Oracle Financial Shares: Oracle Financial Services Software (OFSS) के शेयरों में गुरुवार को जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। जून 2026 तिमाही के शानदार नतीजों के बाद शेयर शुरुआती कारोबार में 5% से अधिक उछल गया, लेकिन कुछ ही देर बाद कंपनी के CEO और MD मकरंद पडालकर (Makrand Padalkar) के इस्तीफे की खबर आने से निवेशकों का मूड बदल गया। नतीजतन शेयर इंट्रा-डे हाई से करीब 13% टूट गया।
Highlights
- जून तिमाही में कंपनी का मुनाफा दोगुने से भी अधिक बढ़ा।
- रेवेन्यू में 68.7% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई।
- EBITDA 122% उछला और मार्जिन 60% पर पहुंचा।
- CEO मकरंद पडालकर के इस्तीफे की घोषणा के बाद शेयर में भारी बिकवाली।
- इंट्रा-डे में 5% चढ़ने के बाद शेयर करीब 13% फिसला।
Oracle Financial Share Price में क्यों आया बड़ा उतार-चढ़ाव?
बीएसई पर Oracle Financial Services Software का शेयर शुरुआती कारोबार में 5.08% की तेजी के साथ ₹11,394.75 तक पहुंच गया। निवेशकों ने कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजों का स्वागत किया, लेकिन CEO के इस्तीफे की घोषणा के बाद शेयर में तेज मुनाफावसूली शुरू हो गई।
इसके बाद शेयर 12.68% टूटकर ₹9,950 तक आ गया। फिलहाल यह करीब 4.17% की गिरावट के साथ ₹10,391.70 पर कारोबार करता दिखा।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत वित्तीय नतीजों के बावजूद शीर्ष प्रबंधन में बदलाव से निवेशकों की चिंता बढ़ी, जिसके चलते शेयर पर दबाव देखने को मिला।
CEO Makrand Padalkar ने क्यों दिया इस्तीफा?
Oracle Financial Services Software के CEO और Managing Director मकरंद पडालकर 23 जुलाई तक अपने पद पर रहेंगे। हालांकि कंपनी ने बताया कि वे अगले कुछ महीनों तक ट्रांजिशन प्रक्रिया पूरी होने तक संगठन से जुड़े रहेंगे।
कंपनी ने नेतृत्व में निम्नलिखित बदलाव किए हैं—
- 24 जुलाई से मौजूदा CFO अवधूत केतकर कंपनी के नए CEO और MD बनेंगे।
- चीफ अकाउंटिंग ऑफिसर मनीष भंडारी को नया CFO नियुक्त किया गया है।
कंपनी का कहना है कि यह बदलाव सुचारु नेतृत्व हस्तांतरण सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
Oracle Financial Q1 Results: जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही Oracle Financial के लिए बेहद मजबूत रही।
| वित्तीय आंकड़ा | जून 2026 | सालाना बदलाव |
|---|---|---|
| रेवेन्यू | ₹3,125.2 करोड़ | +68.7% |
| शुद्ध मुनाफा | ₹1,415.7 करोड़ | ₹642 करोड़ से दोगुने से अधिक |
| EBITDA | ₹1,876.1 करोड़ | +122% |
| EBITDA Margin | 60% | 45.7% से बढ़कर |
कंपनी की आय और मुनाफे में यह बढ़ोतरी बाजार की अपेक्षाओं से बेहतर रही।
प्रोडक्ट बिजनेस बना सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन
Oracle Financial की शानदार ग्रोथ के पीछे उसका कोर प्रोडक्ट बिजनेस रहा।
- प्रोडक्ट बिजनेस से रेवेन्यू 75% बढ़कर ₹2,936 करोड़ पहुंच गया।
- कंपनी की कुल आय में सबसे बड़ा योगदान इसी से आया।
Revenue Mix में बड़ा बदलाव
- License और Cloud Fees की हिस्सेदारी 16% से बढ़कर 44% हो गई।
- Maintenance Fees की हिस्सेदारी 30% से घटकर 20% रह गई।
- Consulting Fees की हिस्सेदारी 45% से घटकर 30% पर आ गई।
यह बदलाव बताता है कि कंपनी का फोकस हाई-मार्जिन लाइसेंस और क्लाउड बिजनेस की ओर बढ़ रहा है।
सर्विसेज बिजनेस भी बढ़ा
कंपनी का सर्विसेज बिजनेस भी सकारात्मक रहा।
- सर्विसेज रेवेन्यू 6% बढ़कर ₹189 करोड़ हो गया।
- Remaining Performance Obligations (RPO) 16% बढ़कर ₹7,345 करोड़ पहुंच गया।
RPO उन ऑर्डर्स और कॉन्ट्रैक्ट्स की वैल्यू को दर्शाता है, जिनसे भविष्य में कंपनी को राजस्व मिलने की संभावना है।
एक साल में निवेशकों को दिया शानदार रिटर्न
Oracle Financial के शेयरों ने पिछले एक साल में निवेशकों को बेहतरीन रिटर्न दिया है।
- 17 मार्च 2026: ₹6,232.20 (52 सप्ताह का निचला स्तर)
- 17 जुलाई 2026: ₹11,986.90 (52 सप्ताह का उच्च स्तर)
यानी सिर्फ चार महीनों में शेयर करीब 92% तक उछल गया। वर्ष 2026 में यह निफ्टी आईटी इंडेक्स के सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले चुनिंदा शेयरों में शामिल रहा है।
हालांकि हाल के कारोबारी सत्रों में शेयर में तेज मुनाफावसूली देखने को मिली है और 22 जुलाई को यह निफ्टी 500 का टॉप लूजर भी रहा था।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
Oracle Financial के तिमाही नतीजे कंपनी के मजबूत ऑपरेटिंग प्रदर्शन को दिखाते हैं। रेवेन्यू, मुनाफा, EBITDA और मार्जिन सभी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। हालांकि CEO के इस्तीफे जैसी बड़ी कॉर्पोरेट घोषणा ने अल्पकालिक निवेशकों की धारणा पर असर डाला, जिसके चलते शेयर में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। आने वाले समय में नए नेतृत्व के तहत कंपनी की रणनीति और ऑर्डर बुक पर निवेशकों की नजर रहेगी।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


