भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री तेजी से इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और प्रीमियम फीचर्स की ओर बढ़ रही है। ऐसे में ऑटो एंसिलरी कंपनियों के लिए बड़े अवसर बन रहे हैं। ब्रोकरेज फर्म मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल का मानना है कि मिंडा कॉर्पोरेशन (Minda Corp) इस बदलाव का सबसे बड़ा लाभ उठाने की मजबूत स्थिति में है। इसी भरोसे के साथ ब्रोकरेज ने कंपनी पर ‘BUY’ रेटिंग देते हुए ₹825 का टारगेट प्राइस तय किया है, जो मौजूदा स्तर से करीब 18% अपसाइड दर्शाता है।
4 बड़े ट्रेंड्स से मिलेगा ग्रोथ का फायदा
ब्रोकरेज के मुताबिक, आने वाले वर्षों में ऑटो सेक्टर के चार प्रमुख ट्रेंड्स मिंडा कॉर्पोरेशन की कमाई को नई ऊंचाई दे सकते हैं।
- प्रीमियम वाहनों की बढ़ती मांग
- इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) ट्रांजिशन
- लोकल मैन्युफैक्चरिंग और लोकलाइजेशन
- एक्सपोर्ट मार्केट में विस्तार
इन सभी क्षेत्रों में कंपनी की मौजूदगी लगातार मजबूत हो रही है।
अब गाड़ियां बन रही हैं ‘इलेक्ट्रॉनिक्स ऑन व्हील्स’
रिपोर्ट के अनुसार, आधुनिक वाहन अब केवल मैकेनिकल मशीन नहीं रहे, बल्कि उनमें इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल सिस्टम का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।
पहले जहां एनालॉग इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर की कीमत ₹600-₹1,000 होती थी, वहीं अब TFT डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर ₹3,000-₹6,000 तक के आते हैं। अगले 2-3 वर्षों में डिजिटल क्लस्टर की बाजार हिस्सेदारी 20% से बढ़कर 45% तक पहुंचने का अनुमान है। इससे कंपनी की प्रति वाहन कमाई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है।
EV सेगमेंट में बढ़ रही मजबूत पकड़

मिंडा कॉर्पोरेशन ने Flash Electronics और Turntide Electronics के साथ साझेदारी की है। इन समझौतों के जरिए कंपनी को EV पावरट्रेन, हाई-पावर मोटर कंट्रोलर और एडवांस इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम जैसे हाई-वैल्यू बिजनेस में प्रवेश मिला है।
इसका सबसे बड़ा फायदा इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में देखने को मिल सकता है।
EV में प्रति वाहन कमाई होगी कई गुना
ब्रोकरेज के अनुसार, पारंपरिक पेट्रोल-डीजल टू-व्हीलर (ICE) में मिंडा के उत्पादों की वैल्यू ₹10,000-₹12,000 प्रति वाहन होती है।
वहीं Flash और Turntide के साथ साझेदारी के बाद इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर में यह वैल्यू बढ़कर ₹35,000-₹40,000 प्रति वाहन तक पहुंच सकती है। यानी EV ट्रांजिशन कंपनी के लिए बड़ी कमाई का जरिया बन सकता है।
₹1,000 करोड़ का मजबूत ऑर्डर बैकलॉग
कंपनी के पास फिलहाल करीब ₹1,000 करोड़ का ऑर्डर बैकलॉग मौजूद है। इसमें शामिल हैं—
- सनरूफ सिस्टम
- स्विच सिस्टम
- EV डाई-कास्टिंग
- अन्य नए इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स
यह ऑर्डर बुक आने वाले वर्षों में राजस्व वृद्धि को मजबूत आधार दे सकती है।
निवेश का दौर खत्म, अब कमाई पर फोकस
ब्रोकरेज के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 कंपनी के लिए बड़े निवेश का वर्ष है। कंपनी क्लस्टर्स, वायरिंग हार्नेस और लोकलाइजेशन पर करीब ₹2,000 करोड़ का निवेश कर रही है।
निवेश चरण पूरा होने के बाद कंपनी की फोकस कमाई बढ़ाने पर होगी, जिससे रिटर्न रेशियो 14-16% तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
अगले तीन साल के लिए मजबूत ग्रोथ अनुमान
मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-28 के दौरान कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रह सकता है।
- रेवेन्यू CAGR: 19%
- EBITDA CAGR: 20%
- PAT CAGR: 28%
साथ ही EBITDA मार्जिन और रिटर्न ऑन कैपिटल में भी सुधार की उम्मीद जताई गई है।
किन जोखिमों पर रखनी होगी नजर?
हालांकि ब्रोकरेज ने कुछ संभावित जोखिमों का भी उल्लेख किया है।
- TFT डिजिटल क्लस्टर की अपेक्षा से धीमी मांग
- ऑटो इंडस्ट्री में कमजोर बिक्री
- लोकलाइजेशन प्रोजेक्ट्स में देरी
- नई उत्पादन क्षमता का धीमा उपयोग
- एक्सपोर्ट ग्रोथ में सुस्ती
इसके बावजूद ब्रोकरेज ने कंपनी पर अपनी BUY रेटिंग बरकरार रखी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई निवेश संबंधी राय ब्रोकरेज हाउस की है। NewsJagran किसी भी स्टॉक में निवेश की सलाह नहीं देता। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
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