Abu Dhabi [UAE], April 12 : भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने अपने दो दिवसीय आधिकारिक दौरे के दौरान संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Sheikh Abdullah bin Zayed Al Nahyan से अबू धाबी में मुलाकात की। इस बैठक में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति, क्षेत्रीय सुरक्षा और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
West Asia की स्थिति पर फोकस
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते हालात और उनके वैश्विक प्रभावों पर गंभीर चर्चा की। हाल के दिनों में क्षेत्र में बढ़ते तनाव, खासकर सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े मुद्दों को लेकर भारत और UAE दोनों ही चिंतित हैं।
S. Jaishankar ने इस बात पर जोर दिया कि भारत क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए अपने साझेदार देशों के साथ मिलकर काम करता रहेगा।
India-UAE Strategic Partnership को मिलेगा नया आयाम
भारत और UAE के बीच संबंध पिछले कुछ वर्षों में तेजी से मजबूत हुए हैं। दोनों देशों के बीच Comprehensive Strategic Partnership को और गहरा करने पर इस बैठक में सहमति बनी।
Sheikh Abdullah bin Zayed Al Nahyan के साथ हुई बातचीत में:
- व्यापार और निवेश बढ़ाने
- ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने
- रक्षा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने
- टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर में साझेदारी
जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
Jaishankar ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी इस मुलाकात को “महत्वपूर्ण और सकारात्मक” बताया और भविष्य में संबंधों के और मजबूत होने का भरोसा जताया।
UAE में भारतीय समुदाय से मुलाकात
अपने दौरे की शुरुआत में S. Jaishankar ने UAE में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की। यह मुलाकात खासतौर पर इसलिए महत्वपूर्ण थी क्योंकि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारतीय नागरिकों की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा, भलाई और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
Indian Diaspora की भूमिका पर सराहना
UAE में भारतीय समुदाय की संख्या लाखों में है और यह दोनों देशों के रिश्तों की मजबूत कड़ी मानी जाती है।
Jaishankar ने:
- स्थानीय समाज में भारतीयों के योगदान की सराहना की
- कठिन समय में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया
- UAE सरकार का भारतीयों की सुरक्षा और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया
यह साफ संकेत है कि भारत-UAE संबंध केवल सरकारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोगों के बीच भी गहराई से जुड़े हुए हैं।
UAE का समर्थन और भारत की रणनीति
United Arab Emirates ने हमेशा भारत के साथ मजबूत कूटनीतिक और आर्थिक संबंध बनाए रखे हैं। मौजूदा समय में जब पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ रही है, तब UAE जैसे साझेदार देश भारत के लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
भारत की रणनीति साफ है:
- ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना
- क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखना
- भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना
दो दिवसीय दौरे का महत्व
S. Jaishankar का यह दौरा 11-12 अप्रैल तक निर्धारित है, जिसमें वे UAE के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर रहे हैं।
इस दौरान:
- द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा
- नई साझेदारियों पर चर्चा
- वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर समन्वय
जैसे महत्वपूर्ण एजेंडे शामिल हैं।
निष्कर्ष
Abu Dhabi में हुई यह उच्च स्तरीय बैठक भारत और UAE के बीच मजबूत होते रिश्तों का स्पष्ट संकेत है। S. Jaishankar और Sheikh Abdullah bin Zayed Al Nahyan के बीच हुई बातचीत से यह साफ है कि दोनों देश न केवल अपने संबंधों को और गहरा करना चाहते हैं, बल्कि पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाना चाहते हैं।
आने वाले समय में यह साझेदारी वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बेहद अहम साबित हो सकती है।
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