भारत में अगर किसी को सालाना ₹67 लाख की सैलरी वाली नौकरी मिल जाए तो इसे बेहद शानदार पैकेज माना जाएगा। इतनी कमाई में व्यक्ति आराम से घर चला सकता है, निवेश कर सकता है और अच्छी-खासी बचत भी कर सकता है। लेकिन यही रकम अगर ऑस्ट्रेलिया की सैलरी के रूप में मिले तो तस्वीर काफी अलग हो जाती है। वहां ₹67 लाख सालाना कमाई होने के बावजूद बड़े शहरों में रहने और रोजमर्रा की जरूरतों पर होने वाला खर्च बचत को काफी सीमित कर सकता है।
ऑस्ट्रेलिया में काम करने वाले करन सिंह गिल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो के जरिए अपनी आय और खर्च का उदाहरण साझा किया है। उनके मुताबिक, वह ऑस्ट्रेलिया में करीब AU$1 लाख सालाना कमाते हैं। भारतीय मुद्रा में देखें तो यह रकम करीब ₹67 लाख बैठती है। लेकिन ऑस्ट्रेलिया में कमाई और खर्च दोनों ऑस्ट्रेलियन डॉलर में होते हैं। इसलिए सिर्फ रुपये में कन्वर्ट करके सैलरी को देखना वहां की वास्तविक आर्थिक स्थिति को नहीं बताता।
₹67 लाख देखकर क्यों नहीं समझें कि बहुत ज्यादा बचत होगी?
भारत में रहने वाला व्यक्ति जब AU$1 लाख को भारतीय रुपये में बदलकर करीब ₹67 लाख देखता है, तो उसे यह रकम बहुत बड़ी लग सकती है। लेकिन ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले व्यक्ति के लिए यह उसकी स्थानीय मुद्रा में AU$1 लाख ही है।
वहां किराया, टैक्स, बिजली, किराना, परिवहन, बीमा और दूसरी सेवाओं के लिए ऑस्ट्रेलियन डॉलर में भुगतान करना पड़ता है। ऐसे में भारतीय रुपये में कन्वर्जन करके कमाई की तुलना करना वास्तविक खर्च का सही अंदाजा नहीं देता।
करन सिंह गिल ने इसी अंतर को अपने सोशल मीडिया वीडियो में समझाने की कोशिश की है।
टैक्स और मेडिकेयर लेवी में निकल जाते हैं AU$22,788
गिल के बताए उदाहरण के मुताबिक, AU$1 लाख की सालाना आय में से करीब AU$22,788 टैक्स और Medicare levy में चले जाते हैं।
यानी टैक्स और मेडिकेयर जैसी कटौतियों के बाद उनके पास लगभग AU$77,000 बचते हैं। भारतीय रुपये में देखने पर यह रकम करीब ₹51.6 लाख के आसपास बैठती है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में इसी राशि से आगे के सभी खर्च पूरे करने होते हैं।
यहां यह समझना जरूरी है कि टैक्स की वास्तविक राशि व्यक्ति की आय, टैक्स रेजिडेंसी और अन्य परिस्थितियों के आधार पर अलग हो सकती है। यहां दिया गया आंकड़ा गिल द्वारा साझा किए गए उदाहरण पर आधारित है।
मकान के किराए में चले जाते हैं AU$26,000
टैक्स के बाद सबसे बड़ा खर्च मकान का किराया बताया गया है। गिल के अनुसार, सालाना करीब AU$26,000 घर के किराए में खर्च हो जाते हैं।
इस खर्च के बाद उनके पास करीब AU$51,000 बचते हैं। यानी शुरुआती AU$1 लाख की आय में से टैक्स और किराए के बाद लगभग आधी रकम ही आगे के खर्चों के लिए रहती है।
ऑस्ट्रेलिया के बड़े शहरों में आवास की लागत लंबे समय से घरेलू बजट का एक बड़ा हिस्सा रही है। इसलिए किसी व्यक्ति की सैलरी को सिर्फ भारतीय रुपये में देखकर यह अनुमान लगाना कि वह कितनी बचत कर पाएगा, सही तस्वीर नहीं देता।
घर-गृहस्थी चलाने में AU$20,000 का खर्च
