नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM 2026) में चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक Mukesh Ambani ने वह घोषणा कर दी जिसका निवेशकों को लंबे समय से इंतजार था। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर Jio IPO को मंजूरी दे दी है और इसके लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) भी भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास दाखिल कर दिया गया है।
इस घोषणा के साथ ही भारत के पूंजी बाजार में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। माना जा रहा है कि जियो का सार्वजनिक निर्गम (IPO) देश के इतिहास के सबसे बड़े आईपीओ में शामिल हो सकता है और यह भारतीय टेक्नोलॉजी सेक्टर की वैश्विक पहचान को नई ऊंचाई देने वाला कदम साबित हो सकता है।
AGM में अंबानी ने किया ऐतिहासिक एलान
AGM को संबोधित करते हुए मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस बोर्ड ने जियो आईपीओ के लिए DRHP को मंजूरी दे दी है। इसके तुरंत बाद कंपनी ने नियामक संस्था SEBI के पास आवश्यक दस्तावेज भी जमा कर दिए।
अंबानी ने इसे अपने लिए एक भावनात्मक क्षण बताते हुए कहा कि जियो की प्रस्तावित लिस्टिंग केवल एक कारोबारी कदम नहीं है, बल्कि यह दुनिया को यह दिखाने का अवसर है कि भारत वैश्विक स्तर की तकनीकी कंपनियां बनाने में सक्षम है।
उन्होंने कहा कि जियो ने देश के डिजिटल परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और अब इसकी सार्वजनिक लिस्टिंग भारतीय निवेशकों को इस विकास यात्रा में भागीदार बनने का अवसर देगी।
27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी कंपनी
DRHP के अनुसार प्रस्तावित Jio IPO के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ तक नए शेयर जारी किए जाएंगे। यह मुख्य रूप से फ्रेश इश्यू आधारित ऑफर होगा, जिससे जुटाई गई पूंजी का उपयोग कंपनी के विस्तार, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नई तकनीकों में निवेश के लिए किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह आईपीओ भारत के निवेश परिदृश्य में सबसे चर्चित इवेंट्स में से एक साबित हो सकता है।
निवेशकों के लिए क्यों खास है Jio IPO?
मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो आईपीओ रिलायंस समूह के लिए वैल्यू अनलॉक करने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक है। इससे मौजूदा रिलायंस शेयरधारकों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जबकि नए निवेशकों को भारत की सबसे बड़ी डिजिटल कंपनी में निवेश का मौका मिलेगा।
उन्होंने कहा कि जिस तरह धीरूभाई अंबानी ने सभी को साथ लेकर विकास का सपना देखा था, उसी विरासत को अगली पीढ़ी आगे बढ़ा रही है। आकाश अंबानी, ईशा अंबानी और अनंत अंबानी जियो की भविष्य की रणनीति और वैल्यू क्रिएशन के अवसरों का नेतृत्व कर रहे हैं।
आकाश अंबानी ने AI को लेकर रखा विजन
AGM में Akash Ambani ने भी कंपनी के भविष्य के रोडमैप पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जियो भारत के लिए ऐसा AI प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है जो भारत में विकसित होगा और भविष्य में पूरी दुनिया की सेवा कर सकेगा।
उनके अनुसार जियो का उद्देश्य केवल डिजिटल कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से भारत को वैश्विक टेक्नोलॉजी हब बनाना भी है।
NSE और Hyundai IPO को पीछे छोड़ सकता है Jio
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार जियो का प्रस्तावित आईपीओ आकार के मामले में कई रिकॉर्ड तोड़ सकता है। यदि अनुमान सही साबित होते हैं तो यह आईपीओ:
- NSE के लगभग ₹30,000 करोड़ के संभावित IPO से बड़ा हो सकता है।
- Hyundai Motor India के ₹27,870 करोड़ के IPO का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ सकता है।
- भारत का अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बन सकता है।
हालांकि कंपनी ने अभी अंतिम इश्यू साइज और प्राइस बैंड की घोषणा नहीं की है।
जियो का विशाल डिजिटल साम्राज्य
आज जियो भारत का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म बन चुका है। कंपनी के पास:
- 524 मिलियन से अधिक मोबाइल सब्सक्राइबर
- 268 मिलियन से ज्यादा 5G यूजर
- 13 मिलियन से अधिक JioAirFiber कनेक्शन
- देशभर में मजबूत डिजिटल और फाइबर नेटवर्क
यह विशाल ग्राहक आधार जियो को दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल कंपनियों में शामिल करता है।
IPO में देरी क्यों हुई?
रिपोर्ट्स के अनुसार रिलायंस ने शुरुआत में IPO को मुख्य रूप से Offer For Sale (OFS) मॉडल पर लाने की योजना बनाई थी। बाद में कंपनी ने फ्रेश इश्यू को प्राथमिकता देने का फैसला किया।
आईपीओ की फाइलिंग मार्च 2026 में होने की संभावना थी, लेकिन पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक शेयर बाजारों की अस्थिरता के कारण इसकी टाइमलाइन आगे बढ़ गई।
अब बाजार स्थितियों में सुधार के बाद कंपनी ने प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
आगे क्या होगा?
SEBI द्वारा DRHP की समीक्षा के बाद कंपनी को आवश्यक मंजूरी मिलेगी। इसके बाद प्राइस बैंड, लॉट साइज, निवेश तिथि और लिस्टिंग शेड्यूल जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आएंगी।
यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो Jio IPO भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का सबसे चर्चित और सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बन सकता है।


