नई दिल्ली: वैश्विक ऊर्जा बाजार इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव, रूस के डीजल निर्यात पर लगी रोक और यूरोप में तेजी से घटते स्टॉक के बीच भारत की सबसे बड़ी निजी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अवसर का भरपूर फायदा उठाया है। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली कंपनी ने जुलाई 2026 में यूरोप और ब्राजील को रिकॉर्ड मात्रा में डीजल निर्यात किया है, जिससे वह वैश्विक बाजार में सबसे अहम सप्लायर्स में शामिल हो गई है।
भारत पहले ही दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक है। जामनगर जैसी विश्वस्तरीय रिफाइनरी के कारण भारत अब एशिया, यूरोप और लैटिन अमेरिका जैसे बाजारों की ईंधन जरूरतें पूरी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जुलाई में हुए रिकॉर्ड निर्यात ने इस स्थिति को और मजबूत किया है।
क्यों बढ़ा डीजल का वैश्विक संकट?
पिछले कुछ महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कई घटनाओं ने डीजल की सप्लाई को प्रभावित किया।
- अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से मध्य पूर्व में आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ी।
- यूक्रेन के ड्रोन हमलों से रूस की कई रिफाइनरियों को नुकसान पहुंचा।
- इसके बाद रूस ने अधिकांश जुलाई के दौरान डीजल निर्यात पर रोक लगा दी।
- यूरोप में पहले से मौजूद सीमित स्टॉक तेजी से घटकर 2014 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।
इन परिस्थितियों में दुनिया भर के खरीदारों ने वैकल्पिक सप्लायर की तलाश शुरू की, जिसका सबसे बड़ा लाभ भारत की रिफाइनिंग कंपनियों, खासकर रिलायंस इंडस्ट्रीज को मिला।
यूरोप को रिकॉर्ड डीजल सप्लाई
शिप-ट्रैकिंग कंपनियों Kpler और Vortexa के आंकड़ों के अनुसार, रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी से जुलाई के दौरान यूरोप को लगभग 40 लाख से 50 लाख बैरल डीजल भेजा गया। यह पिछले 10 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है।
यूरोप में डीजल की भारी कमी के कारण रिफाइनिंग मार्जिन भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। जुलाई में यूरोप का डीजल क्रैक स्प्रेड लगभग 74 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जिससे भारतीय रिफाइनरियों के लिए यूरोप में निर्यात बेहद लाभदायक साबित हुआ।
ब्राजील को भी मिला बड़ा फायदा
रिलायंस ने केवल यूरोप ही नहीं बल्कि दक्षिण अमेरिका के बड़े बाजार ब्राजील में भी अपनी मौजूदगी मजबूत की है।
जामनगर और वाडीनार बंदरगाहों से ब्राजील को भेजा गया डीजल करीब 28 लाख बैरल तक पहुंचने के ट्रैक पर है, जो 11 महीनों का उच्चतम स्तर है।
दूसरी ओर, ब्राजील को रूस से होने वाला डीजल निर्यात पिछले चार वर्षों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। इस कमी को काफी हद तक भारतीय निर्यातकों ने पूरा किया।
भारत बना वैश्विक ऊर्जा बाजार का अहम खिलाड़ी
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अब केवल घरेलू जरूरतों के लिए रिफाइनिंग नहीं कर रहा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की जामनगर रिफाइनरी दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनिंग परिसरों में गिनी जाती है। इसकी बड़ी क्षमता कंपनी को बाजार की मांग के अनुसार तेजी से निर्यात बढ़ाने की सुविधा देती है।
मध्य पूर्व में तनाव और रूस की सप्लाई में कमी के दौरान भारत ने यूरोप और लैटिन अमेरिका दोनों क्षेत्रों में डीजल की उपलब्धता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।
अगस्त में कैसी रह सकती है स्थिति?
विश्लेषकों के अनुसार अगस्त में भी बाजार की दिशा कई कारकों पर निर्भर करेगी।
- क्या रूस डीजल निर्यात पर लगी रोक जारी रखता है।
- अमेरिका-ईरान तनाव कितना बढ़ता है।
- यूरोप ऊंची कीमतों पर डीजल खरीदना जारी रखता है या नहीं।
- एशियाई बाजारों में डीजल की मांग कितनी मजबूत रहती है।
यदि यूरोप में ऊंचे दाम बने रहते हैं तो भारतीय कंपनियों के लिए वहां निर्यात जारी रखना फायदेमंद रहेगा। हालांकि यदि एशियाई बाजारों में बेहतर मार्जिन मिलता है तो रिफाइनरियां अपनी सप्लाई का बड़ा हिस्सा एशिया की ओर मोड़ सकती हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए क्यों अहम है यह मौका?
ऊंचे रिफाइनिंग मार्जिन और बढ़ते निर्यात से रिलायंस इंडस्ट्रीज की ऑयल-टू-केमिकल (O2C) कारोबार की कमाई में सुधार देखने को मिल सकता है। वैश्विक स्तर पर डीजल की मजबूत मांग कंपनी के रिफाइनिंग बिजनेस के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
यदि अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द सामान्य नहीं होते हैं, तो आने वाले महीनों में भी भारतीय रिफाइनिंग कंपनियां वैश्विक बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकती हैं।
निष्कर्ष
अमेरिका-ईरान तनाव, रूस के डीजल निर्यात प्रतिबंध और यूरोप में घटते स्टॉक ने वैश्विक ईंधन बाजार को अस्थिर कर दिया है। ऐसे माहौल में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपनी विशाल रिफाइनिंग क्षमता का लाभ उठाते हुए यूरोप और ब्राजील को रिकॉर्ड मात्रा में डीजल भेजा है। यदि वैश्विक परिस्थितियां इसी तरह बनी रहती हैं, तो आने वाले महीनों में भी भारतीय रिफाइनिंग कंपनियों के लिए निर्यात के नए अवसर खुल सकते हैं।


