PMFBY ने अब तक 22.67 करोड़ किसानों को ₹1.83 लाख करोड़ तक का मुआवजा दिया है। इस वर्ष खरीफ 2025 के लिए पंजीकरण तिथि बढ़ाकर 14 अगस्त की गई, और केंद्र सरकार ने राज्य लापरवाही की स्थिति में पैनल्टी नीति लागू की है।
Contents
🌾 प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) — नवीनतम अपडेट (अगस्त 2025)
✅ 1. कुल मुआवजा डेटा
- फरवरी 2025 तक PMFBY ने 9 वर्षों में 22.67 करोड़ किसान लाभार्थियों को लगभग ₹1.83 लाख करोड़ का मुआवजा प्रदान किया है। यह आंकड़ा फरवरी 2016 से जून 2025 तक के समयावधि के दौरान दर्ज किया गया।
📅 2. पंजीकरण तिथिverl
- सभी राज्यों के लिए खरीफ 2025 पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 जुलाई थी, जिसे सरकार ने नया मौका देते हुए 14 अगस्त 2025 तक बढ़ाया है। यह अंतिम विस्तार होगा।
⚙️ 3. नयी नीति संशोधन — केंद्र की भूमिका
- अब यदि कोई राज्य सरकार अपनी हिस्सेदारी (प्रीमियम) नहीं जमा करती, तब भी केंद्र अपनी हिस्सेदारी किसानों के खाते में सीधे ट्रांसफर करेगा।
- राज्य के डिफॉल्ट होने पर उस पर 12% ब्याज जुर्माना लगेगा। यह नीति किसानों को राज्य सरकार की लापरवाही से सुरक्षा देने के लिए बनाई गई है।
📍 4. राज्यवार सहभागिता
- कर्नाटक में Kalaburagi जिला खरीफ पंजीकरण में सर्वाधिक सक्रिय रहा; लगभग 2.9 लाख किसानों ने बीमा कराया। यह सफलता ग्राम स्तर पर व्यापक जागरूकता के कारण संभव हुई।
⚠️ 5. समस्या: धोखाधड़ी की घटनाएँ
- कर्नाटक के कई जिलों में किसान धोखाधड़ी के शिकार हुए—अज्ञात एजेंटों ने किसानों को गलत जानकारी देकर उनको PMFBY में नामांकन दिखाया, फिर उनका मुआवजा हड़पा। खिलाड़ी किसानों को धोखाधड़ी के चलते असली लाभ न मिल पाने का सामना करना पड़ा।
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📄 सारांश तालिका
| तत्व | विवरण |
|---|---|
| किसान लाभार्थी | 22.67 करोड़ किसानों को मुआवजा |
| कुल मुआवजा राशि | ₹1.83 लाख करोड़ |
| अंतिम पंजीकरण तिथि | 14 अगस्त 2025 तक (अंतिम विस्तार) |
| नई नीति | केंद्र सरकार अब राज्य हिस्सेदारी का भुगतान करेगी |
| राज्य लापरवाही पर दंड | 12% ब्याज जुर्माना |
| सक्रिय जिला जरूरत | Kalaburagi (Karnataka): 2.9 लाख शामिल |
| अस्थिरता | Agents से धोखाधड़ी की शिकायतें बढ़ीं |
📌 निष्कर्ष
PMFBY ने विश्वसनीय प्रणाली बने रहने के बावजूद नवीनतम सुधारों और नीति संशोधनों के माध्यम से किसानों के हित की बेहतर रक्षा की है।
- अंतिम पंजीकरण तिथि एक्सटेंड एवं केंद्र द्वारा राज्य हिस्सेदारी का भुगतान सुनिश्चित किसानों को राहत मिला है।
- Agents fraud जैसी चुनौतियों से सशक्त निगरानी और जागरूकता बढ़ाना जरूरी है।
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