मुंबई की मॉडल रिया यादव एक प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा में आई थीं। अब वह ऑनलाइन ट्रोलिंग, बदनामी और कथित साइबर उत्पीड़न को लेकर सुर्खियों में हैं। रिया यादव ने महाराष्ट्र पुलिस की साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है और उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही हैं।
रिया ने आशंका जताई है कि ऑनलाइन हमलावर उनकी एडिटेड या मॉर्फ्ड तस्वीरें भी शेयर कर सकते हैं। उन्होंने पुलिस से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शिवाजी पार्क प्रदर्शन के बाद चर्चा में आई थीं रिया यादव
सोशल मीडिया पर किसी घटना के बाद अचानक चर्चा में आने वाले लोगों को कई बार नई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। रिया यादव के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। मुंबई के शिवाजी पार्क में एक प्रदर्शन के दौरान वह पुलिस वैन के सामने खड़ी होकर चर्चा में आई थीं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था।
हालांकि, इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर उनके समर्थन और विरोध दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। रिया का कहना है कि इसके बाद उन्हें लगातार ऑनलाइन ट्रोलिंग, गाली-गलौज और व्यक्तिगत टिप्पणियों का सामना करना पड़ा।
साइबर सेल में दर्ज कराई शिकायत
रिपोर्ट के अनुसार, रिया यादव ने शनिवार को महाराष्ट्र पुलिस की साइबर सेल में लिखित शिकायत दी। वह सोमवार को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से मुलाकात कर मामले में FIR दर्ज करने की मांग करेंगी।
रिया का आरोप है कि 22 जुलाई की घटना के बाद से ही सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उन्हें निशाना बनाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि कई यूजर्स ने उनके चरित्र और निजी जीवन को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।
‘जो गलत लगा, उसके खिलाफ आवाज उठाई’
रिया यादव ने कहा कि शिवाजी पार्क की घटना के दौरान उन्होंने आम लोगों के मुद्दे को लेकर अपनी आवाज उठाई थी। उन्हें जो गलत लगा, उसके खिलाफ उन्होंने कदम उठाया।
अब रिया का कहना है कि जिस तरह से सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, उसके खिलाफ भी वह कानूनी लड़ाई लड़ेंगी।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन उत्पीड़न केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर परिवार और निजी जीवन पर भी पड़ सकता है।
सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों पर रिया ने दी सफाई
रिया यादव के मुताबिक, कुछ सोशल मीडिया यूजर्स और कंटेंट क्रिएटर्स ने उनके खिलाफ गलत दावे किए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल कर उन्हें गलत तरीके से पेश किया गया।
रिया ने कहा कि कुछ लोगों ने उनके इंस्टाग्राम अकाउंट को लेकर झूठे दावे किए और उन्हें एडल्ट कंटेंट से जोड़ने की कोशिश की।
‘सब्सक्रिप्शन से कमाई के दावे गलत’
रिया यादव ने उन आरोपों को भी खारिज किया, जिनमें दावा किया गया था कि वह किसी सब्सक्रिप्शन प्लेटफॉर्म के जरिए लाखों रुपये कमाती हैं।
उन्होंने कहा कि उनका बैंक अकाउंट किसी भी ऐसे प्लेटफॉर्म से जुड़ा हुआ नहीं है और उन्होंने कभी भी इस तरह के कंटेंट से कमाई नहीं की है।
रिया का कहना है कि बिना किसी प्रमाण के लगाए गए ऐसे आरोप उनकी छवि को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
मॉर्फ्ड तस्वीरों को लेकर जताई चिंता
रिया यादव ने पुलिस को दी गई शिकायत में यह आशंका भी जताई है कि कुछ लोग उनकी एडिटेड या मॉर्फ्ड तस्वीरों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन उत्पीड़न का यह तरीका महिलाओं के लिए गंभीर समस्या बन सकता है। किसी महिला के कपड़ों, विचारों या निजी पसंद के आधार पर उसके चरित्र का फैसला करना गलत है।
उन्होंने पुलिस से अपील की है कि समय रहते कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
शिकायत प्रक्रिया को लेकर भी जताई नाराजगी
रिया ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने के अनुभव को लेकर भी अपनी परेशानी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी पूरी बात अलग-अलग अधिकारियों को कई बार बतानी पड़ी।
रिया के मुताबिक, बार-बार बयान दोहराने से मानसिक तनाव बढ़ा। उन्होंने सवाल उठाया कि पीड़ित व्यक्ति की शिकायत और बयान एक ही प्रक्रिया में दर्ज क्यों नहीं किया जा सकता।
पिता ने कहा- विरोध की कीमत उत्पीड़न नहीं हो सकती
रिया यादव के पिता राजकुमार यादव ने भी अपनी बेटी का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि प्रदर्शन के बाद कुछ प्रतिक्रियाएं आएंगी, लेकिन ऑनलाइन उत्पीड़न जिस स्तर तक पहुंच गया है, वह स्वीकार करने योग्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति द्वारा अपनी बात रखने या विरोध करने की वजह से उसे निशाना बनाना सही नहीं है।
ऑनलाइन बुलिंग पर फिर छिड़ी बहस
रिया यादव का मामला अब सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी, ऑनलाइन व्यवहार और साइबर अपराधों को लेकर नई चर्चा शुरू कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति के खिलाफ झूठी जानकारी फैलाना, मॉर्फ्ड तस्वीरें शेयर करना या लगातार आपत्तिजनक टिप्पणियां करना साइबर अपराध की श्रेणी में आ सकता है।
रिया यादव ने अब पुलिस से न्याय और सुरक्षा की उम्मीद जताई है। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच के बाद ही यह साफ होगा कि लगाए गए आरोपों पर क्या कार्रवाई की जाती है।