इसके बाद रोजमर्रा की जिंदगी का खर्च आता है। गिल के मुताबिक, किराने का सामान, ट्रांसपोर्ट, बिजली, फोन और इंश्योरेंस जैसे खर्चों पर सालाना करीब AU$20,000 खर्च हो जाते हैं।
इस हिसाब से AU$51,000 में से एक और बड़ा हिस्सा निकल जाता है और करीब AU$31,000 बचते हैं।
यानी शुरुआत में दिखने वाली AU$1 लाख की सैलरी से टैक्स, किराया और जरूरी घरेलू खर्च निकालने के बाद बची रकम काफी कम हो जाती है।
₹355 की एक कॉफी और ₹2,700 में हेयरकट
ऑस्ट्रेलिया में रोजमर्रा की छोटी चीजों की कीमत भी भारतीयों को काफी ज्यादा लग सकती है। करन सिंह गिल ने अपने वीडियो में लाइफस्टाइल से जुड़े कुछ उदाहरण भी दिए हैं।
उनके मुताबिक, सड़क किनारे या किसी सामान्य जगह पर एक कप कॉफी के लिए करीब AU$5 खर्च हो सकते हैं। अगर AU$1 को ₹67 मानकर चलें तो यह रकम लगभग ₹335-₹355 के आसपास बैठती है।
इसी तरह सामान्य सैलून में बाल कटवाने के लिए करीब AU$40 खर्च होने का उदाहरण दिया गया है। भारतीय मुद्रा में यह लगभग ₹2,680, यानी करीब ₹2,700 बैठता है।
भारत में इसी तरह की सेवाओं की कीमत कई जगहों पर काफी कम हो सकती है। इसलिए ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीयों को वहां की कमाई के साथ-साथ स्थानीय कीमतों को भी ध्यान में रखना पड़ता है।
इसके अलावा भी होते हैं कई खर्च
गिल के हिसाब में टैक्स, किराया और घर-गृहस्थी के खर्च के अलावा करीब AU$10,000 के अन्य खर्च भी शामिल किए गए हैं।
मोटे तौर पर उनका सालाना हिसाब इस तरह समझा जा सकता है:
| खर्च | सालाना राशि |
|---|---|
| टैक्स और Medicare levy | AU$22,788 |
| मकान का किराया | AU$26,000 |
| घर-गृहस्थी का खर्च | AU$20,000 |
| अन्य खर्च | AU$10,000 |
| कुल | AU$78,788 |
इस हिसाब से AU$1 लाख की आय में से करीब AU$21,212 बचते हैं। भारतीय रुपये में AU$1 = ₹67 के हिसाब से यह लगभग ₹14.2 लाख के बराबर होगा।
हालांकि, यह केवल सोशल मीडिया पर बताए गए व्यक्तिगत खर्च का उदाहरण है। हर व्यक्ति की सैलरी, टैक्स, किराया, परिवार का आकार, शहर, लाइफस्टाइल और अन्य खर्च अलग होते हैं। इसलिए इसे ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले हर व्यक्ति की औसत बचत नहीं माना जाना चाहिए।
असली बात सिर्फ सैलरी नहीं, खरीदने की क्षमता है
इस पूरे उदाहरण से एक अहम बात सामने आती है। विदेश में नौकरी का ऑफर देखते समय केवल भारतीय रुपये में कन्वर्ट करके सैलरी देखना पर्याप्त नहीं है।
अगर किसी व्यक्ति को ऑस्ट्रेलिया में AU$1 लाख मिल रहे हैं, तो उसकी वास्तविक आर्थिक स्थिति समझने के लिए वहां का टैक्स, किराया, खाने-पीने का खर्च, ट्रांसपोर्ट, हेल्थ और इंश्योरेंस, बच्चों की पढ़ाई और दूसरी स्थानीय लागत भी देखनी होगी।
यही वजह है कि भारत में ₹67 लाख सालाना की सैलरी और ऑस्ट्रेलिया में AU$1 लाख की सैलरी को सीधे बराबर मानना सही तुलना नहीं होगी।
डिस्क्लेमर: यह स्टोरी सोशल मीडिया पर करन सिंह गिल द्वारा साझा की गई जानकारी और उनके बताए व्यक्तिगत खर्च के उदाहरण पर आधारित है। इसमें दिए गए खर्च और बचत के आंकड़े हर व्यक्ति पर लागू नहीं होते। वास्तविक खर्च शहर, आय, परिवार, टैक्स स्थिति और लाइफस्टाइल के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।


