Stock Market Today: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 600 अंकों से अधिक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 50 भी 24,200 के नीचे फिसल गया। हालांकि हैरानी की बात यह रही कि बाजार में गिरावट के बावजूद बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप बढ़ा, जिससे निवेशकों की कुल संपत्ति में करीब ₹14,733 करोड़ का इजाफा दर्ज किया गया।
अमेरिका-ईरान तनाव से बाजार में बढ़ी घबराहट

वैश्विक बाजारों में इस समय सबसे बड़ा जोखिम अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव बना हुआ है। इस भू-राजनीतिक संकट के चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल से महंगाई बढ़ने की आशंका मजबूत हुई है, जिसका असर दुनिया भर के शेयर बाजारों पर दिखाई दे रहा है।
भारतीय बाजार भी इससे अछूता नहीं रहा। विदेशी निवेशकों की सतर्कता और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली के कारण शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी की स्थिति
सुबह करीब 9:22 बजे तक के कारोबार में बाजार की स्थिति इस प्रकार रही—
| इंडेक्स | स्तर | बदलाव |
|---|---|---|
| BSE Sensex | 77,581.65 | -569.80 अंक (-0.73%) |
| Nifty 50 | 24,188.50 | -145.80 अंक (-0.60%) |
इंट्राडे कारोबार के दौरान:
- Sensex 609 अंक तक टूटकर 77,542.08 पर पहुंच गया।
- Nifty 184 अंक फिसलकर 24,149.90 तक आ गया।
गौरतलब है कि पिछले कारोबारी सत्र यानी 17 जुलाई को सेंसेक्स 964.58 अंक और निफ्टी 261.55 अंक की मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए थे।
गिरावट के बावजूद कैसे बढ़ गई निवेशकों की दौलत?
बाजार में गिरावट के बीच भी निवेशकों की कुल संपत्ति में बढ़ोतरी देखने को मिली।
- 17 जुलाई 2026 को BSE का कुल मार्केट कैप था ₹4,80,82,764.49 करोड़
- 20 जुलाई 2026 की सुबह यह बढ़कर ₹4,80,97,497.56 करोड़ हो गया।
इस तरह कुल मार्केट कैप में ₹14,733.06 करोड़ की वृद्धि दर्ज की गई।
इसका मुख्य कारण यह रहा कि बड़ी कंपनियों में बिकवाली के बावजूद कई मिडकैप और चुनिंदा सेक्टरों के शेयरों में मजबूती बनी रही, जिससे कुल बाजार पूंजीकरण सकारात्मक रहा।
सेक्टरवार प्रदर्शन

आज के कारोबार में अलग-अलग सेक्टरों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा।
मजबूती वाले सेक्टर
- फार्मा
- PSU बैंक
इन दोनों सेक्टरों के इंडेक्स में लगभग 1% तक की बढ़त देखने को मिली।
सबसे ज्यादा दबाव वाले सेक्टर
- प्राइवेट बैंक
- वित्तीय सेवाएं
विशेष रूप से निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स करीब 2.5% तक फिसल गया, जिसने पूरे बाजार पर दबाव बढ़ाया।
सेंसेक्स के किन शेयरों में रही तेजी और गिरावट?
30 शेयरों वाले सेंसेक्स में शुरुआती कारोबार के दौरान 13 शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।
सबसे अधिक बढ़त वाले शेयर
- टेक महिंद्रा
- ICICI बैंक
सबसे अधिक गिरावट वाले शेयर
- एक्सिस बैंक
- HDFC बैंक
- कोटक महिंद्रा बैंक
बैंकिंग शेयरों में बिकवाली बाजार की कमजोरी का प्रमुख कारण बनी।
व्यापक बाजार की तस्वीर
BSE पर शुरुआती कारोबार में:
- कुल ट्रेड होने वाले शेयर: 1,467
- बढ़त वाले शेयर: 676
- गिरावट वाले शेयर: 716
- बिना बदलाव वाले शेयर: 75
इसके अलावा—
- 31 शेयर अपने एक साल के उच्च स्तर पर पहुंचे।
- 19 शेयर एक साल के निचले स्तर पर फिसले।
- 51 शेयरों में अपर सर्किट लगा।
- 34 शेयर लोअर सर्किट में पहुंचे।
यह संकेत देता है कि बाजार में गिरावट के बावजूद चुनिंदा शेयरों में खरीदारी जारी रही।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक घटनाक्रम पर निर्भर रहेगी। यदि मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ता है तथा कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो भारतीय बाजार में निकट अवधि में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
हालांकि घरेलू अर्थव्यवस्था के मजबूत फंडामेंटल, कॉर्पोरेट नतीजे और चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी बाजार को सहारा दे सकते हैं। ऐसे समय में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय गुणवत्ता वाले शेयरों पर ध्यान देना चाहिए और लंबी अवधि की रणनीति अपनानी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


