देश की सबसे बड़ी सरकारी बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी (NTPC) ने अपने विस्तार अभियान को नई रफ्तार देते हुए छत्तीसगढ़ के लारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट के तीसरे चरण (Stage-III) में ₹20,456.70 करोड़ के निवेश को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद सोमवार को शेयर बाजार खुलते ही NTPC के शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।
करीब ₹3.34 लाख करोड़ के मार्केट कैप वाली महारत्न PSU ने इस मेगा निवेश के जरिए भविष्य की बिजली मांग को पूरा करने और अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
बोर्ड ने दी ₹20,456.70 करोड़ के निवेश को मंजूरी

NTPC ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि 11 जुलाई 2026 को हुई बोर्ड बैठक में लारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट (Stage-III) के विस्तार को मंजूरी दी गई।
इस परियोजना के तहत कंपनी 800-800 मेगावाट की दो सुपरक्रिटिकल थर्मल यूनिट (2×800 MW) स्थापित करेगी। यानी इस विस्तार के बाद परियोजना से कुल 1,600 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन क्षमता जुड़ जाएगी।
सुपरक्रिटिकल तकनीक से बढ़ेगी दक्षता
नई यूनिट्स में सुपरक्रिटिकल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसे पारंपरिक कोयला आधारित बिजली संयंत्रों की तुलना में अधिक ईंधन दक्ष और अपेक्षाकृत कम उत्सर्जन वाली तकनीक माना जाता है।
इस परियोजना पर ₹20,456.70 करोड़ का अनुमानित खर्च आएगा। अतिरिक्त 1,600 मेगावाट क्षमता राष्ट्रीय बिजली ग्रिड को मजबूती देने के साथ-साथ भविष्य में बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
निवेशकों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
पावर सेक्टर में सरकारी कंपनियों का बड़े पैमाने पर कैपेक्स (Capital Expenditure) करना लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है।
इस निवेश से NTPC को कई फायदे मिल सकते हैं—
- भविष्य की बिजली उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा।
- कंपनी की दीर्घकालिक ग्रोथ विजिबिलिटी मजबूत होगी।
- ऑर्डर बुक और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार को गति मिलेगी।
- देश में बढ़ती बिजली मांग का लाभ उठाने की बेहतर स्थिति बनेगी।
यही वजह है कि सोमवार के कारोबारी सत्र में निवेशकों की नजर NTPC के शेयर पर बनी रह सकती है।
न्यूक्लियर एनर्जी में भी बड़ा प्लान
थर्मल पावर के साथ-साथ NTPC अब परमाणु ऊर्जा (Nuclear Energy) क्षेत्र में भी आक्रामक विस्तार की तैयारी कर रही है।
कंपनी 700 MW, 1,000 MW और 1,600 MW क्षमता वाले न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स विकसित करने की योजना पर काम कर रही है।
NTPC का लक्ष्य 2047 तक भारत की प्रस्तावित 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता में 30% यानी करीब 30 GW की हिस्सेदारी हासिल करना है।
कई राज्यों में तलाश रही जमीन
कंपनी फिलहाल गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार और आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों में न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स के लिए उपयुक्त भूमि का मूल्यांकन कर रही है।
एक 1 गीगावाट क्षमता वाले परमाणु संयंत्र की स्थापना पर आमतौर पर ₹15,000 करोड़ से ₹20,000 करोड़ तक का निवेश आता है और परियोजना शुरू होने से लेकर चालू होने तक लगभग तीन वर्ष का समय लग सकता है।
आगे क्या देखें?
NTPC का यह निवेश दर्शाता है कि कंपनी केवल मौजूदा बिजली उत्पादन बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि भारत की भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक विस्तार रणनीति पर भी काम कर रही है। थर्मल और न्यूक्लियर दोनों क्षेत्रों में बड़े निवेश कंपनी की विकास योजनाओं को मजबूत आधार दे सकते हैं।


