McDonald’s India से जुड़ा एक सोशल मीडिया पोस्ट रविवार, 6 सितंबर को चर्चा में आ गया। एक कथित इंटर्न ने आरोप लगाया कि दिसंबर 2025 से उसे अपने काम का भुगतान नहीं मिला। आर्थिक परेशानी के कारण उसे दो अतिरिक्त नौकरियां भी करनी पड़ीं। हालांकि, पोस्ट को कुछ समय बाद McDonald’s India के आधिकारिक X अकाउंट से हटा दिया गया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पर McDonald’s India से जुड़ा एक पोस्ट तेजी से चर्चा में है। वायरल स्क्रीनशॉट में एक कथित इंटर्न की ओर से कंपनी के आधिकारिक X अकाउंट के जरिए शिकायत किए जाने का दावा किया गया है। पोस्ट में कथित तौर पर कहा गया कि इंटर्न को कई महीनों से उसके काम का भुगतान नहीं मिला।
मामला इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि यह पोस्ट कथित तौर पर McDonald’s India के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से दिखाई दी थी। हालांकि, कंपनी ने इसे कुछ समय बाद हटा दिया। ऐसे में सोशल मीडिया पर मौजूद स्क्रीनशॉट के आधार पर किए जा रहे दावों को लेकर अभी कई सवाल बने हुए हैं।
क्या है वायरल पोस्ट में दावा?

वायरल स्क्रीनशॉट के मुताबिक, एक कथित इंटर्न ने दावा किया कि वह McDonald’s के साथ इंटर्न के तौर पर काम कर रहा था। उसके मुताबिक, दिसंबर 2025 से उसे भुगतान नहीं किया गया।
कथित इंटर्न ने यह भी दावा किया कि उसके पास कंपनी के कई एशियाई सोशल मीडिया अकाउंट संभालने की जिम्मेदारी थी। पोस्ट के अनुसार, काम जारी रखने के बावजूद भुगतान नहीं मिलने से उसे आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
उसने दावा किया कि अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए उसे दो अतिरिक्त नौकरियां करनी पड़ीं। यही बात सोशल मीडिया यूजर्स के बीच सबसे ज्यादा चर्चा का कारण बनी।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि वायरल स्क्रीनशॉट में किए गए इन दावों की फिलहाल स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
इंटर्नशिप को लेकर फिर उठे सवाल
इस घटना ने भारत में इंटर्नशिप और स्टाइपेंड को लेकर एक पुरानी बहस को फिर सामने ला दिया है।
इंटर्नशिप आमतौर पर छात्रों और युवाओं के लिए व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का जरिया होती है। लेकिन जब किसी इंटर्न से लंबे समय तक नियमित कर्मचारी जैसी जिम्मेदारियां लेने की बात सामने आती है, तो भुगतान, काम के घंटे और भूमिका की स्पष्टता जैसे सवाल महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
सोशल मीडिया पर समय-समय पर युवाओं की ऐसी पोस्ट सामने आती रही हैं, जिनमें बिना भुगतान लंबे समय तक काम कराने या इंटर्नशिप के नाम पर नियमित काम लेने की शिकायतें की जाती हैं। हालांकि, हर मामले की परिस्थितियां अलग होती हैं और किसी वायरल पोस्ट के आधार पर किसी कंपनी के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
McDonald’s India की इंटर्नशिप को लेकर क्या जानकारी मिलती है?
McDonald’s India से जुड़ी अलग-अलग समय की इंटर्नशिप लिस्टिंग में स्टाइपेंड वाली भूमिकाओं का भी उल्लेख मिलता रहा है।
उदाहरण के तौर पर, 2017 की एक Internshala लिस्टिंग में McDonald’s India (South & West) की HR इंटर्नशिप के लिए ₹7,500 से ₹15,000 प्रति महीने के स्टाइपेंड का उल्लेख किया गया था।
हालांकि, यह पुरानी इंटर्नशिप लिस्टिंग है। इसे वर्तमान मामले से जोड़कर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि वायरल पोस्ट में दावा करने वाले कथित इंटर्न की भूमिका, शर्तें या भुगतान व्यवस्था भी बिल्कुल ऐसी ही थी।
सोशल मीडिया पर यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रिया
वायरल पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाएं भी अलग-अलग रही हैं।
कुछ यूजर्स ने कथित इंटर्न का समर्थन किया। उनका कहना है कि अगर किसी व्यक्ति से लंबे समय तक काम लिया गया और तय भुगतान नहीं किया गया, तो कंपनी को मामले की जांच करके स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
दूसरी ओर, कुछ यूजर्स ने बिना पूरी जानकारी के McDonald’s को दोषी ठहराने से बचने की सलाह दी। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल स्क्रीनशॉट को अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता और कथित इंटर्न के साथ-साथ कंपनी का पक्ष भी सामने आना चाहिए।
क्या McDonald’s India ने आरोपों पर जवाब दिया?
फिलहाल उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के आधार पर इस मामले में McDonald’s India की ओर से कोई स्पष्ट आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
वायरल पोस्ट को कंपनी के आधिकारिक X अकाउंट से हटाए जाने की बात भी चर्चा में है, लेकिन केवल पोस्ट के हटने से यह साबित नहीं होता कि उसमें लगाए गए आरोप सही हैं।
मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए कथित इंटर्न की पहचान, इंटर्नशिप या ऑफर से जुड़े दस्तावेज, भुगतान का रिकॉर्ड और कंपनी का आधिकारिक बयान जैसे प्रमाण महत्वपूर्ण होंगे।
वायरल दावे पर अभी निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी
फिलहाल इस पूरे मामले को एक सोशल मीडिया दावे के तौर पर देखना उचित है, न कि स्थापित तथ्य के रूप में। कथित इंटर्न ने गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन उनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अगर McDonald’s India या संबंधित इंटर्न की ओर से आगे कोई आधिकारिक बयान या दस्तावेज सामने आता है, तो उससे मामले की स्थिति ज्यादा स्पष्ट हो सकती है।
इस घटना ने हालांकि एक अहम सवाल जरूर खड़ा किया है—क्या कंपनियों को इंटर्न से ली जाने वाली जिम्मेदारियों, भुगतान और काम की शर्तों को पूरी तरह स्पष्ट रखना चाहिए? सोशल मीडिया पर चल रही बहस इसी सवाल के इर्द-गिर्द केंद्रित है।


