भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 10 जुलाई को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में शानदार तेजी देखने को मिली। मजबूत ग्लोबल संकेतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी के दम पर बाजार ने दमदार शुरुआत की। कारोबार के शुरुआती मिनटों में ही सेंसेक्स 785 अंक तक उछल गया, जबकि निफ्टी 24,187 के पार पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों की संपत्ति में भी बड़ा इजाफा हुआ और BSE पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹4.61 लाख करोड़ बढ़ गया।
सेंसेक्स और निफ्टी ने की मजबूत शुरुआत
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन बीएसई सेंसेक्स 77,395.63 के स्तर पर खुला और शुरुआती कारोबार में 785 अंक से अधिक चढ़कर 77,526.85 के उच्च स्तर तक पहुंच गया।
वहीं, निफ्टी 50 ने भी बढ़त के साथ 24,124.70 पर कारोबार शुरू किया और कुछ ही देर में 225 अंक से अधिक उछलकर 24,187.90 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया।
निवेशकों की दौलत में ₹4.61 लाख करोड़ का इजाफा
शेयर बाजार की इस तेज़ी का सबसे बड़ा फायदा निवेशकों को मिला। गुरुवार, 9 जुलाई को बाजार बंद होने के समय BSE पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप ₹4,75,47,031.346 करोड़ था।
शुक्रवार को बाजार खुलने के कुछ ही समय बाद यह बढ़कर ₹4,80,08,188.96 करोड़ पहुंच गया। यानी निवेशकों की कुल संपत्ति में ₹4,61,157.614 करोड़ (करीब ₹4.61 लाख करोड़) की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
गुरुवार को भी बढ़त में बंद हुआ था बाजार
इससे पहले गुरुवार के कारोबारी सत्र में भी भारतीय शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ था। विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीदारी और सकारात्मक बाजार धारणा के चलते प्रमुख सूचकांकों में अच्छी बढ़त देखने को मिली।
- सेंसेक्स 238.22 अंक (0.31%) बढ़कर 76,741.82 पर बंद हुआ।
- निफ्टी 80.75 अंक (0.34%) की तेजी के साथ 23,962.80 पर बंद हुआ।
व्यापक बाजार में भी खरीदारी
केवल बड़े शेयरों में ही नहीं, बल्कि व्यापक बाजार में भी खरीदारी का माहौल देखने को मिला।
- 2,896 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
- 1,342 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
- 178 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
यह आंकड़े बताते हैं कि बाजार में खरीदारी का दायरा व्यापक रहा और अधिकांश सेक्टरों में निवेशकों की दिलचस्पी देखने को मिली।
बाजार में तेजी की वजह क्या रही?
विश्लेषकों के अनुसार बाजार में तेजी के पीछे कई प्रमुख कारण रहे—
- विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी।
- वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत।
- निवेशकों की मजबूत जोखिम लेने की क्षमता।
- प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी का रुझान।
यदि वैश्विक संकेत अनुकूल बने रहते हैं और विदेशी निवेशकों की खरीद जारी रहती है, तो आने वाले सत्रों में भी बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है।


