**HighLights
- लोकसभा में अमित शाह ने भारत टैक्सी को लेकर दी बड़ी जानकारी।
- Ola-Uber को हटाने नहीं, बल्कि सहकारी विकल्प देने का उद्देश्य।
- 28 जुलाई 2026 तक 8.27 लाख से अधिक ड्राइवर प्लेटफॉर्म से जुड़े।
- सरकार ने स्पष्ट किया- भारत टैक्सी को कोई वित्तीय सहायता नहीं दी गई।
- यात्रियों की सुरक्षा के लिए SOS, ड्राइवर वेरिफिकेशन और कॉल सेंटर जैसी सुविधाएं।
नई दिल्ली। देश में ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं के बढ़ते बाजार के बीच भारत टैक्सी (Bharat Taxi) को लेकर लोकसभा में बड़ा खुलासा हुआ है। सहकारिता मंत्री अमित शाह ने संसद में स्पष्ट किया कि भारत टैक्सी का मकसद Ola और Uber जैसी निजी कंपनियों को हटाना नहीं, बल्कि उनके समान एक ड्राइवर-केंद्रित सहकारी विकल्प उपलब्ध कराना है। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्लेटफॉर्म से अब तक लाखों ड्राइवर जुड़ चुके हैं और यात्रियों की सुरक्षा के लिए कई आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं।
लोकसभा में सांसद किशोरी लाल द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में अमित शाह ने भारत टैक्सी के संचालन, विस्तार, ड्राइवर रजिस्ट्रेशन, सरकारी सहयोग और भविष्य की योजना पर विस्तार से जानकारी दी।
क्या है भारत टैक्सी?
अमित शाह ने बताया कि भारत टैक्सी देश का पहला सहकारी मॉडल पर आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य ड्राइवरों को केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि सहकारी संस्था का सदस्य और भागीदार बनाना है, ताकि उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से अधिक लाभ मिल सके।
सरकार का कहना है कि इससे यात्रियों को भी सुरक्षित, पारदर्शी और किफायती टैक्सी सेवा उपलब्ध होगी।
क्या Ola-Uber की जगह लेगी भारत टैक्सी?
इस सवाल पर अमित शाह ने साफ कहा कि ऐसा नहीं है।
उन्होंने बताया कि भारत टैक्सी का उद्देश्य निजी टैक्सी एग्रीगेटर्स को बंद करना या उनकी जगह लेना नहीं है। यह केवल एक वैकल्पिक सहकारी प्लेटफॉर्म है, जहां ड्राइवरों को अधिक अधिकार और बेहतर आय का अवसर मिलेगा।
लोकसभा में पूछे गए सवाल और सरकार के जवाब
| सवाल | सरकार का जवाब |
|---|---|
| क्या भारत टैक्सी शुरू की गई है? | हां, यह देश की पहली सहकारी राइड-हेलिंग सेवा है। |
| क्या इसका उद्देश्य Ola-Uber को हटाना है? | नहीं, यह केवल एक वैकल्पिक प्लेटफॉर्म है। |
| इसका संचालन कौन करता है? | सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (STCL)। |
| क्या सरकार ने आर्थिक मदद दी? | नहीं, कोई वित्तीय सहायता या इक्विटी सपोर्ट नहीं दिया गया। |
| आगे विस्तार कैसे होगा? | राज्यों की मंजूरी और परिचालन जरूरत के अनुसार। |
कौन चलाता है भारत टैक्सी?

भारत टैक्सी का संचालन सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (STCL) द्वारा किया जाता है। यह संस्था मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसायटी अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकृत है और इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।
इसके संचालन में चेयरमैन, वाइस चेयरमैन, CEO, COO, विभागाध्यक्ष, क्षेत्रीय कार्यालय और शहर स्तर की टीमें शामिल हैं।
इस पहल को देश की आठ प्रमुख सहकारी संस्थाओं का सहयोग मिल रहा है, जिनमें शामिल हैं—
- NCDC
- IFFCO
- AMUL (GCMMF)
- KRIBHCO
- NAFED
- NABARD
- NDDB
- NCEL
अब तक कितने ड्राइवर जुड़े?
सरकार के अनुसार 28 जुलाई 2026 तक भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म पर 8.27 लाख से अधिक सारथी (ड्राइवर) पंजीकृत हो चुके हैं।
| राज्य/शहर | पंजीकृत ड्राइवर |
|---|---|
| दिल्ली-एनसीआर | 2,61,045 |
| गुजरात | 1,04,163 |
| महाराष्ट्र | 84,332 |
| उत्तर प्रदेश | 21,621 |
| राजस्थान | 20,599 |
| चंडीगढ़ | 10,695 |
यह आंकड़ा बताता है कि सहकारी मॉडल को देशभर में ड्राइवरों का अच्छा समर्थन मिल रहा है।
क्या सरकार ने आर्थिक मदद दी?
अमित शाह ने संसद में स्पष्ट किया कि भारत सरकार ने भारत टैक्सी को शुरू करने या विस्तार देने के लिए कोई वित्तीय सहायता, इक्विटी निवेश या विशेष प्रोत्साहन नहीं दिया है।
पूरा संचालन STCL के सहकारी ढांचे के माध्यम से किया जा रहा है।
आगे कैसे होगा विस्तार?
सरकार के मुताबिक भारत टैक्सी का विस्तार चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
भविष्य में इसे—
- एयरपोर्ट
- रेलवे स्टेशन
- मेट्रो स्टेशन
- अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं
से जोड़ने की योजना है, ताकि यात्रियों को बेहतर लास्ट माइल कनेक्टिविटी मिल सके।
राज्यों की मंजूरी, परिचालन आवश्यकता और पर्याप्त ड्राइवर उपलब्ध होने के बाद नए शहरों में सेवा शुरू की जाएगी।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए क्या हैं इंतजाम?
सरकार ने बताया कि भारत टैक्सी में सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत कई आधुनिक फीचर उपलब्ध कराए गए हैं।
इनमें शामिल हैं—
- ड्राइवर और वाहन का सत्यापन
- SOS इमरजेंसी बटन
- परिवार के साथ ट्रिप शेयर करने की सुविधा
- पुलिस विभागों के साथ समन्वय
- एन्क्रिप्टेड डेटा स्टोरेज
- पारदर्शी किराया प्रणाली
- 24×7 कॉल सेंटर आधारित शिकायत निवारण
इन सुविधाओं का उद्देश्य यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को मजबूत करना है।
क्या भारत टैक्सी से बदल सकता है टैक्सी बाजार?
भारत टैक्सी फिलहाल खुद को Ola और Uber का प्रतिस्पर्धी विकल्प बता रही है, न कि उनका प्रतिस्थापन। सहकारी मॉडल होने के कारण इसमें ड्राइवरों की भागीदारी अधिक है और लाभ का बड़ा हिस्सा उन्हीं तक पहुंचाने की अवधारणा पर काम किया जा रहा है।
यदि आने वाले समय में इसका विस्तार बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे शहरों तक होता है और सेवा की गुणवत्ता बेहतर रहती है, तो यह भारत के ऐप आधारित टैक्सी बाजार में एक मजबूत विकल्प बन सकता है।


