Vedanta Aluminium Metal Dividend: वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने डिमर्जर के समय निवेशकों से वादा किया था कि नई कंपनियां भी डिविडेंड देने की परंपरा जारी रखेंगी। अब इस वादे पर पहली बड़ी मुहर लग गई है। वेदांता से अलग होकर सूचीबद्ध हुई वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड (VAML) ने अपने पहले अंतरिम डिविडेंड का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹8 प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। इसके साथ ही कर्मचारियों के लिए ESOP और ESPP जैसी नई शेयर आधारित योजनाओं को भी मंजूरी दी गई है।
Highlights
- ₹8 प्रति शेयर का पहला अंतरिम डिविडेंड घोषित
- कुल ₹3,128.55 करोड़ का डिविडेंड बांटेगी कंपनी
- 5 अगस्त 2026 रिकॉर्ड डेट तय
- कर्मचारियों के लिए ESOP और ESPP योजनाओं को मंजूरी
- शेयर में करीब 4% की तेजी दर्ज
डिमर्जर के बाद पहली बड़ी सौगात
वेदांता लिमिटेड के डिमर्जर के बाद अलग-अलग कंपनियों की स्वतंत्र लिस्टिंग हुई थी। उस समय समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा था कि नई कंपनियां भी निवेशकों को नियमित डिविडेंड देने की परंपरा बनाए रखेंगी। अब वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड ने अपने पहले ही अंतरिम डिविडेंड के जरिए इस वादे को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
गुरुवार, 30 जुलाई 2026 को हुई बोर्ड बैठक में कंपनी ने शेयरधारकों और कर्मचारियों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए।
₹8 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई सूचना में बताया कि ₹1 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹8 का पहला अंतरिम डिविडेंड दिया जाएगा।
इस फैसले के तहत कंपनी कुल ₹3,128.55 करोड़ शेयरधारकों में वितरित करेगी। यह डिविडेंड डिमर्जर के बाद कंपनी का पहला लाभांश होगा, जिसे बाजार निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
रिकॉर्ड डेट कब है?
कंपनी ने डिविडेंड पाने के लिए 5 अगस्त 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है।
इसका मतलब है कि जिन निवेशकों के नाम इस तारीख तक कंपनी के रिकॉर्ड में शेयरधारक के रूप में दर्ज होंगे, केवल वही इस ₹8 प्रति शेयर डिविडेंड के पात्र होंगे।
शेयर में आई तेजी
डिविडेंड की घोषणा के बाद वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। कारोबार के दौरान शेयर में लगभग 4% तक की तेजी दर्ज की गई और यह करीब ₹457 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।
विश्लेषकों का मानना है कि मजबूत डिविडेंड नीति निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में मदद कर सकती है।
कर्मचारियों को भी मिलेगा फायदा
कंपनी ने केवल निवेशकों को ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों को भी बड़ा तोहफा दिया है।
बोर्ड ने निम्न योजनाओं को मंजूरी दी है—
- Vedanta Aluminium Metal Limited Employee Stock Option Plan (ESOP) 2026
- Employee Share Purchase Plan (ESPP) 2026
इन योजनाओं के तहत कंपनी अपनी कुल चुकता शेयर पूंजी का 5% तक हिस्सा पात्र कर्मचारियों को उपलब्ध करा सकेगी।
इसके लिए VAML ESOS Trust का गठन किया जाएगा, जो ओपन मार्केट से शेयर खरीदेगा और पात्र कर्मचारियों को आवंटित करेगा। ESOP के तहत शेयरों की कीमत ₹1 (फेस वैल्यू) या बोर्ड द्वारा तय किए गए मूल्य पर निर्धारित की जाएगी।
निवेशकों के लिए क्या है इसका मतलब?
वेदांता समूह लंबे समय से अपनी डिविडेंड नीति के लिए जाना जाता रहा है। डिमर्जर के बाद यह चिंता थी कि नई कंपनियां भी उसी तरह लाभांश देंगी या नहीं। VAML के पहले ही डिविडेंड ऐलान ने इस चिंता को काफी हद तक दूर कर दिया है।
यदि कंपनी भविष्य में भी मजबूत नकदी प्रवाह बनाए रखती है, तो नियमित डिविडेंड की संभावना निवेशकों के लिए आकर्षक बनी रह सकती है।
आगे किन बातों पर रहेगी नजर?
अब निवेशकों की नजर निम्न बिंदुओं पर रहेगी—
- डिविडेंड का वास्तविक भुगतान कब होगा।
- कंपनी के आगामी तिमाही नतीजे कैसे रहते हैं।
- एल्युमीनियम कारोबार की मांग और कीमतों का असर।
- ESOP योजना का कर्मचारियों की उत्पादकता और कंपनी के प्रदर्शन पर प्रभाव।
निष्कर्ष
वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड ने डिमर्जर के बाद अपने पहले ही बड़े फैसले में ₹8 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित कर यह संकेत दिया है कि कंपनी शेयरधारकों को मजबूत रिटर्न देने की नीति पर आगे बढ़ना चाहती है। वहीं ESOP और ESPP जैसी योजनाओं के जरिए कर्मचारियों को भी कंपनी की ग्रोथ से जोड़ने की रणनीति अपनाई गई है। यदि कंपनी का परिचालन प्रदर्शन मजबूत बना रहता है, तो आने वाले समय में निवेशकों के लिए यह शेयर चर्चा में बना रह सकता है।


