भारत में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG की कीमतों में फिलहाल स्थिरता देखने को मिल रही है। घरेलू रसोई गैस के विकल्प के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रही PNG का रेट मई 2026 में कई बड़े शहरों में बिना बदलाव के बना हुआ है। मुंबई में PNG की कीमत ₹50 प्रति SCM (स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर) पर स्थिर है। पिछले एक महीने में इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।
ऊर्जा बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक गैस सप्लाई को लेकर तनाव के बावजूद भारत में PNG की कीमतों को फिलहाल नियंत्रित रखा गया है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं और छोटे व्यवसायों को राहत मिली है।
भारत में PNG अब सिर्फ महानगरों तक सीमित नहीं रह गई है। सरकार के City Gas Distribution (CGD) नेटवर्क विस्तार अभियान के चलते यह सुविधा तेजी से टियर-2 और टियर-3 शहरों तक पहुंच रही है। यही वजह है कि PNG को भविष्य के “स्मार्ट और क्लीन फ्यूल” के रूप में देखा जा रहा है।
क्या है PNG और क्यों बढ़ रही इसकी मांग?
Piped Natural Gas यानी PNG एक ऐसी गैस है जो पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए सीधे घरों, होटल, रेस्टोरेंट और उद्योगों तक पहुंचाई जाती है। इसमें LPG सिलेंडर की तरह बुकिंग, डिलीवरी या स्टोरेज की जरूरत नहीं होती।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में शहरीकरण बढ़ने और स्वच्छ ऊर्जा की मांग तेज होने से PNG का उपयोग आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ेगा।
PNG की लोकप्रियता के पीछे कई कारण हैं:
- यह LPG सिलेंडर से ज्यादा सुविधाजनक है
- मीटर आधारित बिलिंग होने से जितना इस्तेमाल उतना भुगतान
- पर्यावरण के लिहाज से अपेक्षाकृत स्वच्छ ईंधन
- पाइपलाइन सप्लाई के कारण लगातार उपलब्धता
- कम मेंटेनेंस और ज्यादा सुरक्षा
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, भारत सरकार गैस आधारित अर्थव्यवस्था (Gas Based Economy) का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसी रणनीति के तहत PNG और CNG नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
मई 2026 में भारत के प्रमुख शहरों में PNG के दाम
नीचे देश के प्रमुख महानगरों और राज्य राजधानियों में PNG की ताजा कीमतें दी गई हैं:
| शहर | PNG कीमत (₹/SCM) | बदलाव |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹47.90 | कोई बदलाव नहीं |
| कोलकाता | ₹50.00 | स्थिर |
| मुंबई | ₹50.00 | स्थिर |
| चेन्नई | ₹50.00 | स्थिर |
| गुरुग्राम | ₹49.90 | स्थिर |
| नोएडा | ₹47.76 | स्थिर |
| बेंगलुरु | ₹52.00 | स्थिर |
| भुवनेश्वर | ₹45.33 | स्थिर |
| चंडीगढ़ | ₹52.63 | स्थिर |
| हैदराबाद | ₹51.00 | स्थिर |
| जयपुर | ₹49.50 | स्थिर |
| लखनऊ | ₹56.50 | स्थिर |
| पटना | ₹49.44 | स्थिर |
| तिरुवनंतपुरम | ₹51.00 | स्थिर |
किन शहरों में सबसे महंगी PNG?
मई 2026 के आंकड़ों के मुताबिक लखनऊ में PNG सबसे महंगी है, जहां उपभोक्ताओं को ₹56.50 प्रति SCM का भुगतान करना पड़ रहा है। इसके बाद चंडीगढ़ और बेंगलुरु का स्थान है।
ऊर्जा विश्लेषकों का कहना है कि किसी शहर में PNG की कीमत कई कारकों पर निर्भर करती है:
- पाइपलाइन ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट
- स्थानीय टैक्स
- गैस सोर्स से दूरी
- City Gas Distribution कंपनी की लागत
- इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश
इसी वजह से अलग-अलग शहरों में PNG की कीमतों में अंतर देखने को मिलता है।
PNG की कीमतें लंबे समय से स्थिर क्यों हैं?
