Share Market Rally: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को शानदार वापसी देखने को मिली। लगातार पांच कारोबारी सत्रों तक दबाव में रहने के बाद सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। शुरुआती कारोबार में Sensex 600 अंकों से अधिक उछला, जबकि Nifty 50 23,950 के पार पहुंच गया। बाजार में सबसे अधिक खरीदारी आईटी शेयरों में देखने को मिली, वहीं एफएमसीजी, फार्मा और रियल्टी सेक्टर ने भी तेजी को मजबूती दी। वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और इंडिया VIX में नरमी जैसे कई सकारात्मक संकेतों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
पांच दिनों की गिरावट के बाद बाजार में लौटी तेजी
पिछले पांच कारोबारी दिनों में भारतीय शेयर बाजार करीब डेढ़ फीसदी से अधिक फिसल गया था। शुक्रवार, 24 जुलाई को Sensex 331.62 अंक टूटकर 76,059.77 पर बंद हुआ था, जबकि Nifty 50 102.15 अंक गिरकर 23,767.45 पर बंद हुआ था।
हालांकि, सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बाजार ने जोरदार वापसी की। सुबह के कारोबार में सेंसेक्स 76,700 के ऊपर और निफ्टी 23,960 के करीब पहुंच गया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार की चौड़ाई (Market Breadth) मजबूत रही।
सुबह करीब 10:13 बजे तक:
- Sensex 564 अंक की बढ़त के साथ 76,623.83 पर कारोबार कर रहा था।
- Nifty 50 159 अंक चढ़कर 23,926.80 पर पहुंच गया।
- इंट्रा-डे में Sensex ने 76,715.64 और Nifty ने 23,964.50 का उच्च स्तर छुआ।
बाजार में तेजी की 5 बड़ी वजहें
1. अमेरिका-ईरान तनाव में कमी
हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक बाजारों पर दबाव बनाया था। लेकिन अब हमलों के रुकने और तनाव कम होने से निवेशकों का भरोसा लौटा है। भू-राजनीतिक जोखिम घटने से वैश्विक शेयर बाजारों में भी सकारात्मक माहौल बना, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।
2. कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट
भू-राजनीतिक तनाव कम होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल करीब 5% टूटकर 86 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। भारत जैसे कच्चे तेल के बड़े आयातक देश के लिए तेल की कीमतों में गिरावट सकारात्मक मानी जाती है क्योंकि इससे आयात बिल और महंगाई पर दबाव कम हो सकता है। यही वजह है कि बाजार को इससे मजबूत समर्थन मिला।
3. डॉलर इंडेक्स में कमजोरी
अमेरिकी डॉलर में नरमी भी भारतीय बाजार के लिए राहत लेकर आई। डॉलर इंडेक्स करीब 101.2 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। डॉलर कमजोर होने से विदेशी निवेशकों का उभरते बाजारों की ओर रुझान बढ़ सकता है, जिससे भारतीय इक्विटी मार्केट को सपोर्ट मिलता है।
4. India VIX में तेज गिरावट
बाजार की अस्थिरता को मापने वाला India VIX करीब 5.63% गिरकर 13.24 पर आ गया। VIX में गिरावट का मतलब है कि निवेशकों में घबराहट कम हो रही है और बाजार में उतार-चढ़ाव सीमित रहने की उम्मीद है। कम वोलैटिलिटी आमतौर पर इक्विटी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जाती है।
5. IT शेयरों में जबरदस्त खरीदारी
सोमवार की तेजी में सबसे बड़ा योगदान आईटी सेक्टर का रहा। Nifty IT Index करीब 2.5% तक मजबूत हुआ। इसके अलावा एफएमसीजी, फार्मा और रियल्टी सेक्टर में भी 1% से अधिक की बढ़त देखने को मिली। सरकारी और निजी बैंकिंग शेयरों में भी खरीदारी रही, जिससे बाजार की तेजी को और मजबूती मिली।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी लौटी रौनक
केवल बड़े शेयर ही नहीं बल्कि व्यापक बाजार में भी खरीदारी देखने को मिली। Nifty Midcap 100 और Nifty Smallcap 100 दोनों इंडेक्स एक-एक फीसदी से अधिक मजबूत हुए। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों की भागीदारी सिर्फ ब्लूचिप शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी भरोसा बढ़ा।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक स्तर पर तनाव नियंत्रित रहता है, कच्चे तेल की कीमतें सीमित दायरे में बनी रहती हैं और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो भारतीय शेयर बाजार में राहत की यह तेजी आगे भी जारी रह सकती है। हालांकि, आने वाले दिनों में कंपनियों के तिमाही नतीजे, वैश्विक आर्थिक आंकड़े और विदेशी बाजारों की चाल निवेशकों की रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। NewsJagran किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।


