Highlights
- NSE ने अपने बहुप्रतीक्षित IPO के लिए DRHP दाखिल किया।
- NIACL के शेयरों में एक दिन में करीब 14% की तेजी दर्ज हुई।
- न्यू इंडिया एश्योरेंस IPO में NSE की हिस्सेदारी बेचने जा रही है।
- NSE का IPO भारत का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बन सकता है।
नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बहुप्रतीक्षित आईपीओ की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए कंपनी ने बाजार नियामक सेबी के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर दिया है। इस खबर का असर केवल NSE तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके प्रमुख शेयरधारकों के शेयरों में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली।
गुरुवार के कारोबार में सरकारी बीमा कंपनी न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (NIACL) के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। NSE में हिस्सेदारी रखने वाली इस कंपनी का शेयर करीब 14 फीसदी तक उछलकर ₹188 के स्तर पर पहुंच गया। निवेशकों का मानना है कि NSE के IPO के जरिए NIACL को अपनी हिस्सेदारी बेचने का अवसर मिलेगा, जिससे कंपनी को बड़ा वित्तीय लाभ हो सकता है।
NIACL के शेयरों में क्यों आई तेजी?
NSE द्वारा दाखिल किए गए DRHP के अनुसार, आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) पर आधारित होगा। यानी कंपनी कोई नए शेयर जारी नहीं करेगी, बल्कि मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।
इस OFS में न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड भी शामिल है। दस्तावेजों के मुताबिक NIACL IPO के तहत फेस वैल्यू ₹1 वाले करीब 1.05 करोड़ इक्विटी शेयर बेच सकती है। दिलचस्प बात यह है कि इन शेयरों की कंपनी के लिए वेटेड एवरेज कॉस्ट मात्र ₹0.32 प्रति शेयर बताई गई है। ऐसे में निवेशकों को उम्मीद है कि हिस्सेदारी बिक्री से कंपनी को बड़ा मूल्य अनलॉक करने का अवसर मिलेगा।
यही कारण है कि NSE IPO की खबर सामने आते ही बाजार में NIACL के शेयरों की मांग बढ़ गई और शेयर में तेज उछाल देखने को मिला।
NSE IPO क्यों है इतना खास?
NSE का प्रस्तावित IPO लगभग ₹30,000 करोड़ का माना जा रहा है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है तो यह भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा IPO बन सकता है।
वर्तमान में यह रिकॉर्ड हुंडई मोटर इंडिया के ₹27,870 करोड़ के IPO के नाम दर्ज है। NSE का इश्यू इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकता है। IPO के तहत कुल 14.89 करोड़ शेयरों की बिक्री की जाएगी और मौजूदा शेयरधारक मिलकर करीब 6 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेंगे।
NSE देश का सबसे बड़ा इक्विटी डेरिवेटिव्स एक्सचेंज है और लंबे समय से इसके IPO का इंतजार किया जा रहा था। अब DRHP दाखिल होने के बाद इस प्रक्रिया को लेकर निवेशकों की उत्सुकता और बढ़ गई है।
निवेशकों की नजर अब शेयरधारकों पर
NSE के IPO से केवल एक्सचेंज ही नहीं, बल्कि उसके प्रमुख शेयरधारकों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। इसी वजह से बाजार में उन कंपनियों के शेयरों पर भी नजर रखी जा रही है जिनके पास NSE की हिस्सेदारी मौजूद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि IPO के मूल्यांकन और अंतिम कीमत सामने आने के बाद ऐसी कंपनियों में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। NIACL के शेयरों में आई मौजूदा तेजी इसी उम्मीद का नतीजा मानी जा रही है।
आगे क्या रहेगा फोकस?
अब निवेशकों की निगाहें सेबी की मंजूरी, IPO के प्राइस बैंड और शेयरधारकों को मिलने वाले संभावित लाभ पर रहेंगी। यदि IPO को मजबूत वैल्यूएशन मिलता है तो NSE में हिस्सेदारी रखने वाली कंपनियों के शेयरों में और भी सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।
हालांकि, किसी भी शेयर में निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, वैल्यूएशन और जोखिमों का आकलन करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश का कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


