नई दिल्ली — 27 मार्च 2026 को देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव जारी है। सरकार ने बढ़ते दबाव के बावजूद आम जनता को राहत देने के लिए कीमतों को स्थिर बनाए रखने का फैसला किया है।
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⛽ क्यों नहीं बदले पेट्रोल-डीजल के दाम?
पश्चिम एशिया में जारी संकट और वैश्विक सप्लाई बाधाओं के कारण कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। इसके बावजूद भारत में खुदरा ईंधन कीमतों को स्थिर रखा गया है।
- सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है ताकि तेल कंपनियों का दबाव कम हो सके
- तेल कंपनियां फिलहाल बढ़ी लागत का बोझ खुद उठा रही हैं
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतें बढ़ने के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं को तुरंत झटका नहीं दिया गया
🌍 वैश्विक कारण: क्यों बढ़ रहा है दबाव?
- पश्चिम एशिया में युद्ध और तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं
- सप्लाई चेन प्रभावित होने से ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ी है
- कई देशों में ईंधन कीमतें 20% से 50% तक बढ़ चुकी हैं, लेकिन भारत में अभी स्थिरता बनी हुई है
🛢️ सरकार का बड़ा कदम: एक्साइज ड्यूटी में कटौती

सरकार ने हाल ही में:
- पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी ₹13 से घटाकर ₹3 प्रति लीटर की
- डीजल पर एक्साइज ड्यूटी लगभग शून्य कर दी
इस कदम का उद्देश्य:
- तेल कंपनियों को राहत देना
- आम जनता पर कीमतों का बोझ कम करना
- बाजार में घबराहट को रोकना
🗣️ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बयान
वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने स्पष्ट किया:
- देश में ईंधन की कोई कमी नहीं होगी
- सरकार कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए सक्रिय है
- लॉकडाउन की अफवाहें पूरी तरह गलत हैं
📊 निवेशकों और आम जनता के लिए इसका मतलब
- अल्पकाल में ईंधन कीमतों में स्थिरता राहत देती है
- लेकिन अगर कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊँची रहीं, तो भविष्य में दबाव बढ़ सकता है
- सरकारी हस्तक्षेप फिलहाल बाजार को स्थिर बनाए हुए है
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Author: Namam Sharma
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Namam Sharma NewsJagran में बिज़नेस और फाइनेंस खबरों को कवर करते हैं।
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