अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जरूरत पड़ी तो अमेरिका पहले से भी ज्यादा बड़ा हमला करेगा। इसी बीच अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि अभी तक इस कार्रवाई को अंतिम मंजूरी नहीं मिली है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, संभावित सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य ईरान पर दबाव बढ़ाना है ताकि वह युद्धविराम और अन्य शर्तों को स्वीकार करने के लिए मजबूर हो जाए। वहीं ईरान ने भी साफ कर दिया है कि यदि उसके ऊर्जा ठिकानों या रणनीतिक परिसंपत्तियों पर हमला हुआ तो वह इसका कड़ा जवाब देगा।
ट्रंप ने दी बड़ी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को मैरीलैंड स्थित कैंप डेविड में आयोजित कैबिनेट बैठक के दौरान कहा कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर ईरान पर पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली हमला करेगा।
ट्रंप ने कहा, “हम उन पर बहुत जोरदार हमला करेंगे और एक समय ऐसा आएगा जब वे कहेंगे कि अब वे इसे और सहन नहीं कर सकते।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल दबाव बनाना नहीं बल्कि निर्णायक परिणाम हासिल करना है। ट्रंप ने ईरान पर भरोसा न जताते हुए आरोप लगाया कि तेहरान कई बार बातचीत के दौरान अपने वादों से पीछे हट चुका है। उनके मुताबिक ईरानी अधिकारी पहले बातचीत की सहमति देते हैं लेकिन बाद में अपने बयान बदल देते हैं।
अमेरिका और इजरायल की संयुक्त योजना
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिका और इजरायल एक ऐसे संयुक्त सैन्य अभियान की योजना बना रहे हैं जिसे अब तक के सबसे बड़े बमबारी अभियानों में से एक माना जा रहा है।
यदि इस योजना को अंतिम मंजूरी मिलती है तो कई सप्ताह बाद ईरान के खिलाफ होने वाली किसी बड़ी सैन्य कार्रवाई में इजरायल पहली बार सीधे तौर पर शामिल होगा। बताया जा रहा है कि दोनों देशों के सैन्य अधिकारी संभावित ऑपरेशन को लेकर लगातार समन्वय कर रहे हैं।
हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी तक इस अभियान को अंतिम मंजूरी नहीं दी है।
वैश्विक बाजारों पर भी पड़ सकता है असर
रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी अधिकारियों को आशंका है कि यदि ईरान पर बड़े पैमाने पर हमला होता है तो इसका असर केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वैश्विक वित्तीय बाजारों, कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। इसी वजह से संभावित सैन्य कार्रवाई के समय और रणनीति को लेकर विशेष सावधानी बरती जा रही है ताकि बाजारों में अत्यधिक अस्थिरता से बचा जा सके।
ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के मुताबिक एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा है कि यदि अमेरिका और इजरायल उसके ऊर्जा ठिकानों या अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों पर हमला करते हैं तो तेहरान इसका तत्काल और प्रभावी जवाब देगा।
अधिकारी का दावा है कि ईरान ने किसी भी संभावित हमले से निपटने के लिए पहले से व्यापक सैन्य योजना तैयार कर रखी है। उन्होंने अमेरिकी मीडिया में चल रही संभावित हमले की खबरों को “पागलपन” बताते हुए कहा कि इस तरह की रिपोर्टें क्षेत्र में तनाव बढ़ाने का काम कर रही हैं।
बातचीत भी जारी, लेकिन तनाव बरकरार
हालांकि दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच कूटनीतिक बातचीत भी जारी है। अमेरिका चाहता है कि ईरान युद्धविराम और अन्य सुरक्षा संबंधी शर्तों को स्वीकार करे, जबकि ईरान लगातार अपने रुख पर कायम है।
ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में बातचीत से समाधान निकलता है या पश्चिम एशिया एक नए और बड़े सैन्य संघर्ष की ओर बढ़ता है।


