NCERT को deemed university का दर्जा मिला। जानिए छात्रों पर क्या असर होगा और क्या बदलने वाला है।
नई दिल्ली: भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने National Council of Educational Research and Training (NCERT) को ‘Deemed-to-be University’ का दर्जा दे दिया है।
इस फैसले के बाद अब NCERT को अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों के लिए खुद डिग्री प्रदान करने का अधिकार मिल जाएगा।
यह निर्णय Ministry of Education द्वारा University Grants Commission (UGC) की सिफारिश पर लिया गया है और इसे भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली में एक महत्वपूर्ण सुधार के रूप में देखा जा रहा है।
क्या बदल जाएगा इस फैसले से
अब तक NCERT के विभिन्न संस्थानों में चलने वाले कोर्स स्थानीय विश्वविद्यालयों से संबद्ध थे।
उदाहरण के तौर पर:
- भोपाल में Barkatullah University
- अजमेर में Maharshi Dayanand Saraswati University
- मैसूर में University of Mysore
- भुवनेश्वर में Utkal University
- शिलांग में North-Eastern Hill University
अब NCERT खुद अपने नाम से डिग्री देगा, जिससे इसकी शैक्षणिक स्वायत्तता (academic autonomy) बढ़ेगी।
किन संस्थानों को मिला फायदा
इस फैसले के तहत NCERT के छह प्रमुख संस्थान भी शामिल हैं:
- Regional Institute of Education, Ajmer
- Regional Institute of Education, Bhopal
- Regional Institute of Education, Bhubaneswar
- Regional Institute of Education, Mysuru
- Regional Institute of Education, Shillong
- Pandit Sunderlal Sharma Central Institute of Vocational Education, Bhopal
इन संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को अब सीधे NCERT से डिग्री मिलेगी।
‘De-novo’ कैटेगरी का क्या मतलब है
NCERT को यह दर्जा ‘de-novo’ कैटेगरी में दिया गया है।
इसका मतलब है कि:
- यह संस्था नए और उभरते क्षेत्रों में रिसर्च और पढ़ाई करेगी
- ऐसे विषयों पर फोकस होगा जो अभी अन्य संस्थानों में उपलब्ध नहीं हैं
यह कदम शिक्षा में innovation को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।
सरकार ने क्या शर्तें रखीं
सरकार ने इस दर्जे के साथ कुछ अहम शर्तें भी लागू की हैं:
- कोई भी गतिविधि “commercial” या “profit-making” नहीं होनी चाहिए
- सभी कोर्स University Grants Commission के नियमों के अनुसार होंगे
- नए कैंपस या कोर्स शुरू करने के लिए UGC की गाइडलाइंस का पालन जरूरी होगा
यह सुनिश्चित करने के लिए है कि शिक्षा की गुणवत्ता बनी रहे और इसका व्यवसायीकरण न हो।
रिसर्च और PhD प्रोग्राम्स पर फोकस
Ministry of Education ने NCERT को निर्देश दिया है कि वह:
- रिसर्च प्रोग्राम शुरू करे
- PhD कोर्स लॉन्च करे
- innovative academic programmes विकसित करे
यह कदम NCERT को केवल पाठ्यपुस्तक बनाने वाली संस्था से आगे बढ़ाकर एक research-driven university में बदल सकता है।
Academic Bank of Credits (ABC) क्या है
सरकार ने NCERT को Academic Bank of Credits (ABC) सिस्टम अपनाने का भी निर्देश दिया है।
ABC के तहत:
- छात्रों के सभी क्रेडिट डिजिटल रूप से स्टोर होंगे
- वे अलग-अलग संस्थानों से पढ़ाई कर सकते हैं
- और अपने क्रेडिट को ट्रांसफर कर सकते हैं
यह नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत flexibility बढ़ाने का हिस्सा है।
NIRF रैंकिंग में भागीदारी अनिवार्य
NCERT को अब National Institutional Ranking Framework (NIRF) रैंकिंग में भाग लेना भी अनिवार्य होगा।
इससे:
- पारदर्शिता बढ़ेगी
- गुणवत्ता का आकलन होगा
- अन्य संस्थानों के साथ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी
छात्रों के लिए क्या फायदे होंगे
इस फैसले से छात्रों को कई फायदे मिल सकते हैं:
1. बेहतर ब्रांड वैल्यू
NCERT की डिग्री की विश्वसनीयता ज्यादा हो सकती है।
2. रिसर्च के अवसर
PhD और नए कोर्स से रिसर्च के अवसर बढ़ेंगे।
3. आधुनिक शिक्षा
नई तकनीक और innovation आधारित कोर्स उपलब्ध होंगे।
चुनौतियां भी कम नहीं
हालांकि यह कदम सकारात्मक है, लेकिन कुछ चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं:
- नई यूनिवर्सिटी सिस्टम को स्थापित करना
- फैकल्टी और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना
- अन्य शीर्ष संस्थानों से प्रतिस्पर्धा
विश्लेषण: शिक्षा में बड़ा बदलाव
NCERT का यह परिवर्तन दिखाता है कि सरकार शिक्षा को केवल स्कूल स्तर तक सीमित नहीं रखना चाहती।
अब फोकस है:
- रिसर्च आधारित शिक्षा
- innovation
- और global standards
यह कदम NEP 2020 के लक्ष्यों के अनुरूप भी है।
निष्कर्ष
National Council of Educational Research and Training को ‘Deemed University’ का दर्जा मिलना भारत की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ा कदम है।
यह केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि एक नई दिशा है—जहां शिक्षा, रिसर्च और innovation एक साथ आगे बढ़ेंगे।
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि NCERT इस नए रोल में कितनी तेजी से खुद को स्थापित करता है और छात्रों को क्या नए अवसर देता है।
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