Sawan Vrat Recipes: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना, व्रत और सात्विक जीवनशैली अपनाने का विशेष समय माना जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु सोमवार का व्रत रखते हैं और प्याज, लहसुन व अन्य तामसिक खाद्य पदार्थों से परहेज करते हैं। ऐसे में स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक और हल्का भोजन चुनना बेहद जरूरी हो जाता है। यदि आप भी इस सावन व्रत में कुछ आसान और स्वादिष्ट सात्विक व्यंजन बनाना चाहते हैं, तो ये 5 रेसिपीज आपकी व्रत की थाली को खास बना सकती हैं।
1. सिंघाड़े की खीर (Singhara Kheer)
सिंघाड़े के आटे से बनने वाली खीर व्रत के दौरान स्वाद और पोषण का बेहतरीन विकल्प है।
बनाने की विधि
- एक पैन में घी गर्म करें।
- उसमें सिंघाड़े का आटा हल्का सुनहरा होने तक भूनें।
- अब धीरे-धीरे दूध डालते हुए लगातार चलाएं।
- स्वादानुसार मिश्री या चीनी मिलाएं।
- इलायची पाउडर और कटे हुए बादाम-पिस्ता डालकर 5-7 मिनट तक पकाएं।
क्यों है फायदेमंद?
सिंघाड़ा कैल्शियम, आयरन और फाइबर से भरपूर होता है। वहीं दूध शरीर को प्रोटीन और कैल्शियम प्रदान करता है, जिससे व्रत के दौरान ऊर्जा बनी रहती है।
2. जीरा आलू (Jeera Aloo)
कम मसालों में बनने वाली जीरा आलू की सब्जी व्रत की सबसे लोकप्रिय डिश मानी जाती है।
बनाने की विधि
- कड़ाही में घी गर्म करें।
- जीरा चटकाएं और बारीक कटी हरी मिर्च डालें।
- उबले हुए आलू के टुकड़े डालकर हल्का भूनें।
- सेंधा नमक और काली मिर्च मिलाएं।
- 5-7 मिनट तक सुनहरा होने दें।
- अंत में हरा धनिया डालकर परोसें।
क्यों है फायदेमंद?
जीरा पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है, जबकि आलू कार्बोहाइड्रेट और पोटैशियम का अच्छा स्रोत है। यह डिश लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखने में मदद करती है।
3. साबूदाना खिचड़ी (Sabudana Khichdi)
व्रत की सबसे पसंदीदा और जल्दी बनने वाली रेसिपी।
बनाने की विधि
- भीगे हुए साबूदाने का अतिरिक्त पानी निकाल दें।
- घी गर्म करके जीरा और हरी मिर्च का तड़का लगाएं।
- उबले हुए आलू डालकर 2-3 मिनट भूनें।
- साबूदाना, भुनी मूंगफली का पाउडर और सेंधा नमक डालें।
- धीमी आंच पर 3-4 मिनट चलाते हुए पकाएं।
- ऊपर से नींबू का रस और हरा धनिया डालकर सर्व करें।
क्यों है फायदेमंद?
साबूदाना तुरंत ऊर्जा देता है, जबकि मूंगफली प्रोटीन, हेल्दी फैट और विटामिन-ई का अच्छा स्रोत है। नींबू विटामिन-सी की पूर्ति करता है।
4. कुट्टू की पूरी (Kuttu Puri)
अगर व्रत में कुछ कुरकुरा और स्वादिष्ट खाना चाहते हैं तो कुट्टू की पूरी बेहतरीन विकल्प है।
बनाने की विधि
- उबले हुए आलू मैश करें।
- कुट्टू के आटे में आलू और सेंधा नमक मिलाएं।
- थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर सख्त आटा गूंध लें।
- 10 मिनट ढककर रखें।
- छोटी-छोटी पूरियां बेलकर गर्म घी या तेल में सुनहरा होने तक तलें।
क्यों है फायदेमंद?
कुट्टू का आटा ग्लूटेन-फ्री होता है और इसमें फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम तथा एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।
5. साबूदाना टिक्की (Sabudana Tikki)
शाम के नाश्ते या व्रत की थाली के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है।
बनाने की विधि
- उबले आलू मैश करें।
- भीगा हुआ साबूदाना, भुनी मूंगफली का पाउडर, हरी मिर्च, सेंधा नमक और हरा धनिया मिलाएं।
- छोटी-छोटी टिक्कियां तैयार करें।
- तवे पर थोड़ा घी लगाकर दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेंक लें।
क्यों है फायदेमंद?
साबूदाना शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है, मूंगफली से प्रोटीन और हेल्दी फैट मिलता है, जबकि आलू पोटैशियम का अच्छा स्रोत है।
सावन व्रत में रखें इन बातों का ध्यान
- पर्याप्त मात्रा में पानी और नारियल पानी पिएं।
- मौसमी फल और दही को भोजन में शामिल करें।
- सेंधा नमक का ही उपयोग करें।
- बहुत अधिक तला-भुना भोजन खाने से बचें।
- व्रत के दौरान शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है।
निष्कर्ष
सावन का व्रत केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि शरीर को डिटॉक्स और हल्का भोजन देने का भी अवसर है। सिंघाड़े की खीर, जीरा आलू, साबूदाना खिचड़ी, कुट्टू की पूरी और साबूदाना टिक्की जैसी सात्विक रेसिपीज स्वाद के साथ भरपूर पोषण भी देती हैं। इन आसान व्यंजनों को अपनी व्रत की थाली में शामिल कर आप पूरे दिन ऊर्जा से भरपूर रह सकते हैं।


