Randeep Hooda Assam Flood Relief: बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा इन दिनों असम में बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। शिवसागर में एक NGO के साथ मिलकर उन्होंने बाढ़ पीड़ित परिवारों को राशन, जरूरी सामान और लंगर के जरिए भोजन उपलब्ध कराया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों की मदद करना हर इंसान का फर्ज है और समाज के हर व्यक्ति को आगे आकर योगदान देना चाहिए।
असम के शिवसागर में राहत अभियान में शामिल हुए रणदीप हुड्डा
शनिवार को रणदीप हुड्डा असम के शिवसागर पहुंचे, जहां उन्होंने सामाजिक संस्था ‘ग्लोबल सिख्स’ (Global Sikhs) के साथ मिलकर बाढ़ राहत अभियान में हिस्सा लिया। उन्होंने शिवसागर रेलवे स्टेशन पर शरण लिए हुए विस्थापित परिवारों को राशन, खाने-पीने का सामान और अन्य जरूरी राहत सामग्री वितरित की।
असम में लगातार आई बाढ़ के कारण हजारों परिवार अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। रेलवे स्टेशन और राहत शिविरों में बड़ी संख्या में लोग अस्थायी रूप से रह रहे हैं, जिनकी सहायता के लिए कई सामाजिक संगठन सक्रिय हैं।
लंगर के जरिए लोगों को खिलाया खाना
राहत सामग्री बांटने के बाद रणदीप हुड्डा ने स्वयं लंगर सेवा में हिस्सा लिया और बाढ़ पीड़ितों को अपने हाथों से भोजन परोसा।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा,
“यह शिवसागर रेलवे स्टेशन है और आसपास के इलाकों से कई प्रभावित परिवार यहां आए हैं। इसलिए हम उनके लिए खाना बनाते हैं और यहां लेकर आते हैं। पिछले सात दिनों से लगातार यही काम कर रहे हैं। इंसानियत सबसे ऊपर है।”
उन्होंने बताया कि वे कई वर्षों से ग्लोबल सिख्स की टीम के साथ जुड़े हुए हैं और संगठन द्वारा किए जा रहे जमीनी स्तर के राहत कार्य बेहद प्रेरणादायक हैं।
“दूसरों की मदद करना हमारा फर्ज है”
रणदीप हुड्डा ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जहां भी किसी तरह की आपदा हो, वहां हर व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार मदद करनी चाहिए।
उन्होंने कहा,
“मैं सभी से गुजारिश करूंगा कि वे लोगों की मदद के लिए जिस भी तरह से हो सके योगदान दें। सिर्फ यहां नहीं, बल्कि जहां भी कोई समस्या हो। इंसान होने के नाते दूसरे इंसानों की मदद करना हमारा फर्ज है।”
उनके इस संदेश की सोशल मीडिया पर भी काफी सराहना हो रही है।
जरूरत के हिसाब से तैयार किए जा रहे राहत किट
रणदीप हुड्डा ने बताया कि उनकी टीम ने राहत कार्य शुरू करने से पहले प्रभावित इलाकों की जरूरतों का विस्तृत अध्ययन किया।
उनके अनुसार, बाढ़ प्रभावित परिवारों को फिलहाल सबसे ज्यादा जरूरत है—
- रोजमर्रा के खाने-पीने के सामान की
- अस्थायी रहने की व्यवस्था
- गद्दे और बिस्तर की
- तिरपाल और अन्य आवश्यक सामग्री की
उन्होंने बताया कि इन सभी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राहत किट तैयार की जा रही हैं और उन परिवारों तक भी पहुंचने की कोशिश की जा रही है जिन्हें अभी तक कोई सहायता नहीं मिली है।
गुरुद्वारा साहिब में टेका मत्था
राहत अभियान के दौरान रणदीप हुड्डा ने शिवसागर के गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेका और असम के बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा और जल्द सामान्य स्थिति लौटने की प्रार्थना भी की।
‘सावरकर’ के लिए मिला नेशनल फिल्म अवॉर्ड
हाल ही में रणदीप हुड्डा को फिल्म ‘सावरकर’ के निर्देशन के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Film Award) से सम्मानित किया गया है। पुरस्कार मिलने के तुरंत बाद उनका इस तरह राहत कार्यों में सक्रिय होना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
असम में बाढ़ का गंभीर संकट
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, राज्य में बाढ़ के कारण अब तक 82 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लाखों लोग प्रभावित हुए हैं और बड़ी संख्या में परिवारों को अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में रहना पड़ रहा है।
राज्य सरकार के साथ-साथ कई स्वयंसेवी संस्थाएं और सामाजिक संगठन राहत एवं पुनर्वास कार्यों में जुटे हुए हैं।
गौतम अडानी ने भी की आर्थिक मदद
बाढ़ राहत कार्यों को समर्थन देते हुए उद्योगपति गौतम अडानी ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 11 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस सहयोग के लिए उनका सार्वजनिक रूप से धन्यवाद भी दिया।
निष्कर्ष
असम में बाढ़ से प्रभावित लोगों के बीच रणदीप हुड्डा की मौजूदगी सिर्फ एक सेलिब्रिटी विजिट नहीं रही, बल्कि उन्होंने राहत कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए भोजन परोसने, राहत सामग्री वितरित करने और लोगों का हौसला बढ़ाने का काम किया। उनका यह संदेश कि “इंसानियत सबसे ऊपर है और जरूरतमंदों की मदद करना हमारा फर्ज है” समाज के लिए एक सकारात्मक प्रेरणा बनकर सामने आया।


