Share Market Closed Today: भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली। शुक्रवार को सेंसेक्स 308 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी ने भी 23,000 का अहम स्तर बरकरार रखा। हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा।
Highlights
- सेंसेक्स 308.49 अंक बढ़कर 74,459.53 पर बंद हुआ।
- निफ्टी 116.35 अंक की तेजी के साथ 23,053.10 पर पहुंचा।
- आईटी इंडेक्स में 2.5% और फार्मा में 1.7% की बढ़त दर्ज की गई।
- मिडकैप इंडेक्स 0.4% और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.6% टूटे।
- ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 117 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार दूसरे कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन बाजार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। हालांकि, शुरुआती कारोबार में आई तेजी बाद में कुछ कम हो गई, लेकिन दोनों प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहे।
कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 591.55 अंक यानी 0.79% उछलकर 74,742.59 के स्तर पर पहुंच गया था। वहीं, एनएसई निफ्टी 181.35 अंक यानी 0.79% की तेजी के साथ 23,118.10 पर कारोबार कर रहा था।
हालांकि, दिन चढ़ने के साथ बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। आखिरकार कारोबार समाप्त होने पर सेंसेक्स 308.49 अंक यानी 0.42% की बढ़त के साथ 74,459.53 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी 116.35 अंक यानी 0.51% चढ़कर 23,053.10 के स्तर पर पहुंच गया।
1,233 शेयरों में तेजी, 2,788 में गिरावट
शुक्रवार के कारोबार में बाजार की चौड़ाई कमजोर रही। प्रमुख सूचकांकों में तेजी के बावजूद बड़ी संख्या में शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।
बीएसई पर कुल 1,233 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जबकि 2,788 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं, 146 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
इससे साफ है कि बाजार की तेजी कुछ चुनिंदा बड़े शेयरों और सेक्टरों तक सीमित रही। खासतौर पर आईटी और फार्मा शेयरों ने प्रमुख सूचकांकों को सहारा दिया।
किन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी और किनमें गिरावट?
निफ्टी 50 में शामिल शेयरों की बात करें तो ट्रेंट, इंटरग्लोब एविएशन, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस और सन फार्मा में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली।
दूसरी तरफ अडानी पोर्ट्स, श्रीराम फाइनेंस, अडानी एंटरप्राइजेज, महिंद्रा एंड महिंद्रा और कोल इंडिया के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
इस दौरान निवेशकों का रुझान चुनिंदा आईटी और फार्मा शेयरों की ओर देखने को मिला, जबकि कई अन्य सेक्टरों में मुनाफावसूली का दबाव बना रहा।
आईटी और फार्मा सेक्टर में शानदार तेजी
सेक्टर के हिसाब से शुक्रवार का कारोबार मिला-जुला रहा। आईटी इंडेक्स में करीब 2.5% की तेजी दर्ज की गई। वहीं, फार्मा इंडेक्स भी 1.7% की बढ़त के साथ बंद हुआ।
इसके उलट कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एनर्जी और मीडिया सेक्टर में 1% से ज्यादा की गिरावट रही। ऑटो, निफ्टी बैंक, पीएसयू बैंक और एफएमसीजी इंडेक्स भी लगभग 0.5% तक टूट गए।
ब्रॉडर मार्केट में भी दबाव देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.4% और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.6% की गिरावट के साथ बंद हुए। इससे संकेत मिलता है कि छोटे और मझोले शेयरों में निवेशकों ने ज्यादा सतर्कता दिखाई।
ब्रेंट क्रूड 117 डॉलर के करीब, अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी चिंता
शेयर बाजार की तेजी के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। ब्रेंट क्रूड करीब 2% उछलकर 117 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया।
इस तेजी के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को प्रमुख वजह माना जा रहा है। ऐसी आशंका है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य कार्रवाई कर सकता है। इससे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा है।
भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी चिंता का विषय है। महंगा क्रूड आयात बिल बढ़ा सकता है और इसका असर महंगाई, रुपये तथा कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है।
क्या बोले मार्केट एक्सपर्ट विनोद नायर?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर के मुताबिक, लगातार बनी महंगाई की चिंताओं के कारण इक्विटी बाजार पर दबाव बना हुआ है। फेडरल रिजर्व के साथ यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) और बैंक ऑफ जापान (BoJ) ने भी ब्याज दरों को स्थिर रखा है। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों के वैल्यूएशन को लेकर बढ़ती चिंताओं का असर एशियाई बाजारों में भी देखने को मिला।
उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान तनाव से जुड़ी नई खबरों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने बाजार की धारणा को और कमजोर किया। इसके चलते मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में व्यापक बिकवाली देखने को मिली, जबकि लार्जकैप शेयरों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया।
विनोद नायर के अनुसार, आईटी सेक्टर को मजबूती मिलने के पीछे चुनिंदा आईटी शेयरों में निवेश बढ़ना भी एक वजह रहा। वहीं, बेहतर नतीजों और डिफेंसिव डिमांड के कारण फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।
आगे बाजार के लिए किन बातों पर रहेगी नजर?
आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर कई महत्वपूर्ण कारकों पर रहेगी। इनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिका-ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव, विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां और कंपनियों के तिमाही नतीजे शामिल हैं।
इसके अलावा वैश्विक केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति और AI सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के वैल्यूएशन पर भी बाजार की दिशा निर्भर कर सकती है।
फिलहाल सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार दूसरे दिन आई तेजी से निवेशकों को राहत मिली है, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट बताती है कि बाजार में अभी भी सतर्कता जरूरी है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में शेयर बाजार और कंपनियों के शेयरों से जुड़ी जानकारी केवल सूचनात्मक उद्देश्य से दी गई है। NewsJagran किसी भी प्रकार की निवेश सलाह नहीं देता है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।
Source: बाजार बंद होने के आंकड़ों और जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मार्केट विश्लेषण पर आधारित।


