दिल्ली के एक ज्योतिषी की फीस और उसके कथित क्लाइंट बेस को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है। दावा है कि वह सालाना ₹25,000 फीस लेते हैं और उनके करीब 1,000 क्लाइंट हैं। इस हिसाब से उनकी संभावित सालाना कमाई ₹2.5 करोड़ तक हो सकती है। हालांकि, यह सिर्फ सोशल मीडिया पर साझा किए गए आंकड़ों के आधार पर निकाला गया अनुमान है।
रिश्तेदार ने बताया फीस का रेट, फिर सोशल मीडिया पर शुरू हुई चर्चा
दिल्ली के एक ज्योतिषी की फीस और क्लाइंट्स की संख्या से जुड़ा दावा सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया। X यूजर Neetu Khandelwal ने एक पोस्ट में ज्योतिषी की कथित फीस और क्लाइंट बेस के बारे में जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि उन्हें इस ज्योतिषी के बारे में एक रिश्तेदार के जरिए जानकारी मिली। उनके अनुसार, रिश्तेदार ने हाल ही में ज्योतिषी की सेवाएं लेना शुरू किया था और उन्हें भी वहां सलाह लेने के लिए कहा।

पोस्ट में दावा किया गया कि ज्योतिषी अपने प्रत्येक क्लाइंट से सालाना करीब ₹25,000 फीस लेते हैं। इस फीस के बदले साल में तीन बार लगभग 30-30 मिनट की सलाह दी जाती है। साथ ही, ज्योतिषी के करीब 1,000 क्लाइंट होने का दावा किया गया।
यहीं से सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी संभावित कमाई का गणित निकालना शुरू कर दिया।
₹25,000 × 1,000 = ₹2.5 करोड़!
अगर सोशल मीडिया पोस्ट में बताए गए आंकड़ों को सही मान लिया जाए, तो गणना काफी सीधी है।
₹25,000 सालाना फीस × 1,000 क्लाइंट = ₹2,50,00,000
यानी इस अनुमान के मुताबिक ज्योतिषी को सालाना करीब ₹2.5 करोड़ की फीस मिल सकती है।
हालांकि, यह आंकड़ा उनकी वास्तविक आय नहीं माना जा सकता। इसमें यह पता नहीं है कि सभी 1,000 क्लाइंट वास्तव में पूरी ₹25,000 फीस देते हैं या नहीं। इसके अलावा, ऑफिस, स्टाफ, टैक्स, मार्केटिंग और दूसरे खर्चों को भी इस गणना में शामिल नहीं किया गया है।
इसलिए ₹2.5 करोड़ को केवल संभावित सकल फीस का अनुमान समझना चाहिए।
30 मिनट की सलाह की कीमत करीब ₹8,333
दावे के मुताबिक, ₹25,000 की सालाना फीस में तीन कंसल्टेशन शामिल हैं। अगर हर बैठक करीब 30 मिनट की है, तो एक क्लाइंट के लिए कुल सालाना कंसल्टेशन समय करीब 90 मिनट यानी डेढ़ घंटे होता है।
इस हिसाब से एक बैठक की प्रभावी फीस लगभग ₹8,333 बैठती है।
अगर 1,000 क्लाइंट इसी मॉडल पर जुड़े हों, तो साल भर में 3,000 कंसल्टेशन होते हैं। सोशल मीडिया पर यही गणित लोगों का ध्यान खींच रहा है।
सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा- ज्योतिष से ज्यादा दिलचस्प है बिजनेस मॉडल
इस पोस्ट के बाद यूजर्स के बीच बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने ज्योतिष की फीस पर सवाल उठाए, जबकि दूसरे लोगों ने इसे एक मजबूत बिजनेस मॉडल के तौर पर देखा।
एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उसे ज्योतिष की भविष्यवाणी से ज्यादा इस सर्विस का बिजनेस मॉडल भरोसेमंद लग रहा है। 1,000 लोगों का स्थायी क्लाइंट बेस और उनसे सालाना फीस लेना किसी भी कंसल्टिंग सर्विस के लिए काफी बड़ा मॉडल हो सकता है।
वहीं, एक अन्य यूजर ने गुरुग्राम में इससे भी महंगी ज्योतिषीय सलाह मिलने का दावा किया। उसके मुताबिक, वहां एक ज्योतिषी ऑनलाइन एक मीटिंग के लिए करीब ₹10,000 लेते हैं और रोजाना लगभग 20 क्लाइंट देखते हैं। हालांकि, इस दावे की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
कुछ यूजर्स ने ज्योतिष की विश्वसनीयता पर उठाए सवाल
सोशल मीडिया पर इस चर्चा का दूसरा पहलू ज्योतिष की विश्वसनीयता से जुड़ा रहा। कुछ लोगों ने सवाल किया कि आखिर भविष्यवाणी के लिए इतनी बड़ी रकम खर्च करने की जरूरत क्यों है।
एक यूजर ने तर्क दिया कि किसी भी घटना के होने या न होने की संभावना रहती है और इसलिए कुछ भविष्यवाणियां सही निकलना असामान्य नहीं है।
एक अन्य कमेंट में मजाक करते हुए कहा गया कि ₹25,000 देकर सलाह लेने की जरूरत ही क्या है, जब रिश्तेदार जिंदगीभर मुफ्त में सलाह देते रहते हैं।
‘उसने सितारे नहीं, बाजार पढ़ लिया’
जहां कुछ लोगों ने इतनी फीस को लेकर हैरानी जताई, वहीं कई यूजर्स ज्योतिषी की कमाई की क्षमता से ज्यादा उनके बिजनेस कौशल से प्रभावित दिखे।
एक यूजर ने इस पूरे मामले को एक लाइन में समेटते हुए कहा कि “उसने सितारे नहीं पढ़े, उसने बाजार पढ़ लिया।”
यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर चर्चा के उस पहलू को दिखाती है, जिसमें लोगों ने ज्योतिष के बजाय ग्राहक बनाने, प्रीमियम फीस लेने और नियमित क्लाइंट बेस तैयार करने के मॉडल पर ज्यादा ध्यान दिया।
क्या वाकई ₹2.5 करोड़ कमाते हैं ज्योतिषी?
इस सवाल का जवाब फिलहाल निश्चित तौर पर नहीं दिया जा सकता। ₹2.5 करोड़ का आंकड़ा केवल दो कथित आंकड़ों—₹25,000 सालाना फीस और 1,000 क्लाइंट—को गुणा करके निकाला गया है।
यह भी स्पष्ट नहीं है कि सभी क्लाइंट एक ही फीस देते हैं, कितने लोग पूरे साल सेवा लेते हैं और ज्योतिषी के संचालन पर कितना खर्च होता है। इसलिए इस रकम को वास्तविक कमाई या मुनाफा बताना सही नहीं होगा।
फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल एक दावे और उसके आधार पर लगाए गए अनुमान तक ही सीमित है।
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा साझा किए गए दावों और उनके आधार पर किए गए गणित पर आधारित है। NewsJagran इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।


