SBI Mutual Fund NFO: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शामिल SBI Mutual Fund ने निवेशकों के लिए एक नया फंड ऑफ फंड (FoF) लॉन्च किया है। SBI Nifty Midcap 150 Momentum 50 ETF Fund of Fund नाम से शुरू की गई यह स्कीम उन निवेशकों के लिए एक विकल्प हो सकती है, जो मिडकैप शेयरों में मोमेंटम इन्वेस्टिंग रणनीति के जरिए निवेश करना चाहते हैं।
यह नया NFO 27 जुलाई 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है और इसमें निवेशक 5 अगस्त 2026 तक पैसा लगा सकते हैं। यह एक ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड स्कीम है, जो सीधे शेयरों में निवेश करने के बजाय एक अंडरलाइंग ETF के जरिए मिडकैप कंपनियों में एक्सपोजर देगी।
SBI Nifty Midcap 150 Momentum 50 ETF FoF NFO की मुख्य बातें
SBI Mutual Fund की यह नई स्कीम एक फंड ऑफ फंड (FoF) है। इसका मतलब है कि यह फंड निवेशकों से जुटाए गए पैसे को सीधे कंपनियों के शेयर खरीदने में इस्तेमाल नहीं करेगा, बल्कि किसी दूसरे फंड यानी ETF की यूनिट्स खरीदेगा।
इस स्कीम का मुख्य उद्देश्य SBI Nifty Midcap 150 Momentum 50 ETF के जरिए निफ्टी मिडकैप 150 इंडेक्स में शामिल उन 50 कंपनियों में निवेश करना है, जिनका हाल के समय में प्रदर्शन बेहतर रहा है।
NFO से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीखें
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| फंड का नाम | SBI Nifty Midcap 150 Momentum 50 ETF Fund of Fund |
| NFO खुलने की तारीख | 27 जुलाई 2026 |
| NFO बंद होने की तारीख | 5 अगस्त 2026 |
| स्कीम का प्रकार | ओपन-एंडेड फंड ऑफ फंड |
| न्यूनतम निवेश | ₹5,000 |
| अतिरिक्त निवेश | ₹1 के गुणक में |
निवेशक इसमें एकमुश्त (Lumpsum) निवेश के अलावा SIP के जरिए भी पैसा लगा सकते हैं। SIP के लिए डेली, वीकली, मंथली, क्वार्टरली, हाफ-ईयरली और एनुअल विकल्प उपलब्ध होंगे।
फंड का निवेश कहां किया जाएगा?
SBI Nifty Midcap 150 Momentum 50 ETF FoF का पोर्टफोलियो मुख्य रूप से अंडरलाइंग ETF पर आधारित होगा।
फंड का एसेट एलोकेशन इस प्रकार रहेगा:
- 95% से 100% तक निवेश: SBI Nifty Midcap 150 Momentum 50 ETF की यूनिट्स में किया जाएगा।
- 0% से 5% तक निवेश: सरकारी सिक्योरिटीज (G-Secs), स्टेट डेवलपमेंट लोन (SDL), ट्रेजरी बिल, ट्राई-पार्टी रेपो और लिक्विड म्यूचुअल फंड यूनिट्स जैसे इंस्ट्रूमेंट्स में किया जाएगा।
इसका मतलब है कि निवेशकों को सीधे मिडकैप कंपनियों के शेयर चुनने की जरूरत नहीं होगी। फंड इंडेक्स आधारित रणनीति के जरिए कंपनियों का चयन करेगा।
मोमेंटम इन्वेस्टिंग क्या होती है?
मोमेंटम इन्वेस्टिंग एक ऐसी निवेश रणनीति है जिसमें उन शेयरों में निवेश किया जाता है, जिन्होंने हाल के समय में अपने सेक्टर या बाजार के मुकाबले अच्छा प्रदर्शन किया हो।
इस रणनीति के पीछे सोच यह होती है कि जो कंपनियां लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं, उनमें आगे भी कुछ समय तक तेजी जारी रह सकती है।
उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कंपनी के शेयर में पिछले कुछ महीनों में लगातार तेजी देखने को मिली है और उसके बिजनेस से जुड़े आंकड़े भी मजबूत हैं, तो मोमेंटम आधारित फंड ऐसी कंपनियों को अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर सकते हैं।
हालांकि, मोमेंटम रणनीति में जोखिम भी होता है क्योंकि जो शेयर तेजी से ऊपर गए हैं, उनमें बाजार में गिरावट आने पर तेज उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है।
किन कंपनियों में मिलेगा निवेश का मौका?
