Vedanta ने FY27 तक 10 बिलियन डॉलर EBITDA और ₹20,000 करोड़ से अधिक कर्ज कम करने का लक्ष्य रखा है। CFO अजय गोयल ने कहा कि कंपनी के पास डिविडेंड देने और ग्रोथ के लिए पर्याप्त कैश मौजूद है।
Highlights
- FY27 तक 10 बिलियन डॉलर EBITDA हासिल करने का लक्ष्य।
- ₹20,000 करोड़ से अधिक कर्ज कम करने की योजना।
- CFO अजय गोयल बोले- डिविडेंड के लिए पर्याप्त कैश उपलब्ध।
- एल्युमीनियम कारोबार बना कंपनी की कमाई का सबसे बड़ा आधार।
- ऑयल-गैस और क्रिटिकल मिनरल्स बिजनेस पर भी बड़ा फोकस।
Vedanta Dividend News: शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर
नई दिल्ली। माइनिंग और मेटल सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांता लिमिटेड (Vedanta) ने आने वाले वर्षों के लिए अपनी ग्रोथ रणनीति का खुलासा किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 (FY27) तक 10 बिलियन डॉलर EBITDA हासिल करने और ₹20,000 करोड़ से अधिक कर्ज कम करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है।
सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) अजय गोयल ने निवेशकों को भरोसा दिलाया है कि वेदांता के पास भविष्य में कारोबार का विस्तार करने के साथ-साथ आकर्षक डिविडेंड देने के लिए भी पर्याप्त कैश फ्लो उपलब्ध है। यह बयान उन निवेशकों के लिए अहम माना जा रहा है जो वेदांता को उसके ऊंचे डिविडेंड के कारण पसंद करते हैं।
डिविडेंड पर क्या बोले CFO अजय गोयल?
वेदांता के CFO अजय गोयल ने कहा कि कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत है और उसके पास विकास योजनाओं के साथ-साथ शेयरधारकों को अच्छा रिटर्न देने की क्षमता भी मौजूद है।
उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले वर्षों में कंपनी का एल्युमीनियम बिजनेस सबसे बड़ा मुनाफा कमाने वाला कारोबार बना रहेगा। इससे मजबूत कैश फ्लो पैदा होगा, जो भविष्य में डिविडेंड भुगतान को भी समर्थन देगा।
इससे पहले कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल भी कई बार यह कह चुके हैं कि वेदांता अपने शेयरधारकों को बेहतर डिविडेंड देने की परंपरा जारी रखना चाहती है।
एल्युमीनियम कारोबार बना सबसे बड़ा कमाई का इंजन
वेदांता के लिए एल्युमीनियम बिजनेस लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रहा है।
वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1FY27) में कंपनी के एल्युमीनियम कारोबार ने ₹10,299 करोड़ का EBITDA दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में दोगुने से भी अधिक रहा।
इस शानदार प्रदर्शन के पीछे मुख्य वजहें रहीं—
- वैश्विक बाजार में एल्युमीनियम की कीमतों में बढ़ोतरी।
- उत्पादन लागत में कमी।
- ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार।
- बेहतर मार्जिन और मजबूत मांग।
कंपनी का मानना है कि आने वाले वर्षों में भी यही कारोबार उसकी कमाई का सबसे बड़ा आधार रहेगा।
कर्ज कम करने का बड़ा प्लान
वेदांता अपनी बैलेंस शीट को और मजबूत बनाने पर तेजी से काम कर रही है।
कंपनी का लक्ष्य FY27 तक ₹20,000 करोड़ से अधिक का कर्ज घटाना है। इससे कंपनी की ब्याज लागत कम होगी और भविष्य में नकदी प्रवाह और मजबूत बनेगा।
CFO के मुताबिक, जून तिमाही के दौरान कंपनी की पैरेंट कंपनी Vedanta Resources Limited (VRL) पहले ही 1.1 बिलियन डॉलर का कर्ज कम कर चुकी है।
ब्याज खर्च में होगी बड़ी बचत
वेदांता ने अपनी डेट रीफाइनेंसिंग प्रक्रिया भी तेज कर दी है।
कंपनी का अनुमान है कि नए फाइनेंसिंग स्ट्रक्चर के कारण उसे हर साल ₹1,000 करोड़ से अधिक ब्याज खर्च की बचत होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, इससे कंपनी की लाभप्रदता और नकदी प्रवाह दोनों में सुधार देखने को मिल सकता है।
क्रिटिकल मिनरल्स सेक्टर में बढ़ाएगी निवेश
वेदांता अब भविष्य की जरूरतों को देखते हुए क्रिटिकल मिनरल्स (Critical Minerals) के क्षेत्र में भी तेजी से निवेश कर रही है।
ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अरुण मिश्रा के अनुसार, कई मिनरल ब्लॉक्स में एक्सप्लोरेशन शुरू हो चुका है। इनमें उत्तर प्रदेश का मोनाज़ाइट ब्लॉक भी शामिल है।
कंपनी की योजना है कि—
- 2029-30 तक यहां माइनिंग शुरू की जाए।
- 2030-31 तक कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो जाए।
क्रिटिकल मिनरल्स इलेक्ट्रिक वाहन, सेमीकंडक्टर और स्वच्छ ऊर्जा उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
तेल और गैस कारोबार पर भी फोकस
वेदांता अपने ऑयल एंड गैस बिजनेस का भी तेजी से विस्तार कर रही है।
कंपनी का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष के अंत तक उत्पादन को मौजूदा 80,000 बैरल प्रतिदिन से बढ़ाकर 1,00,000 बैरल प्रतिदिन तक पहुंचाना है।
यदि यह लक्ष्य हासिल होता है तो कंपनी की कुल आय और EBITDA में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है इसका मतलब?
वेदांता की रणनीति साफ तौर पर तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित है—
- मजबूत कैश फ्लो बढ़ाना।
- कर्ज कम करके बैलेंस शीट मजबूत बनाना।
- डिविडेंड देने की क्षमता बनाए रखना।
यदि कंपनी FY27 तक अपने घोषित लक्ष्य हासिल कर लेती है, तो इससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सकता है। हालांकि, शेयर बाजार में निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय नतीजों, कमोडिटी कीमतों और अपने वित्तीय सलाहकार की राय को ध्यान में रखना जरूरी है।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।


