Market Technicals: भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली है। निफ्टी 50 ने सोमवार को 23,400 के ऊपर बंद होकर शॉर्ट टर्म में मजबूती के संकेत दिए। मोमेंटम इंडिकेटर्स भी बता रहे हैं कि हाल की मंदी धीरे-धीरे कमजोर हो रही है। हालांकि, बड़े ट्रेंड में अभी पूरी तरह बदलाव नहीं माना जा सकता, क्योंकि इंडेक्स अभी भी कई अहम मूविंग एवरेज के नीचे कारोबार कर रहा है।
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक निफ्टी में ट्रेंड रिवर्सल की पुष्टि के लिए मजबूत फॉलो-अप बाइंग जरूरी होगी। इंडेक्स को 23,600-23,700 के जोन के ऊपर मजबूती से टिकना होगा। अगर ऐसा होता है तो 24,000 के स्तर की तरफ आगे बढ़ने की संभावना बन सकती है। दूसरी ओर, गिरावट की स्थिति में 23,300 तत्काल सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है, जबकि 23,100-23,000 का क्षेत्र अगला अहम सपोर्ट जोन है।
निफ्टी में लगातार चौथे दिन तेजी
सोमवार को निफ्टी 50 की शुरुआत लगभग सपाट रही, लेकिन कारोबार बढ़ने के साथ खरीदारी मजबूत होती गई। इंडेक्स ने दिन के दौरान 23,467 का हाई बनाया। हालांकि ऊपरी स्तरों पर कुछ प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली और निफ्टी अंत में 68 अंक यानी 0.29 फीसदी की बढ़त के साथ 23,414 पर बंद हुआ।
डेली चार्ट पर निफ्टी ने बुलिश कैंडल बनाई। कैंडल में ऊपर की तरफ छोटी विक दिखाई दी। खास बात यह रही कि इंडेक्स ने पिछले मंगलवार की लंबी लाल कैंडल की रेंज के भीतर लगातार तीसरे सत्र में हायर हाई और हायर लो का पैटर्न बनाया। सीमित दायरे में इस तरह की चाल शॉर्ट टर्म में सकारात्मक संकेत देती है।
हालांकि, बड़े चार्ट स्ट्रक्चर को देखें तो लोअर हाई और लोअर लो का पैटर्न अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसके अलावा 20, 50, 100 और 200-डे EMA अभी भी नीचे की ओर झुके हुए हैं। इसलिए मौजूदा तेजी को फिलहाल शॉर्ट टर्म रिकवरी के तौर पर देखना ज्यादा उचित है, जब तक कि अहम रेजिस्टेंस लेवल निर्णायक रूप से पार नहीं होते।
RSI और MACD से क्या संकेत मिल रहे हैं?
निफ्टी का RSI बढ़कर 37.54 पर पहुंच गया और अपनी सिग्नल लाइन के ऊपर निकल गया। हालांकि यह अभी भी 50 के स्तर से नीचे है। इसका मतलब है कि मोमेंटम में सुधार हुआ है, लेकिन इंडेक्स में मजबूत बुलिश मोमेंटम की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
MACD में भी सुधार देखने को मिला है। इंडिकेटर ऊपर गया, लेकिन अभी रेफरेंस लाइन के नीचे बना हुआ है। वहीं, लाल हिस्टोग्राम बार लगातार चौथे सत्र में छोटे हुए हैं। इन संकेतों से पता चलता है कि हाल का मंदी वाला मोमेंटम कमजोर हो रहा है।
23,600 का स्तर क्यों अहम है?