वैश्विक स्तर पर प्राकृतिक गैस बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में PNG कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। इसके पीछे कुछ बड़े कारण हैं:
1. सरकारी नियंत्रण और गैस आवंटन
घरेलू PNG सप्लाई के लिए सरकार प्राथमिकता के आधार पर गैस आवंटन करती है। इससे कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
2. दीर्घकालिक गैस अनुबंध
भारत कई देशों के साथ लंबी अवधि के LNG आयात समझौते कर चुका है। इससे अचानक मूल्य वृद्धि का असर सीमित होता है।
3. चुनावी और महंगाई दबाव
ऊर्जा कीमतों में तेज वृद्धि सीधे महंगाई बढ़ाती है। इसलिए सरकारें घरेलू गैस दरों को नियंत्रित रखने की कोशिश करती हैं।
4. CGD कंपनियों की रणनीति
City Gas कंपनियां उपभोक्ता आधार बढ़ाने के लिए कीमतों में स्थिरता बनाए रखने का प्रयास करती हैं।
LPG सिलेंडर के मुकाबले PNG कितना फायदेमंद?
भारत में शहरी परिवार अब तेजी से LPG से PNG की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। इसकी बड़ी वजह सुविधा और लागत है।
| तुलना | PNG | LPG |
|---|---|---|
| सप्लाई | पाइपलाइन से लगातार | सिलेंडर आधारित |
| भुगतान | उपयोग के अनुसार | पूरा सिलेंडर खरीदना |
| सुरक्षा | ज्यादा सुरक्षित | लीकेज जोखिम अधिक |
| स्टोरेज | जरूरत नहीं | सिलेंडर रखना पड़ता |
| बुकिंग | नहीं करनी पड़ती | हर बार बुकिंग जरूरी |
हालांकि PNG हर शहर में उपलब्ध नहीं है। जहां नेटवर्क मौजूद है वहां इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है।
क्या आने वाले महीनों में PNG महंगी हो सकती है?
ऊर्जा बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले महीनों में PNG कीमतों पर कई वैश्विक फैक्टर असर डाल सकते हैं:
- कच्चे तेल की कीमतें
- रूस-यूक्रेन और पश्चिम एशिया तनाव
- डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति
- LNG आयात लागत
- घरेलू गैस उत्पादन
अगर अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों में बड़ी तेजी आती है तो भारत में भी PNG दरों में बढ़ोतरी संभव है। हालांकि फिलहाल सरकार और CGD कंपनियां उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालने से बचती दिख रही हैं।
भारत में गैस आधारित अर्थव्यवस्था पर सरकार का फोकस
भारत सरकार देश की ऊर्जा खपत में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर दे रही है। वर्तमान में भारत की कुल ऊर्जा खपत में गैस की हिस्सेदारी अपेक्षाकृत कम है।
सरकार का लक्ष्य अधिक शहरों में PNG नेटवर्क, CNG स्टेशनों का विस्तार, प्रदूषण में कमी, आयातित तेल पर निर्भरता घटाना यही वजह है कि आने वाले वर्षों में PNG कनेक्शन तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।
आम उपभोक्ताओं के लिए क्या मायने?
PNG कीमतों में स्थिरता शहरी परिवारों के लिए राहत की खबर है। खासकर ऐसे समय में जब पेट्रोल-डीजल महंगे हैं, बिजली दरों में दबाव है, महंगाई ऊंचे स्तर पर बनी हुई है PNG की स्थिर कीमतें घरेलू बजट को संतुलित रखने में मदद कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भारत में गैस इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बढ़ता है तो आने वाले समय में PNG मध्यम वर्ग के लिए सबसे पसंदीदा ईंधन विकल्प बन सकती है।
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