यह फंड Nifty Midcap 150 Momentum 50 Index को ट्रैक करेगा। इस इंडेक्स में निफ्टी मिडकैप 150 यूनिवर्स की उन 50 कंपनियों को शामिल किया जाता है, जिनका मोमेंटम स्कोर बेहतर होता है।
इस तरह निवेशकों को एक ही फंड के जरिए कई मिडकैप कंपनियों में निवेश का मौका मिलेगा।
मिडकैप कंपनियां आमतौर पर बड़ी कंपनियों की तुलना में ज्यादा ग्रोथ क्षमता रखती हैं, लेकिन इनके शेयरों में उतार-चढ़ाव भी ज्यादा हो सकता है।
फंड मैनेजर कौन हैं?
SBI Mutual Fund ने इस स्कीम के प्रबंधन की जिम्मेदारी विरल छाडवा (Viral Chhadva) को दी है।
विरल छाडवा दिसंबर 2020 से SBI Mutual Fund से जुड़े हुए हैं। वह फंड हाउस के कई पैसिव फंड्स और ETF को मैनेज कर रहे हैं।
पैसिव फंड होने के कारण इसमें फंड मैनेजर की भूमिका इंडेक्स को ट्रैक करने और पोर्टफोलियो को इंडेक्स के अनुसार बनाए रखने की होती है।
बिना डीमैट अकाउंट के ETF में निवेश की सुविधा
आमतौर पर ETF में निवेश करने के लिए निवेशकों के पास डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट होना जरूरी होता है। लेकिन SBI Mutual Fund ने इस ETF को फंड ऑफ फंड के रूप में पेश किया है।
इस वजह से जिन निवेशकों के पास डीमैट अकाउंट नहीं है, वे भी सामान्य म्यूचुअल फंड की तरह इसमें निवेश कर सकते हैं।
यह सुविधा उन निवेशकों के लिए फायदेमंद हो सकती है, जो ETF में निवेश करना चाहते हैं लेकिन शेयर बाजार की ट्रेडिंग प्रक्रिया से परिचित नहीं हैं।
SBI NFO में निवेश करने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?
मिडकैप फंड लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं, लेकिन इनमें जोखिम भी अधिक होता है। मोमेंटम आधारित निवेश में बाजार की तेजी का फायदा मिल सकता है, लेकिन बाजार का रुख बदलने पर उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
निवेशकों को पैसा लगाने से पहले इन बातों पर ध्यान देना चाहिए:
- निवेश का लक्ष्य क्या है?
- निवेश की अवधि कितनी लंबी है?
- बाजार में गिरावट को सहने की क्षमता कितनी है?
- क्या पोर्टफोलियो में पहले से मिडकैप निवेश मौजूद है?
विशेषज्ञों के अनुसार, मिडकैप आधारित स्कीम में लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करना बेहतर माना जाता है।
निष्कर्ष
SBI Nifty Midcap 150 Momentum 50 ETF Fund of Fund उन निवेशकों के लिए एक नया विकल्प है, जो मिडकैप कंपनियों में मोमेंटम रणनीति के जरिए निवेश करना चाहते हैं। ETF आधारित निवेश और बिना डीमैट अकाउंट की सुविधा इसे आम निवेशकों के लिए आसान बना सकती है।
हालांकि, मिडकैप और मोमेंटम दोनों ही कैटेगरी बाजार जोखिम से जुड़ी हैं। इसलिए निवेश करने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति, लक्ष्य और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है। म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। NewsJagran किसी भी निवेश की सलाह या गारंटी नहीं देता है।


