भारत में एलपीजी (LPG) की कीमतों को लेकर एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। 1 मई 2026 से देशभर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भारी उछाल आया है। मुंबई में 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर अब ₹3,024 तक पहुंच गया है, जबकि अप्रैल में इसकी कीमत करीब ₹2,031 थी। यानी सिर्फ एक महीने में लगभग ₹993 की सीधी बढ़ोतरी हुई है।
हालांकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। मुंबई में घरेलू सिलेंडर अब भी ₹912.50 पर स्थिर है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि कमर्शियल गैस की कीमतों में इतनी बड़ी वृद्धि का असर आने वाले दिनों में होटल, रेस्टोरेंट, स्ट्रीट फूड, मिठाई दुकानों और छोटे कारोबारों पर दिखाई दे सकता है।
भारत में एलपीजी की कीमतें सरकारी तेल कंपनियां जैसे Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum हर महीने अंतरराष्ट्रीय बाजार, कच्चे तेल की कीमत और डॉलर-रुपया विनिमय दर के आधार पर तय करती हैं। मई 2026 में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और महंगे कच्चे तेल ने एलपीजी बाजार पर सीधा असर डाला है।
घरेलू सिलेंडर की कीमतें क्यों नहीं बढ़ीं?
सरकार इस समय घरेलू उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालने से बचने की कोशिश कर रही है। केंद्र सरकार पहले से उज्ज्वला योजना और घरेलू एलपीजी पर सब्सिडी दे रही है। यही वजह है कि मई में घरेलू सिलेंडर की कीमतों को स्थिर रखा गया।
लेकिन कमर्शियल सिलेंडर पर ऐसी कोई बड़ी सब्सिडी नहीं होती। इसलिए अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों में बढ़ोतरी का पूरा असर सीधे बाजार पर दिखाई देता है। यही कारण है कि मई 2026 में कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल देखने को मिला।
किन लोगों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा?
कमर्शियल एलपीजी महंगा होने का असर सीधे आम आदमी की जेब पर पड़ता है, भले ही घरेलू सिलेंडर की कीमत स्थिर हो। इसकी वजह यह है कि बाजार में बड़ी संख्या में व्यवसाय कमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं।
इन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है:
- होटल और रेस्टोरेंट
- ढाबे और फूड स्टॉल
- मिठाई दुकानें
- कैटरिंग बिजनेस
- बेकरी और फास्ट फूड आउटलेट
- छोटे उद्योग
अगर गैस लागत लगातार बढ़ती रही तो खाने-पीने की चीजों की कीमतों में भी इजाफा हो सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले महीनों में फूड इंफ्लेशन पर इसका असर दिखाई दे सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का क्या असर है?
एलपीजी की कीमतें केवल भारत में तय नहीं होतीं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने पर भारत में भी कीमतें प्रभावित होती हैं।
इस समय कई बड़े कारण बाजार को प्रभावित कर रहे हैं:
1. पश्चिम एशिया तनाव
ईरान और आसपास के क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है।
2. कच्चे तेल की कीमतें
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है।
3. डॉलर के मुकाबले कमजोर रुपया
रुपये में कमजोरी आने से आयात महंगा हो जाता है, जिससे एलपीजी की लागत बढ़ती है।
मई 2026 में किन शहरों में कितनी कीमत?
देश के बड़े हिंदी भाषी शहरों में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी की कीमतें इस प्रकार हैं:
| शहर | घरेलू LPG (14.2 Kg) | कमर्शियल LPG (19 Kg) |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹913.00 | ₹3,071.50 |
| मुंबई | ₹912.50 | ₹3,024.00 |
| जयपुर | ₹916.50 | ₹3,099.00 |
| लखनऊ | ₹950.50 | ₹3,194.00 |
| पटना | ₹1,002.50 | ₹3,346.50 |
| चंडीगढ़ | ₹922.50 | ₹3,092.50 |
| नोएडा | ₹910.50 | ₹3,071.50 |
पटना में घरेलू सिलेंडर की कीमत ₹1,000 के पार पहुंच चुकी है, जो देश के बड़े शहरों में सबसे ज्यादा मानी जा रही है। वहीं हैदराबाद में कमर्शियल सिलेंडर ₹3,315 तक पहुंच गया है।
क्या आगे और बढ़ सकती हैं कीमतें?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले महीनों में फिर से एलपीजी कीमतों में बदलाव हो सकता है।
हालांकि सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश कर सकती है। लेकिन कमर्शियल सिलेंडर पर राहत की संभावना कम दिखाई दे रही है क्योंकि वहां बाजार आधारित मूल्य प्रणाली लागू है।
अगर जून और जुलाई में भी वैश्विक ऊर्जा बाजार में तनाव बना रहा, तो होटल और फूड इंडस्ट्री अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ा सकती हैं। इसका असर सीधे आम ग्राहकों पर पड़ेगा।
सरकार की सब्सिडी कैसे काम करती है?
भारत सरकार घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को सब्सिडी देती है। यह राशि सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। सब्सिडी की रकम हर महीने बदल सकती है क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय एलपीजी कीमत और डॉलर विनिमय दर पर निर्भर करती है।
उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों गरीब परिवारों को एलपीजी कनेक्शन दिए गए हैं। यही वजह है कि सरकार घरेलू सिलेंडर की कीमतों को नियंत्रित रखने की कोशिश करती है ताकि महंगाई का बोझ सीमित रहे।
बाजार और आम आदमी के लिए बड़ा संकेत
मई 2026 की एलपीजी कीमतें यह दिखाती हैं कि ऊर्जा बाजार में अस्थिरता अभी खत्म नहीं हुई है। घरेलू सिलेंडर फिलहाल स्थिर जरूर है, लेकिन कमर्शियल गैस की रिकॉर्ड बढ़ोतरी आने वाले समय में बाजार में महंगाई बढ़ा सकती है।
खासकर छोटे व्यापारियों, रेस्टोरेंट मालिकों और फूड सेक्टर के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है। अगर ऊर्जा कीमतें लगातार ऊंची रहीं तो आने वाले महीनों में खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है।
Source: Goodreturns LPG Prices
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