Reliance Power Share News: ED की बड़ी कार्रवाई, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की ₹179.66 करोड़ की संपत्ति हुई कुर्क
नई दिल्ली: अनिल अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर (Reliance Infrastructure) को एक और बड़ा कानूनी झटका लगा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कंपनी की ₹179.66 करोड़ मूल्य की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (Provisional Attachment) कर लिया है। इस कार्रवाई में रिलायंस पावर (Reliance Power) में कंपनी की हिस्सेदारी भी शामिल है।
कंपनी ने इस कार्रवाई की जानकारी स्टॉक एक्सचेंज BSE और NSE को दी है। यह कदम प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत जारी किए गए प्रोविज़नल अटैचमेंट ऑर्डर के आधार पर उठाया गया है।
क्या-क्या संपत्तियां हुईं अटैच?
रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, ED ने कुल ₹179.66 करोड़ मूल्य की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। इनमें सबसे प्रमुख रिलायंस पावर लिमिटेड में कंपनी की हिस्सेदारी है।
हालांकि, कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि रिलायंस पावर में कितने प्रतिशत शेयर इस कार्रवाई के दायरे में आए हैं, लेकिन इससे निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई है।
कंपनी ने क्या कहा?
रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि वह इस मामले में अपने हितों की रक्षा के लिए सभी उपलब्ध कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करेगी।
कंपनी का कहना है कि वह अपने शेयरधारकों, निवेशकों और अन्य स्टेकहोल्डर्स के हितों की सुरक्षा के लिए कानूनी सलाह लेकर उचित कदम उठाएगी। कंपनी को भरोसा है कि वह कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष मजबूती से रखेगी।
पूरा मामला क्या है?
स्टॉक एक्सचेंज को भेजी गई सूचना के अनुसार, कंपनी को 3 अगस्त 2026 को प्रवर्तन निदेशालय से प्रोविज़नल अटैचमेंट ऑर्डर नंबर 36/2026 प्राप्त हुआ। यह आदेश प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के कथित उल्लंघन से जुड़े मामले में जारी किया गया है।
प्रोविज़नल अटैचमेंट का अर्थ यह है कि जांच पूरी होने तक संबंधित संपत्तियों का हस्तांतरण या बिक्री नहीं की जा सकती। हालांकि, अंतिम निर्णय संबंधित कानूनी प्रक्रिया और न्यायिक प्राधिकरण के आदेशों के बाद ही होगा।
निवेशकों पर क्या होगा असर?
ED की इस कार्रवाई का असर कंपनी की बाजार धारणा (Market Sentiment) पर पड़ सकता है। कानूनी अनिश्चितता बढ़ने से शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, फिलहाल यह कार्रवाई अस्थायी कुर्की है और इसका मतलब यह नहीं है कि कंपनी की संपत्तियां स्थायी रूप से जब्त हो गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर कंपनी की कानूनी रणनीति, ED की आगे की कार्रवाई और अदालत की प्रक्रिया पर रहेगी।
Reliance Power पर भी नजर
चूंकि अटैच की गई संपत्तियों में रिलायंस पावर में हिस्सेदारी भी शामिल है, इसलिए इस खबर का असर रिलायंस पावर के शेयरों की चाल पर भी देखने को मिल सकता है। यदि मामले में आगे कोई बड़ा कानूनी घटनाक्रम होता है, तो दोनों कंपनियों के शेयर निवेशकों के रडार पर रहेंगे।
मुख्य बातें (Highlights)
- ED ने रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की ₹179.66 करोड़ की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क कीं।
- कार्रवाई PMLA के तहत जारी प्रोविज़नल अटैचमेंट ऑर्डर के आधार पर हुई।
- अटैच की गई संपत्तियों में रिलायंस पावर में कंपनी की हिस्सेदारी भी शामिल है।
- कंपनी ने कहा कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए सभी कानूनी विकल्प अपनाएगी।
- मामले की जानकारी कंपनी ने BSE और NSE को आधिकारिक तौर पर दी है।
Disclaimer: यह खबर कंपनी द्वारा स्टॉक एक्सचेंज को दी गई आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। ED की कार्रवाई अस्थायी (Provisional Attachment) है। मामले में अंतिम निर्णय संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।


