Raksha Bandhan Special Songs: रक्षाबंधन भाई-बहन के प्यार, स्नेह और विश्वास का त्योहार है। इस खास दिन को परिवार के साथ मनाने के अलावा पुराने हिंदी गानों के जरिए इसकी यादों को और भी खास बनाया जा सकता है। हिंदी सिनेमा में भाई-बहन के रिश्ते को कई फिल्मों में बेहद खूबसूरती से पर्दे पर उतारा गया है। इन फिल्मों के गानों ने भी इस रिश्ते की भावनाओं को आवाज दी है।
रक्षाबंधन के मौके पर अगर आप अपने घर की प्लेलिस्ट में कुछ सदाबहार हिंदी गाने शामिल करना चाहते हैं, तो 60 और 70 के दशक के ये गीत शानदार विकल्प हो सकते हैं। इन गानों में भाई-बहन का प्यार, बचपन की यादें और रिश्ते की मिठास साफ महसूस होती है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ पुराने और लोकप्रिय गानों के बारे में।
भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना
रक्षाबंधन के सबसे लोकप्रिय गीतों की बात हो और ‘भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना’ का नाम न आए, ऐसा मुश्किल है। यह गीत भाई-बहन के रिश्ते में मौजूद प्यार और भाई की जिम्मेदारी को बेहद भावुक अंदाज में पेश करता है।
इस गाने के बोल गीतकार शैलेन्द्र ने लिखे थे और इसे लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी थी। शंकर-जयकिशन की संगीत रचना ने गीत की भावनाओं को और प्रभावी बना दिया। रक्षाबंधन के मौके पर आज भी यह गीत कई घरों में सुनाई देता है और पुरानी यादों को ताजा कर देता है।
बहना ने भाई की कलाई पे प्यार बांधा है
‘बहना ने भाई की कलाई पे प्यार बांधा है’ भी रक्षाबंधन के सबसे यादगार गीतों में शामिल है। इस गाने में राखी बांधने की रस्म के साथ भाई-बहन के बीच के स्नेह को बेहद खूबसूरती से दिखाया गया है।
सुमन कल्याणपुर की आवाज में सजे इस गीत के बोल इन्दीवर ने लिखे थे, जबकि इसका संगीत शंकर-जयकिशन ने तैयार किया था। गीत की धुन और भावनाएं इसे रक्षाबंधन की प्लेलिस्ट के लिए आज भी एक बेहतरीन विकल्प बनाती हैं।
फूलों का तारों का सबका कहना है
‘फूलों का तारों का सबका कहना है’ सिर्फ एक लोकप्रिय फिल्मी गीत नहीं, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते से जुड़ा ऐसा गाना है जिसे कई पीढ़ियां पसंद करती आई हैं। फिल्म हरे रामा हरे कृष्णा का यह गीत भाई-बहन के अटूट रिश्ते और एक-दूसरे के प्रति भावनाओं को दर्शाता है।
इस गीत के बोल आनंद बख्शी ने लिखे थे। इसका महिला वर्जन लता मंगेशकर ने और पुरुष वर्जन किशोर कुमार ने गाया था। दोनों ही वर्जन अपनी अलग भावनात्मक खूबसूरती के लिए जाने जाते हैं।
मेरे भैया मेरे चंदा
1965 में रिलीज हुई फिल्म काजल का ‘मेरे भैया मेरे चंदा’ भी रक्षाबंधन के लिए एक शानदार गीत है। आशा भोसले की आवाज में यह गाना भाई के प्रति बहन के स्नेह और भावनात्मक जुड़ाव को खूबसूरती से व्यक्त करता है।
इस गीत को रवि ने संगीत दिया था। रक्षाबंधन के आसपास यह गाना आज भी लोगों की प्लेलिस्ट और सोशल मीडिया पोस्ट में सुनाई देता है। इसकी सादगी और भावुकता इसे त्योहार के माहौल के लिए खास बनाती है।
रंग बिरंगी राखी लेकर आई बहना
साल 1962 में रिलीज हुई फिल्म अनपढ़ का ‘रंग बिरंगी राखी लेकर आई बहना’ भी रक्षाबंधन के लोकप्रिय पुराने गीतों में शामिल है। गीतकार राजा मेहदी अली खान ने इसके बोल लिखे थे और लता मंगेशकर ने इसे अपनी मधुर आवाज दी थी।
मदन मोहन के संगीत से सजा यह गीत राखी के त्योहार की खुशी और भाई-बहन के रिश्ते की मिठास को सामने लाता है। अगर आप अपनी रक्षाबंधन प्लेलिस्ट में पुराने दौर की खुशबू शामिल करना चाहते हैं, तो यह गीत जरूर जोड़ा जा सकता है।
रक्षाबंधन पर बनाएं यादगार प्लेलिस्ट
रक्षाबंधन का त्योहार सिर्फ राखी बांधने और मिठाई खिलाने तक सीमित नहीं है। यह भाई-बहन के साथ बिताए पलों और पुरानी यादों को फिर से जीने का मौका भी है। ऐसे में इन सदाबहार गानों को अपनी प्लेलिस्ट में शामिल करके आप त्योहार के माहौल को और खुशनुमा बना सकते हैं।
इन गीतों की खासियत यह है कि इनमें आधुनिक संगीत के बजाय रिश्तों की भावनाओं और सादगी पर जोर दिखाई देता है। यही वजह है कि कई दशक गुजरने के बाद भी ये गाने रक्षाबंधन के मौके पर लोगों को उतने ही पसंद आते हैं।


