देशभर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कीमतों में फिलहाल स्थिरता बनी हुई है। 18 मई 2026 को मुंबई में PNG की कीमत ₹50 प्रति SCM (स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर) दर्ज की गई, जिसमें पिछले महीने के मुकाबले कोई बदलाव नहीं हुआ। लगातार कई महीनों से PNG रेट स्थिर बने रहने से घरेलू उपभोक्ताओं और छोटे कारोबारियों को राहत मिली है।
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में भी कीमतों में कोई बदलाव नहीं देखा गया। हालांकि अलग-अलग शहरों में PNG की कीमतों में अंतर अभी भी बना हुआ है। कुछ शहरों में PNG सस्ती है, जबकि कुछ जगहों पर उपभोक्ताओं को ज्यादा भुगतान करना पड़ रहा है।
ऊर्जा बाजार के जानकारों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों में उतार-चढ़ाव, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और सरकारी टैक्स स्ट्रक्चर PNG की कीमतों को प्रभावित करते हैं। फिलहाल घरेलू गैस आपूर्ति और लंबी अवधि के अनुबंधों के कारण उपभोक्ताओं को राहत मिल रही है।
क्या है PNG और क्यों बढ़ रही इसकी मांग?
Piped Natural Gas यानी PNG एक ऐसी गैस व्यवस्था है जिसमें गैस सीधे पाइपलाइन के जरिए घरों, होटलों, रेस्तरां और उद्योगों तक पहुंचाई जाती है। इसमें LPG सिलेंडर की तरह बार-बार बुकिंग या डिलीवरी का इंतजार नहीं करना पड़ता।
पिछले कुछ वर्षों में भारत के कई शहरों में PNG नेटवर्क तेजी से फैला है। सरकार “सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क” के जरिए ज्यादा से ज्यादा घरों तक पाइप गैस पहुंचाने पर जोर दे रही है।
PNG की लोकप्रियता बढ़ने के पीछे कई कारण हैं:
- सिलेंडर बदलने की झंझट नहीं
- मीटर आधारित बिलिंग
- अपेक्षाकृत सुरक्षित ईंधन
- कम प्रदूषण
- लंबे समय में लागत नियंत्रण
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में PNG का इस्तेमाल तेजी से बढ़ सकता है, खासकर महानगरों और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स में।
भारत के प्रमुख शहरों में PNG कीमतें
Indian Metro Cities & State Capitals PNG Rates Today
| शहर | PNG कीमत (₹/SCM) | बदलाव |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹47.90 | 0.00 |
| कोलकाता | ₹50.00 | 0.00 |
| मुंबई | ₹50.00 | 0.00 |
| चेन्नई | ₹50.00 | 0.00 |
| गुरुग्राम | ₹49.90 | 0.00 |
| नोएडा | ₹47.76 | 0.00 |
| बेंगलुरु | ₹52.00 | 0.00 |
| भुवनेश्वर | ₹45.33 | 0.00 |
| चंडीगढ़ | ₹52.63 | 0.00 |
| हैदराबाद | ₹51.00 | 0.00 |
| जयपुर | ₹49.50 | 0.00 |
| लखनऊ | ₹56.50 | 0.00 |
| पटना | ₹49.44 | 0.00 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹51.00 | 0.00 |
स्रोत: Goodreturns PNG Rates
किस शहर में सबसे महंगी PNG?
आज के आंकड़ों के अनुसार लखनऊ में PNG सबसे महंगी है, जहां उपभोक्ताओं को ₹56.50 प्रति SCM चुकाने पड़ रहे हैं। वहीं भुवनेश्वर में PNG सबसे सस्ती श्रेणी में बनी हुई है।
ऊर्जा विशेषज्ञों के मुताबिक किसी शहर में PNG की कीमत कई बातों पर निर्भर करती है:
- गैस सप्लाई स्रोत की दूरी
- पाइपलाइन नेटवर्क लागत
- राज्य स्तरीय टैक्स
- स्थानीय वितरण कंपनी का खर्च
- गैस आवंटन नीति
इसी वजह से अलग-अलग राज्यों में कीमतों में अंतर दिखाई देता है।
लंबे समय से स्थिर हैं PNG रेट
मुंबई में PNG की कीमत अक्टूबर 2025 से ₹50 प्रति SCM पर स्थिर बनी हुई है। पिछले 12 महीनों में कीमतों में कुल ₹1 की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सितंबर 2025 में सबसे बड़ा उछाल ₹0.50 प्रति SCM का देखा गया था।
यह स्थिरता ऐसे समय में आई है जब वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कच्चे तेल और LNG की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी के बावजूद घरेलू PNG उपभोक्ताओं को फिलहाल बड़ा झटका नहीं लगा है।
LPG से क्यों अलग है PNG?
PNG और LPG दोनों घरेलू ईंधन हैं, लेकिन इनके इस्तेमाल और सप्लाई सिस्टम में बड़ा फर्क है। LPG सिलेंडर आधारित व्यवस्था है, जबकि PNG पाइपलाइन के जरिए सीधे घर तक पहुंचती है। PNG में जितनी गैस इस्तेमाल होती है, उतना ही बिल बनता है। दूसरी ओर LPG में पूरा सिलेंडर खरीदना पड़ता है।
इसके अलावा PNG को comparatively cleaner fuel माना जाता है क्योंकि इससे कार्बन उत्सर्जन कम होता है। यही वजह है कि सरकार गैस आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की बात लगातार कर रही है।
क्या आगे बढ़ सकती हैं PNG कीमतें?
ऊर्जा बाजार के विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले महीनों में PNG कीमतों पर कई फैक्टर्स असर डाल सकते हैं:
- अंतरराष्ट्रीय LNG कीमतें
- डॉलर-रुपया विनिमय दर
- घरेलू गैस उत्पादन
- सरकार की गैस आवंटन नीति
- वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव
अगर वैश्विक ऊर्जा संकट बढ़ता है या आयातित गैस महंगी होती है, तो आने वाले समय में PNG रेट में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि फिलहाल उपभोक्ताओं को स्थिर कीमतों का फायदा मिल रहा है।
आम उपभोक्ताओं पर क्या असर?
PNG की कीमतें स्थिर रहने से मध्यम वर्गीय परिवारों के मासिक बजट पर राहत बनी रहती है। खासकर उन शहरों में जहां बड़ी संख्या में लोग पाइप गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं, वहां बिजली और रसोई खर्च नियंत्रण में रखने में मदद मिलती है।
रेस्तरां, होटल और छोटे उद्योग भी PNG पर निर्भर हैं। इसलिए इसकी कीमतों में स्थिरता कारोबारी लागत को नियंत्रित रखने में मदद करती है।
निष्कर्ष
भारत में PNG का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है और सरकार भी गैस आधारित ऊर्जा ढांचे को मजबूत करने पर जोर दे रही है। फिलहाल मुंबई समेत कई बड़े शहरों में PNG कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिली है। हालांकि वैश्विक ऊर्जा बाजार में किसी भी बड़े बदलाव का असर आने वाले महीनों में घरेलू गैस कीमतों पर पड़ सकता है।
Also Read:


