Devendra Fadnavis ने रविवार को कहा कि कुंभ मेला भारत की सांस्कृतिक विरासत और सनातन संस्कृति की समावेशी भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह विशाल धार्मिक आयोजन ऐसा मंच है, जहां लोग जाति, पंथ या विचारधारा के भेदभाव के बिना एक साथ जुटते हैं।
समापन समारोह में दिया बयान
Akhil Bharatiya Sant Samiti के समापन समारोह को संबोधित करते हुए फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार Simhasta Kumbh Mela 2027 के लिए व्यापक तैयारियां कर रही है।
उन्होंने बताया कि नासिक में होने वाले इस आयोजन के लिए सरकार भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर पूरी तरह सतर्क है, ताकि आयोजन सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
कुंभ मेला: एकता और आध्यात्मिकता का संगम
फडणवीस ने कहा कि कुंभ मेला एक ऐसा अवसर है, जहां सभी लोग समान रूप से भाग लेते हैं और Ganga और Godavari जैसी पवित्र नदियों में स्नान कर आध्यात्मिक शुद्धि की कामना करते हैं।
उन्होंने कहा:
“यहां कोई किसी की जाति या विचारधारा नहीं पूछता, सभी एकता की भावना से जुड़ते हैं।”
सामाजिक भेदभाव पर टिप्पणी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेला भारत की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है और समाज में मौजूद भेदभाव समय के साथ खत्म हो रहा है। उन्होंने इसे “बाद में आई विकृति” बताया जो धीरे-धीरे समाप्त हो रही है।
सरकार की नीतियां और फैसले
फडणवीस ने महाराष्ट्र सरकार की नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि:
- उनके पिछले कार्यकाल में गौहत्या पर प्रतिबंध लागू किया गया था
- बाद में गाय को “राज्य माता” का दर्जा दिया गया
- धर्म स्वतंत्रता कानून के तहत जबरन या धोखाधड़ी से धर्म परिवर्तन रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त प्रावधान किए गए हैं।
संत परंपरा और सख्ती का संदेश
महाराष्ट्र को संतों और समाज सुधारकों की भूमि बताते हुए फडणवीस ने कहा कि सरकार धार्मिक नेताओं के मार्गदर्शन में कार्य करेगी।
साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ लोगों की “पाखंडपूर्ण गतिविधियां” संत समाज की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं, और ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
फडणवीस का यह बयान कुंभ मेले की एकता, आध्यात्मिकता और समावेशिता को रेखांकित करता है। आने वाले Simhasta Kumbh Mela 2027 के लिए महाराष्ट्र सरकार की तैयारियां भी यह दिखाती हैं कि इस आयोजन को भव्य और व्यवस्थित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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