद हुए।
वैश्विक संकेतों की बात करें तो कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से शुरुआत में बाजार को कुछ राहत मिली थी, लेकिन आईटी शेयरों में कमजोरी और अन्य बाजारगत दबावों के कारण यह बढ़त कायम नहीं रह सकी।
Source: Reuters, News On AIR और बाजार से जुड़े उपलब्ध आंकड़ों की रिपोर्ट पर आधारित।
डिस्क्लेमर
यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर या अन्य वित्तीय साधन में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran की ओर से किसी निवेश या ट्रेडिंग की सलाह नहीं दी जाती है।


