आज भारत के “बिग बुल” कहे जाने वाले मशहूर इन्वेस्टर राकेश झुनझुनवाला की जयंती है। उन्हें “भारत का वॉरेन बफेट” भी कहा जाता है। मुंबई में जन्मे और पले-बढ़े झुनझुनवाला का संबंध राजस्थान के झुंझुनू जिले से था। उनके पूर्वज झुंझुनू के रहने वाले थे, इसीलिए उनके परिवार को ‘झुनझुनवाला’ सरनेम मिला।
हालाँकि, झुंझुनू और पूरा शेखावाटी इलाका न सिर्फ झुनझुनवाला की वजह से मशहूर है, बल्कि यह देश के कई बड़े उद्योगपतियों और बिज़नेस घरानों की जन्मभूमि भी रहा है।
शेखावाटी क्यों कहलाती है ‘अरबपतियों की जननी’?
राजस्थान का शेखावाटी इलाका, जिसमें झुंझुनू, सीकर और चुरू जिले शामिल हैं, लंबे समय से देश के सबसे सफल कारोबारी परिवारों का गढ़ रहा है। इस मिट्टी ने देश को एक से बढ़कर एक दिग्गज बिजनेसमैन दिए हैं:
- बिड़ला परिवार: घनश्याम दास बिड़ला और रामेश्वरदास बिड़ला
- बजाज ग्रुप: जमनालाल बजाज
- मित्तल ग्रुप: लक्ष्मी निवास मित्तल
- अन्य प्रमुख नाम: सिंघानिया (लाला श्रीराम), डालमिया, रुइया, पोद्दार, खेतान, गोयनका, पिरामल और झुनझुनवाला।
कठिन परिस्थितियों ने गढ़ी व्यापारिक सोच
शेखावाटी इलाका अपने रेगिस्तानी भूगोल और कठोर मौसम के लिए जाना जाता है। लेकिन वहां के लोगों ने सीमित संसाधनों के बावजूद व्यापार, उद्यमिता और जोखिम लेने की क्षमता को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया। रोजगार के सीमित अवसरों के कारण युवाओं में नौकरी खोजने के बजाय अपना कारोबार शुरू करने और नए शहरों में व्यापार फैलाने की सोच विकसित हुई।
शिक्षा और प्रोफेशनल करियर पर विशेष जोर
शेखावाटी में लंबे समय से शिक्षा के महत्व को समझा जाता रहा है। यहाँ के परिवार अपने बच्चों को उच्च शिक्षा और प्रोफेशनल क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। यही वजह है कि इस इलाके से बड़ी संख्या में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), IAS अधिकारी और कॉर्पोरेट प्रोफेशनल्स निकलते हैं। स्थानीय माहौल बच्चों में बचपन से ही बिजनेस, फाइनेंस और लीडरशिप की समझ विकसित कर देता है।
₹5,000 से ₹81,000 करोड़ का साम्राज्य: ‘बिग बुल’ की कहानी
5 जुलाई 1960 को जन्मे राकेश झुनझुनवाला ने अपनी शुरुआती पढ़ाई मुंबई में पूरी की। सिडेनहैम कॉलेज से ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने इंसिटिट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया (ICAI) से CA की पढ़ाई की। बचपन में अपने पिता को दोस्तों के साथ बाज़ार पर चर्चा करते देख उनकी दिलचस्पी शेयर बाज़ार में जगी। पिता से बिना कोई आर्थिक मदद लिए, उन्होंने 1985 में अपनी बचत के ₹5,000 से निवेश की शुरुआत की थी।
वो दो दांव जिन्होंने बदल दी किस्मत:
- टाटा टी (Tata Tea): यह उनका पहला बड़ा दांव था। उन्होंने ₹43 प्रति शेयर के भाव पर 5,000 शेयर खरीदे और कुछ ही समय बाद उन्हें ₹143 पर बेच दिया, जिससे उन्हें ₹5 लाख का मुनाफा हुआ।
- टाइटन (Titan Company): साल 2002-03 में, उन्होंने मात्र ₹5 प्रति शेयर की औसत कीमत पर टाइटन के लगभग 8 करोड़ शेयर खरीदे। यह निवेश उनके करियर का सबसे टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
झुनझुनवाला परिवार की कुल संपत्ति (एक नजर में)
| विवरण | आंकड़े |
| शुरुआती निवेश (1985) | ₹5,000 |
| निधन के समय नेटवर्थ | ~$5.8 अरब डॉलर |
| वर्तमान नेटवर्थ (रेखा झुनझुनवाला) | $8.6 अरब डॉलर (लगभग ₹81,885 करोड़) |
नोट: राकेश झुनझुनवाला के निधन के बाद उनकी पत्नी, रेखा झुनझुनवाला, उनकी इस विशाल बिजनेस विरासत को आगे बढ़ा रही हैं और फोर्ब्स के अनुसार वे भारत की सबसे अमीर महिलाओं में शामिल हैं।


