नई दिल्ली। जब दुनिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट की बात होती है तो ज्यादातर लोगों के मन में दुबई, लंदन या न्यूयॉर्क जैसे शहरों का नाम आता है। लेकिन क्षेत्रफल के लिहाज से दुनिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट इनमें से किसी शहर में नहीं, बल्कि सऊदी अरब के दम्माम शहर में स्थित है। यह एयरपोर्ट इतना विशाल है कि इसका कुल क्षेत्रफल भारत के कई शहरों से बड़ा है और तुलना करें तो यह आगरा और न्यूयॉर्क शहर के क्षेत्रफल को भी पीछे छोड़ देता है।
यह एयरपोर्ट है किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट (King Fahd International Airport), जिसे दुनिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट माना जाता है। इसका कुल क्षेत्रफल करीब 780 वर्ग किलोमीटर है। यह आंकड़ा केवल रनवे या टर्मिनल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे एयरपोर्ट परिसर को शामिल करता है।
आगरा और न्यूयॉर्क से भी बड़ा है यह एयरपोर्ट
किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट का क्षेत्रफल लगभग 780 वर्ग किलोमीटर है। तुलना करें तो आगरा शहर का क्षेत्रफल करीब 121 वर्ग किलोमीटर है। यानी यह एयरपोर्ट आगरा से लगभग छह गुना बड़ा है। दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका के सबसे प्रसिद्ध शहरों में से एक न्यूयॉर्क का क्षेत्रफल लगभग 778 वर्ग किलोमीटर माना जाता है। यानी सऊदी अरब का यह एयरपोर्ट पूरे न्यूयॉर्क शहर से भी थोड़ा बड़ा है। यही कारण है कि इसे केवल एक एयरपोर्ट नहीं बल्कि एक विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉम्प्लेक्स कहा जाता है।
16 साल में बनकर हुआ तैयार
किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण वर्ष 1983 में शुरू हुआ था। उस समय सऊदी अरब तेजी से अपने परिवहन और तेल आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का विकास कर रहा था। निर्माण कार्य पूरा होने में लगभग 16 साल लगे और आखिरकार अक्टूबर 1999 में एयरपोर्ट को आधिकारिक तौर पर यात्रियों के लिए खोल दिया गया। इस परियोजना पर लगभग 2 अरब अमेरिकी डॉलर खर्च हुए थे। भारतीय मुद्रा में यह राशि मौजूदा विनिमय दर के अनुसार करीब 19,000 करोड़ रुपये बैठती है।
780 वर्ग किलोमीटर में क्या-क्या है?
अक्सर लोग सोचते हैं कि इतने बड़े क्षेत्र में केवल रनवे और टर्मिनल होंगे, लेकिन ऐसा नहीं है। एयरपोर्ट के कुल क्षेत्रफल में से केवल लगभग 36.8 वर्ग किलोमीटर हिस्से पर मुख्य एयरपोर्ट भवन और उससे जुड़ी सुविधाएं विकसित की गई हैं। बाकी क्षेत्र भविष्य के विस्तार, सुरक्षा जोन, सहायक सुविधाओं और अन्य बुनियादी ढांचे के लिए सुरक्षित रखा गया है। एयरपोर्ट परिसर में मौजूद प्रमुख सुविधाओं में शामिल हैं छह मंजिला मुख्य यात्री टर्मिनल, विशेष अरामको टर्मिनल, सऊदी शाही परिवार के लिए रॉयल पवेलियन, दो विशाल समानांतर रनवे, बड़ी एयरपोर्ट मस्जिद, कार्गो टर्मिनल, पार्किंग और लॉजिस्टिक क्षेत्र, भविष्य के विस्तार के लिए आरक्षित भूमि.
कितने यात्रियों को संभालता है यह एयरपोर्ट?
इतने बड़े क्षेत्रफल के बावजूद यह एयरपोर्ट दुनिया के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स में शामिल नहीं है। हालांकि यह हर साल लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालता है। दम्माम और पूर्वी सऊदी अरब क्षेत्र के लिए यह प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार है। यहां से मध्य पूर्व, यूरोप, एशिया और अफ्रीका के कई देशों के लिए सीधी उड़ानें संचालित होती हैं। सऊदी अरब के तेल उद्योग और व्यापारिक गतिविधियों के कारण भी इस एयरपोर्ट का महत्व काफी बढ़ जाता है।
कार्गो संचालन में भी है बड़ी भूमिका
साल 2015 में एयरपोर्ट परिसर में 39,500 वर्ग मीटर की दो मंजिला आधुनिक कार्गो बिल्डिंग तैयार की गई थी। यह सुविधा सालाना लगभग 94,000 टन कार्गो संभालने की क्षमता रखती है। सऊदी अरब के तेल, पेट्रोकेमिकल और औद्योगिक उत्पादों के निर्यात में यह एयरपोर्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
क्यों बनाया गया इतना बड़ा एयरपोर्ट?
विशेषज्ञों के अनुसार, जब इस एयरपोर्ट की योजना बनाई गई थी तब सऊदी अरब सरकार ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बड़ी मात्रा में भूमि आरक्षित कर दी थी। देश के पूर्वी हिस्से में तेल उद्योग तेजी से बढ़ रहा था और अनुमान था कि आने वाले दशकों में यात्रियों और माल परिवहन की मांग कई गुना बढ़ सकती है। इसी वजह से एयरपोर्ट को सामान्य एयरपोर्ट की तुलना में कहीं बड़े पैमाने पर विकसित किया गया।
दुनिया के अन्य बड़े एयरपोर्ट कौन-कौन से हैं?
क्षेत्रफल के हिसाब से दुनिया के कुछ बड़े एयरपोर्ट इस प्रकार हैं:
| एयरपोर्ट | देश | क्षेत्रफल |
|---|---|---|
| किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट | सऊदी अरब | 780 वर्ग किमी |
| डेनवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट | अमेरिका | 135 वर्ग किमी |
| डलास/फोर्ट वर्थ एयरपोर्ट | अमेरिका | 69 वर्ग किमी |
| ऑरलैंडो इंटरनेशनल एयरपोर्ट | अमेरिका | 54 वर्ग किमी |
| वॉशिंगटन डलेस एयरपोर्ट | अमेरिका | 48 वर्ग किमी |
इस सूची से साफ है कि किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट बाकी सभी एयरपोर्ट्स से काफी आगे है।
सऊदी अरब की आर्थिक ताकत का प्रतीक
किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल एक परिवहन केंद्र नहीं बल्कि सऊदी अरब की आर्थिक और तकनीकी क्षमता का प्रतीक भी है। यह एयरपोर्ट देश के तेल उद्योग, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पर्यटन को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सऊदी अरब अपनी “विजन 2030” रणनीति के तहत पर्यटन और एविएशन सेक्टर को तेजी से विकसित कर रहा है। ऐसे में यह एयरपोर्ट आने वाले वर्षों में और भी अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है।
निष्कर्ष
दुनिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट सऊदी अरब के दम्माम शहर में स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। 780 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला यह एयरपोर्ट आगरा और न्यूयॉर्क जैसे शहरों से भी बड़ा है। 16 साल में तैयार हुए इस विशाल प्रोजेक्ट पर करीब 19,000 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। आधुनिक सुविधाओं, विशाल भूमि क्षेत्र और भविष्य के विस्तार की क्षमता के कारण यह एयरपोर्ट आज भी दुनिया के सबसे अनोखे और विशाल एयरपोर्ट्स में गिना जाता है।
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