Pappu Yadav Update: दिल्ली स्थित आवास पर सांसद पप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुए हंगामे के बाद उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर निवासी हैप्पी शर्मा का नाम चर्चा में है। सांसद पप्पू यादव ने इस घटना को जानलेवा हमला बताते हुए आरोप लगाया कि आरोपियों के पास चाकू था। वहीं, हिरासत में लिए गए हैप्पी शर्मा ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि वह सिर्फ सवाल पूछने गया था और उसके पास कोई हथियार नहीं था। फिलहाल दिल्ली पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान क्या हुआ?
#WATCH | Delhi | Chaos at Pappu Yadav's residence during press conference | One of the accused, Happy Sharma, says, "I am from Bulandshahr…A protest by sadhus and saints was taking place, and we had come from Bulandshahr to support them. We had seen in the news that Pappu Yadav… pic.twitter.com/J7t8VnkqAr
— ANI (@ANI) August 2, 2026 रविवार को सांसद पप्पू यादव अपने दिल्ली स्थित आवास पर मीडिया को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान दो युवक कार्यक्रम में पहुंचे और सांसद से सवाल पूछने लगे। देखते ही देखते माहौल गरमा गया और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। घटना के बाद सांसद ने आरोप लगाया कि उनके ऊपर जानलेवा हमला करने की कोशिश की गई और आरोपियों के पास चाकू भी था।
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस मौके पर पहुंची और दो लोगों को हिरासत में ले लिया। इनमें से एक की पहचान हैप्पी शर्मा के रूप में हुई है, जबकि दूसरे युवक का नाम सुमित गिरी गोस्वामी बताया गया है।
कौन है हैप्पी शर्मा?
हैप्पी शर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का रहने वाला है। उसके साथ मौजूद सुमित गिरी गोस्वामी भी बुलंदशहर के सेहपानी गांव का निवासी है।
हैप्पी शर्मा का कहना है कि वह दिल्ली किसी राजनीतिक कार्यक्रम में नहीं, बल्कि साधु-संतों के समर्थन में आयोजित विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने आया था। जब वह धरना स्थल पहुंचा तो वहां से संतों को हटाया जा चुका था। इसके बाद उसने सांसद पप्पू यादव से मुलाकात कर उनसे कुछ सवाल पूछने का फैसला किया।
पप्पू यादव से क्या पूछना चाहता था?
हैप्पी शर्मा के मुताबिक, उसने समाचारों में सांसद पप्पू यादव के कुछ ऐसे बयान देखे थे जिनमें कथित तौर पर साधु-संतों, सनातन धर्म, भगवा वस्त्र और देवी-देवताओं को लेकर विवादित टिप्पणियां की गई थीं।
उसका दावा है कि वह सांसद से सिर्फ यह कहना चाहता था कि वे भगवान राम, संतों और सनातन धर्म के खिलाफ कथित बयानबाजी बंद करें। उसने कहा कि उसका उद्देश्य किसी प्रकार का हमला करना नहीं था।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान क्या हुआ?
हैप्पी शर्मा का कहना है कि सांसद आवास में प्रवेश करने से पहले उसकी सुरक्षा जांच की गई थी। जांच के बाद ही उसे अंदर जाने की अनुमति मिली।
उसके अनुसार, जैसे ही उसने साधु-संतों के मुद्दे और सांसद अवधेश प्रसाद के चरण स्पर्श को लेकर सवाल पूछा, वहां मौजूद लोगों के साथ बहस शुरू हो गई। हैप्पी शर्मा का आरोप है कि सवाल पूछने के बाद सांसद के समर्थकों ने उसके साथ मारपीट की।
उसका यह भी दावा है कि चप्पल फेंकने की घटना मारपीट के बाद हुई थी।
चाकू और जानलेवा हमले के आरोपों पर क्या बोला आरोपी?
सांसद पप्पू यादव की ओर से लगाए गए चाकू और जानलेवा हमले के आरोपों को हैप्पी शर्मा ने पूरी तरह खारिज किया है।
उसने कहा कि—
- प्रवेश से पहले सुरक्षा जांच हुई थी।
- किसी भी व्यक्ति के पास हथियार ले जाना संभव नहीं था।
- पूरी घटना मीडिया और कैमरों के सामने हुई।
- इसलिए चाकू होने का दावा गलत है।
- उसे झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस क्या कर रही है?
घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। मौके पर मौजूद लोगों, सुरक्षा कर्मियों और उपलब्ध वीडियो फुटेज की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल इस मामले में दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ और किसके आरोप सही हैं।
अब तक सामने आए मुख्य तथ्य
- सांसद पप्पू यादव के दिल्ली स्थित आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हंगामा हुआ।
- पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें हैप्पी शर्मा और सुमित गिरी गोस्वामी शामिल हैं।
- हैप्पी शर्मा उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का निवासी है।
- आरोपी का दावा है कि वह साधु-संतों के समर्थन में दिल्ली आया था और सिर्फ सवाल पूछने गया था।
- पप्पू यादव ने जानलेवा हमले और चाकू होने का आरोप लगाया है।
- हैप्पी शर्मा ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि सुरक्षा जांच के बाद बिना हथियार के ही अंदर प्रवेश मिला था।
- दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है और अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।


