Kalka-Shimla Heritage Railway: लगातार बारिश के बीच मंगलवार को कालका-शिमला हेरिटेज रेलवे लाइन पर भूस्खलन होने से ट्रेन सेवा प्रभावित हो गई। गुम्मन और कोटी रेलवे स्टेशनों के बीच ट्रैक बाधित होने के कारण करीब 172 यात्री रास्ते में फंस गए। हालात को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए सेना की मदद ली।
Kalka-Shimla Heritage Railway: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच कालका-शिमला हेरिटेज रेलवे लाइन पर भूस्खलन की घटना सामने आई है। मंगलवार को गुम्मन और कोटी रेलवे स्टेशनों के बीच ट्रैक पर मलबा आ जाने से रेल यातायात बाधित हो गया। इस दौरान ट्रेन में सवार करीब 172 यात्री रास्ते में फंस गए।
TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, भूस्खलन की सूचना दोपहर करीब 3:15 बजे रेलवे को मिली। इसके बाद यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने दोपहर 3:28 बजे कोटी स्टेशन पर ट्रेन नंबर 52458 कालका-शिमला एक्सप्रेस को रोक दिया। रेलवे की टीमों ने इसके बाद ट्रैक से मलबा हटाने और रेल परिचालन बहाल करने का काम शुरू किया।
सड़क मार्ग से यात्रियों को भेजने की हुई कोशिश
ट्रैक पर मलबा आने के कारण ट्रेन को आगे ले जाना संभव नहीं था। ऐसे में रेलवे ने यात्रियों को सड़क मार्ग के जरिए कालका पहुंचाने की योजना बनाई। हालांकि, लगातार बारिश के कारण कालका और आसपास के इलाकों में यातायात काफी प्रभावित था। भारी ट्रैफिक की वजह से यात्रियों के लिए पर्याप्त वाहनों की व्यवस्था करना रेलवे के लिए चुनौती बन गया।
स्थिति को देखते हुए रेलवे अधिकारियों ने स्थानीय सेना के अधिकारियों से संपर्क किया। यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए सेना की तीन गाड़ियों की मदद ली गई। ये गाड़ियां शाम करीब 6:10 बजे कोटी स्टेशन पहुंचीं और यात्रियों को वहां से कालका रेलवे स्टेशन तक सुरक्षित पहुंचाने का इंतजाम किया गया।
शाम 7:20 बजे कालका पहुंचे यात्री
रिपोर्ट के अनुसार, करीब 172 यात्री शाम 7:20 बजे कालका पहुंच सके। रेलवे ने यात्रियों की आगे की यात्रा को देखते हुए वहां भी जरूरी इंतजाम किए। यात्रियों को पीने का पानी और नाश्ता उपलब्ध कराया गया।
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों की कनेक्टिंग ट्रेनों को ध्यान में रखते हुए उनकी आगे की यात्रा में भी मदद की। खराब मौसम के बीच रेलवे की प्राथमिकता यात्रियों को सुरक्षित निकालना रही।
खराब मौसम में लगातार निगरानी
कालका-शिमला हेरिटेज रेलवे लाइन पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरती है, जहां भारी बारिश के दौरान भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में ट्रैक पर मलबा आने से रेल परिचालन प्रभावित हो सकता है।
अधिकारियों के मुताबिक, यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई और मौसम तथा ट्रैक की स्थिति पर लगातार नजर रखी गई। रेलवे की टीमें बाधित रेल लाइन को साफ करने और परिचालन सामान्य करने के लिए मौके पर काम करती रहीं।
इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के दौरान रेल और सड़क यातायात के सामने आने वाली चुनौतियों को सामने ला दिया है। राहत की बात यह रही कि फंसे यात्रियों को रेलवे और सेना के समन्वय से सुरक्षित कालका पहुंचाया गया।


