RBI Repo Rate: बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) ने अपनी ताजा आर्थिक रिपोर्ट में अनुमान जताया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अक्टूबर 2026 तक प्रमुख ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं कर सकता। रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों, महंगाई के अनुमान और वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए रेपो रेट फिलहाल स्थिर रहने की संभावना है। साथ ही बैंक ने भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर, महंगाई और निवेश को लेकर भी महत्वपूर्ण अनुमान पेश किए हैं।
अक्टूबर तक रेपो रेट में बदलाव की संभावना कम
बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट के अनुसार, RBI अक्टूबर 2026 तक किसी नई दर कार्रवाई से बच सकता है। यानी केंद्रीय बैंक फिलहाल रेपो रेट को मौजूदा स्तर पर बनाए रख सकता है। हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यदि आने वाले महीनों में महंगाई या वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में बड़ा बदलाव होता है, तो RBI अपने रुख पर पुनर्विचार कर सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल महंगाई नियंत्रित दायरे में रहने की संभावना है, इसलिए केंद्रीय बैंक पर ब्याज दरों में तत्काल बदलाव का दबाव नहीं है।
भारतीय अर्थव्यवस्था 6.6-6.8% की रफ्तार से बढ़ सकती है
रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान भारत की GDP Growth 6.6% से 6.8% के बीच रह सकती है। वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताओं के बावजूद घरेलू मांग, सरकारी पूंजीगत खर्च और निजी निवेश भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे।
बैंक का मानना है कि मजबूत घरेलू आर्थिक गतिविधियां भारत को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बनाए रखेंगी।
खुदरा महंगाई 5% से ऊपर रह सकती है
बैंक ऑफ बड़ौदा ने अनुमान लगाया है कि चालू वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई (Retail Inflation) 5.0% से 5.2% के बीच रह सकती है। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में यह करीब 2.1% रही थी।
हालांकि महंगाई बढ़ने का अनुमान है, लेकिन यह RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के तय लक्ष्य दायरे के भीतर रहने की उम्मीद है। यही वजह है कि फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव की आवश्यकता नहीं दिखाई देती।
रेपो रेट 5.25% से 5.50% के बीच रहने का अनुमान
रिपोर्ट के अनुसार, पूरे वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान रेपो रेट 5.25% से 5.50% के दायरे में रह सकता है।
इसका मतलब है कि निकट भविष्य में होम लोन, ऑटो लोन और अन्य बैंकिंग ब्याज दरों में बड़े बदलाव की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है। हालांकि बैंकों की आंतरिक फंडिंग लागत और बाजार की स्थिति के आधार पर ग्राहकों की ब्याज दरों में सीमित बदलाव संभव है।
नामिनल GDP ग्रोथ दोहरे अंकों में लौट सकती है
बैंक ऑफ बड़ौदा का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 में नामिनल GDP Growth 10% से 11% के बीच रह सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू मांग, बुनियादी ढांचा (Infrastructure) परियोजनाओं में निवेश और निजी क्षेत्र की भागीदारी आर्थिक गतिविधियों को गति देंगे। इससे निवेश, रोजगार और उत्पादन में भी सुधार देखने को मिल सकता है।
अर्थव्यवस्था के सामने कौन-सी चुनौतियां हैं?
रिपोर्ट में कुछ प्रमुख जोखिमों का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें शामिल हैं—
- कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी।
- वैश्विक सप्लाई चेन में संभावित बाधाएं।
- भू-राजनीतिक तनाव का व्यापार और निवेश पर असर।
- आयात लागत बढ़ने से महंगाई पर दबाव।
- वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता।
इन चुनौतियों के बावजूद बैंक का मानना है कि भारत की मजबूत घरेलू मांग और निवेश गतिविधियां आर्थिक विकास को सहारा देती रहेंगी।
निवेशकों और आम लोगों के लिए इसका क्या मतलब है?
यदि RBI अक्टूबर तक रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करता है, तो इसका असर बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र पर भी दिखाई देगा। मौजूदा होम लोन और अन्य ऋण लेने वाले ग्राहकों को फिलहाल ब्याज दरों में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। वहीं, निवेशकों की नजर आने वाले महीनों में महंगाई, औद्योगिक उत्पादन, GDP और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर रहेगी, क्योंकि इन्हीं के आधार पर RBI आगे की मौद्रिक नीति तय करेगा।
बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट की 5 बड़ी बातें
- RBI अक्टूबर 2026 तक रेपो रेट में बदलाव नहीं कर सकता।
- वित्त वर्ष 2026-27 में भारतीय अर्थव्यवस्था 6.6% से 6.8% की दर से बढ़ सकती है।
- खुदरा महंगाई 5.0% से 5.2% के बीच रहने का अनुमान है।
- रेपो रेट 5.25% से 5.50% के दायरे में रह सकता है।
- नामिनल GDP ग्रोथ 10% से 11% तक पहुंच सकती है, जबकि इंफ्रास्ट्रक्चर और निजी निवेश से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
नोट: यह रिपोर्ट बैंक ऑफ बड़ौदा का आर्थिक अनुमान है। ब्याज दरों पर अंतिम फैसला भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) आगामी आर्थिक आंकड़ों और महंगाई की स्थिति को ध्यान में रखते हुए करेगी।
लेटेस्ट रेट्स और बाजार अपडेट्स के लिए NewsJagran पर आज का सोने का भाव, चांदी का भाव, पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट, LPG, CNG और PNG की कीमतें, कच्चे तेल (Crude Oil) का भाव, डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट और IPO GMP Today की लाइव जानकारी देखें।


