Pakistan Blast News: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले में रविवार को आतंकवाद विरोधी शांति रैली उस समय मातम में बदल गई, जब एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को विस्फोट से उड़ा लिया। इस भीषण धमाके में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 24 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। यह हमला कबाल (Kabal) शहर में उस समय हुआ, जब सैकड़ों लोग क्षेत्र में बढ़ती आतंकवादी घटनाओं के खिलाफ शांति की मांग को लेकर एकत्र हुए थे।
शांति रैली के दौरान हुआ आत्मघाती विस्फोट
जानकारी के मुताबिक, स्वात अमन जिरगा (Swat Aman Jirga) द्वारा आयोजित इस रैली में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए थे। प्रदर्शनकारी आतंकवाद के खिलाफ नारे लगा रहे थे और इलाके में स्थायी शांति की मांग कर रहे थे। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति पुलिस स्टेशन की ओर बढ़ा, जहां रैली का आयोजन हो रहा था।
पुलिस अधिकारियों ने जब उसे मुख्य गेट पर रोकने की कोशिश की, तो उसने अपनी आत्मघाती जैकेट में विस्फोट कर दिया। धमाका इतना तेज था कि आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस ने गेट पर रोका, तभी खुद को उड़ा लिया
स्वात क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) फिदा हुसैन ने बताया कि आत्मघाती हमलावर पुलिस स्टेशन में घुसने की कोशिश कर रहा था। मुख्य द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोक लिया, जिसके बाद उसने खुद को विस्फोट से उड़ा लिया।
डिस्ट्रिक्ट पुलिस प्रमुख उमर खान और प्रांतीय आपातकालीन सेवा के प्रवक्ता बिलाल फैजी ने पुष्टि की कि हमले में कम से कम 14 लोगों की मौत हुई है, जबकि 24 से अधिक लोग घायल हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू
धमाके के तुरंत बाद पुलिस, एम्बुलेंस और बचाव दल मौके पर पहुंचे। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और घटना की जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल किसी भी आतंकी संगठन ने इस आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही हैं।
खैबर पख्तूनख्वा में लगातार बढ़ रहे आतंकी हमले
पाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वा प्रांत पिछले कुछ समय से आतंकवादी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। स्वात घाटी में भी हाल के महीनों में उग्रवादी हमलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसके विरोध में स्थानीय लोग शांति रैली निकाल रहे थे।
रविवार को ही प्रांतीय राजधानी पेशावर में भी एक अलग घटना में घर में बने बम (IED) के विस्फोट में चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने ली है।
पाकिस्तान ने फिर अफगानिस्तान पर लगाए आरोप
पाकिस्तान लंबे समय से सीमावर्ती इलाकों में बढ़ते आतंकी हमलों के लिए अफगानिस्तान में सक्रिय उग्रवादी समूहों को जिम्मेदार ठहराता रहा है। दूसरी ओर, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार इन आरोपों को लगातार खारिज करती रही है।
पाकिस्तानी सेना के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक आतंकवादी हमलों और आतंकवाद विरोधी अभियानों में 819 सुरक्षाकर्मी और नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं। यह आंकड़ा देश में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।
पाकिस्तान में सुरक्षा चुनौती लगातार गहराती
विशेषज्ञों का मानना है कि खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ती उग्रवादी गतिविधियां पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी हैं। शांति की मांग को लेकर आयोजित रैली पर हुआ यह आत्मघाती हमला इस बात का संकेत है कि आतंकवादी अब आम नागरिकों और सार्वजनिक आयोजनों को भी निशाना बना रहे हैं।


