ईरान युद्ध के कारण बढ़ते ऊर्जा संकट के बीच सरकार ने 21 राज्यों में पेट्रोल पंपों पर केरोसिन बेचने की अनुमति दी है। जानें नियम, राज्यों की सूची और पूरा अपडेट।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और होर्मुज क्षेत्र में ऊर्जा सप्लाई पर दबाव के बीच भारत सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब देश के कई राज्यों में पेट्रोल पंपों से भी केरोसिन (मिट्टी का तेल) उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि लोगों को ईंधन की कमी का सामना न करना पड़े।
सरकार ने पेट्रोलियम नियमों में अस्थायी ढील देते हुए यह व्यवस्था लागू की है, जो फिलहाल 60 दिनों के लिए प्रभावी रहेगी।
क्या है सरकार का फैसला?
ऊर्जा संकट को देखते हुए सरकार ने:
- केरोसिन की सप्लाई बढ़ाने का निर्णय लिया
- पेट्रोल पंपों को केरोसिन स्टोर और बेचने की अनुमति दी
- लाइसेंस और सुरक्षा नियमों को सरल बनाया
इसका मकसद है कि लोगों को खाना बनाने और रोशनी के लिए वैकल्पिक ईंधन आसानी से मिल सके।
पेट्रोल पंपों पर कितना केरोसिन मिलेगा?
सरकार के निर्देश के अनुसार:
- हर चयनित पेट्रोल पंप पर 5,000 लीटर तक केरोसिन स्टोर किया जा सकेगा
- हर जिले में 2 पेट्रोल पंप चुने जा सकते हैं
- सप्लाई को तेजी से लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है
यह सुविधा मुख्य रूप से सरकारी कंपनियों के पंपों पर उपलब्ध होगी, जैसे:
- Indian Oil Corporation
- Bharat Petroleum
- Hindustan Petroleum
किन राज्यों में लागू होगा यह नियम?
यह व्यवस्था 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू की गई है, जिनमें प्रमुख हैं:
- Delhi
- Haryana
- Uttar Pradesh
- Gujarat
- Punjab
- Rajasthan
- Madhya Pradesh
- Uttarakhand
- Telangana
- Andhra Pradesh
- Himachal Pradesh
- Goa
- Sikkim
- Nagaland
इसके अलावा कई अन्य केंद्र शासित प्रदेशों को भी इसमें शामिल किया गया है।
अतिरिक्त केरोसिन आवंटन
सरकार ने राज्यों को राहत देने के लिए:
- 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन आवंटित किया है
- राशन दुकानों के जरिए वितरण को बढ़ाया गया है
- ग्रामीण इलाकों को प्राथमिकता दी जा रही है
अन्य ईंधनों पर भी फोकस
एलपीजी पर दबाव कम करने के लिए सरकार:
- कोयले की सप्लाई बढ़ा रही है
- PNG कनेक्शन को बढ़ावा दे रही है
- वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर काम कर रही है
सुरक्षा पर क्या असर पड़ेगा?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि:
- नियमों में ढील के बावजूद सुरक्षा से समझौता नहीं होगा
- निगरानी प्रणाली मजबूत रखी जाएगी
- केरोसिन के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे
निष्कर्ष
ऊर्जा संकट के बीच सरकार का यह फैसला आम लोगों के लिए राहत लेकर आया है। पेट्रोल पंपों पर केरोसिन की उपलब्धता से आपात स्थिति में वैकल्पिक ईंधन आसानी से मिल सकेगा।
हालांकि यह व्यवस्था अस्थायी है, लेकिन इससे यह साफ है कि सरकार ऊर्जा संकट से निपटने के लिए हर संभव कदम उठा रही है।
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Author: Namam Sharma
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Namam Sharma NewsJagran में बिज़नेस और फाइनेंस खबरों को कवर करते हैं।
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