HDFC Securities के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी के मुताबिक निफ्टी ने 15 सितंबर की लंबी बेयर कैंडल के मिड-पॉइंट यानी करीब 23,300 के स्तर को पार कर लिया है। उनके अनुसार यह शॉर्ट टर्म के लिए सकारात्मक संकेत है।
अब बाजार की नजर करीब 23,600 के स्तर पर रहेगी। यह 15 सितंबर की लंबी बेयर कैंडल का ऊपरी हिस्सा है और पोलैरिटी में बदलाव के लिहाज से भी अहम रेजिस्टेंस माना जा रहा है।
अगर निफ्टी मौजूदा स्तरों से नीचे आता है तो इस सप्ताह करीब 23,200 के आसपास सपोर्ट मिलने की संभावना देखी जा रही है।
ऑप्शन डेटा में 23,400-23,300 पर सपोर्ट
वीकली ऑप्शन डेटा के मुताबिक 23,400 और 23,300 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा पुट ओपन इंटरेस्ट मौजूद है। इसलिए ये स्तर निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट जोन की भूमिका निभा सकते हैं।
इसके बाद 23,000 स्ट्राइक महत्वपूर्ण है, जहां भी पर्याप्त पुट ओपन इंटरेस्ट मौजूद है। इसलिए 23,000 का स्तर निफ्टी के लिए एक अहम डाउनसाइड सपोर्ट बना हुआ है।
वहीं दूसरी तरफ 23,500 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा कॉल ओपन इंटरेस्ट है। ऐसे में 23,500 शुरुआती रेजिस्टेंस के तौर पर देखा जा सकता है। इसके ऊपर 23,600 और 23,700 स्ट्राइक अगले अहम रेजिस्टेंस जोन हैं।
India VIX में गिरावट से बाजार को राहत
सोमवार को India VIX में 1.43 फीसदी की गिरावट आई और यह 11.22 के स्तर पर पहुंच गया। यह लगातार चौथा कारोबारी सत्र रहा जब VIX नीचे आया।
VIX में गिरावट आमतौर पर बाजार में तत्काल अनिश्चितता कम होने का संकेत देती है। मौजूदा स्तरों पर VIX का प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे रहना भी बाजार की स्थिरता के लिहाज से एक महत्वपूर्ण संकेत है।
क्रूड में गिरावट से बाजार को सपोर्ट
कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने भी भारतीय बाजार की धारणा को कुछ सहारा दिया। हालांकि ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स अभी भी 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से थोड़ा ऊपर बने हुए हैं।
तेल की कीमतें भारतीय बाजार के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। इसलिए क्रूड में लगातार नरमी से आयात लागत और व्यापक बाजार धारणा पर असर पड़ सकता है।
बैंक निफ्टी में भी दूसरे दिन तेजी
बैंक निफ्टी में सोमवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में बढ़त रही। हालांकि ऊपरी स्तरों पर इंडेक्स को दबाव का सामना करना पड़ा। दिन के दौरान 10-डे EMA को टेस्ट करने के बावजूद यह लगातार तीसरे सत्र में क्लोजिंग बेसिस पर इसके नीचे बंद हुआ।
बैंक निफ्टी 112 अंक यानी 0.20 फीसदी की बढ़त के साथ 56,471 पर बंद हुआ।
डेली चार्ट पर बैंक निफ्टी ने 15 सितंबर की लंबी लाल कैंडल के भीतर एक बुलिश कैंडल बनाई। इसमें ऊपर की तरफ स्पष्ट विक दिखाई दी। यह सीमित दायरे में कारोबार के बीच शॉर्ट टर्म में सकारात्मक संकेत है।
56,800-57,000 बैंक निफ्टी के लिए अहम जोन
बैंक निफ्टी पिछले आठ ट्रेडिंग सेशन से करीब 1,300 अंकों की सीमित रेंज में कंसोलिडेट कर रहा है। इंडेक्स अभी भी प्रमुख शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज से नीचे है। हालांकि लगातार कंसोलिडेशन के कारण ये मूविंग एवरेज अब अपेक्षाकृत फ्लैट हो गए हैं।
बैंक निफ्टी का RSI बढ़कर 44.62 हो गया और सिग्नल लाइन के ऊपर निकल गया। MACD में भी सुधार हुआ, हालांकि यह अभी सिग्नल लाइन से नीचे है। हिस्टोग्राम की कमजोरी लगातार चौथे सत्र में कम हुई है। ये संकेत बताते हैं कि मंदी का मोमेंटम धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है।
SBI Securities में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह के अनुसार 56,800-57,000 का जोन बैंक निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस एरिया है। यह क्षेत्र 20 और 50-डे EMA के आसपास है।
अगर इंडेक्स 57,000 के ऊपर मजबूत तरीके से निकलता है तो शॉर्ट टर्म में 57,500 की तरफ आगे बढ़ने की संभावना बन सकती है।
दूसरी तरफ 56,000-55,900 का क्षेत्र अहम सपोर्ट बना हुआ है। जब तक बैंक निफ्टी इस सपोर्ट बैंड के ऊपर बना रहता है, मौजूदा कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। हालांकि 55,900 के नीचे फिसलने पर शॉर्ट टर्म स्ट्रक्चर कमजोर पड़ सकता है और बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।
निफ्टी के लिए आगे क्या देखें?
आने वाले कारोबारी सत्रों में निफ्टी के लिए 23,500-23,600 का जोन सबसे महत्वपूर्ण रहेगा। इसके ऊपर टिकने पर 23,700 के बाद 24,000 के स्तर की तरफ बढ़ने की संभावना पर बाजार की नजर रहेगी।
वहीं नीचे की तरफ 23,300 तत्काल सपोर्ट है। इसके टूटने पर 23,200 और फिर 23,100-23,000 का क्षेत्र महत्वपूर्ण हो जाएगा।
इसलिए मौजूदा तकनीकी संकेतों में सुधार जरूर हुआ है, लेकिन बड़े ट्रेंड में बदलाव की पुष्टि के लिए निफ्टी का प्रमुख रेजिस्टेंस के ऊपर टिकना जरूरी होगा।
Source: बाजार विशेषज्ञों और तकनीकी विश्लेषण पर आधारित रिपोर्ट।
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