Highlights
- लॉकडाउन और वर्क फ्रॉम होम के नाम पर WhatsApp पर फैल रहा नया साइबर स्कैम
- PDF और APK फाइल भेजकर लोगों का फोन हैक करने की कोशिश
- एक्सपर्ट्स ने लोगों को अनजान लिंक और फाइल से सावधान रहने की सलाह दी
नई दिल्ली। देश में पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्क फ्रॉम होम मॉडल को फिर से अपनाने की अपील के बाद साइबर अपराधियों ने लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ दिनों में WhatsApp पर “Lockdown Notice”, “Emergency Lockdown Order” और “WAR LOCKDOWN NOTICE.pdf” जैसे नामों से फर्जी मैसेज तेजी से वायरल हो रहे हैं।
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये मैसेज देखने में बिल्कुल सरकारी आदेश जैसे लगते हैं, जिसकी वजह से लोग आसानी से इन पर भरोसा कर लेते हैं। लेकिन जैसे ही यूजर इन फाइल्स या लिंक पर क्लिक करता है, उसका फोन हैक होने या बैंक अकाउंट से पैसे चोरी होने का खतरा बढ़ जाता है।
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने तेल और गैस की बचत के लिए कंपनियों और लोगों से जरूरत पड़ने पर वर्क फ्रॉम होम मॉडल अपनाने की अपील की थी। इसके बाद कुछ राज्यों और निजी कंपनियों ने भी सीमित स्तर पर हाइब्रिड वर्किंग या वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू की। इसी माहौल का फायदा उठाकर साइबर ठग अब लोगों को डर और भ्रम में डालकर फर्जी मैसेज भेज रहे हैं।
कैसे फैलाया जा रहा है Lockdown Scam?
साइबर अपराधी WhatsApp पर अनजान नंबरों से मैसेज भेज रहे हैं। इन मैसेजेस में दावा किया जाता है कि सरकार जल्द लॉकडाउन लगाने वाली है या किसी राज्य में इमरजेंसी प्रतिबंध लागू होने जा रहे हैं।
इन मैसेजेस के साथ PDF फाइल, वेबसाइट लिंक या APK फाइल अटैच होती है। कई बार फाइल का डिजाइन और सरकारी लोगो इतना वास्तविक दिखता है कि आम लोग इसे असली आदेश समझ बैठते हैं।
अगर कोई यूजर PDF या लिंक पर क्लिक करता है, तो उसे किसी संदिग्ध वेबसाइट पर भेजा जा सकता है। वहां उससे मोबाइल नंबर, बैंक डिटेल, OTP या अन्य निजी जानकारी मांगी जाती है। वहीं APK फाइल इंस्टॉल करने पर पूरा फोन साइबर अपराधियों के कंट्रोल में जा सकता है।
APK फाइल क्यों है सबसे बड़ा खतरा?
साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक APK फाइलें एंड्रॉयड ऐप इंस्टॉलेशन पैकेज होती हैं। सामान्य तौर पर Google Play Store से बाहर की APK फाइलें जोखिम भरी मानी जाती हैं।
ठग इन फाइलों में मालवेयर या स्पाइवेयर छिपा देते हैं। जैसे ही यूजर इसे इंस्टॉल करता है, हैकर को फोन की कई परमिशन मिल जाती हैं। इसके बाद वह:
- बैंकिंग ऐप्स की जानकारी चुरा सकता है
- OTP पढ़ सकता है
- WhatsApp और SMS एक्सेस कर सकता है
- स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर सकता है
- कॉन्टैक्ट्स और फोटो चुरा सकता है
कई मामलों में साइबर अपराधी रिमोट एक्सेस टूल का इस्तेमाल करके फोन को पूरी तरह कंट्रोल भी कर लेते हैं।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे साइबर अटैक
WhatsApp और SMS के जरिए होने वाली ठगी कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी KYC अपडेट, बिजली बिल, बैंक अकाउंट बंद होने, PAN कार्ड अपडेट और नौकरी के नाम पर हजारों लोग ठगी का शिकार हो चुके हैं।
लेकिन इस बार ठगों ने प्रधानमंत्री की अपील और लॉकडाउन जैसे संवेदनशील मुद्दे का इस्तेमाल किया है। लोगों में डर और जल्दबाजी पैदा करके उन्हें लिंक खोलने पर मजबूर किया जा रहा है।
साइबर सिक्योरिटी कंपनियों के अनुसार, भारत में सोशल इंजीनियरिंग आधारित फ्रॉड तेजी से बढ़ रहे हैं। इनमें ठग किसी बड़े नाम, सरकारी योजना या इमरजेंसी स्थिति का सहारा लेकर लोगों को भ्रमित करते हैं।
WhatsApp पर आने वाले फर्जी मैसेज की पहचान कैसे करें?
ऐसे मैसेज को पहचानने के लिए कुछ संकेतों पर ध्यान देना जरूरी है। सबसे पहले यह देखें कि मैसेज किस नंबर से आया है। अगर नंबर अनजान है और उसमें “urgent”, “emergency” या “सरकारी आदेश” जैसे शब्द लिखे हैं, तो सतर्क हो जाएं।
इसके अलावा: मैसेज में गलत हिंदी या टूटी-फूटी अंग्रेजी हो सकती है, सरकारी लोगो की क्वालिटी खराब हो सकती है, लिंक संदिग्ध वेबसाइट पर ले जा सकता है, फाइल डाउनलोड करने का दबाव बनाया जा सकता है, “तुरंत शेयर करें” जैसी लाइनें लिखी हो सकती हैं. सरकारी एजेंसियां आमतौर पर WhatsApp के जरिए APK फाइल नहीं भेजतीं।
खुद को कैसे सुरक्षित रखें?
साइबर फ्रॉड से बचने के लिए लोगों को डिजिटल सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
1. अनजान नंबर से आए लिंक या फाइल पर क्लिक न करें
अगर किसी अनजान नंबर से PDF, APK या लिंक आए, तो उसे तुरंत डिलीट कर दें। गलती से चैट खुल जाए तो भी अपनी निजी जानकारी साझा न करें।
2. फोन में Unknown Sources ऑप्शन बंद रखें
Android फोन में “Install from Unknown Sources” या “Unknown Apps” सेटिंग बंद रखें। इससे बाहरी APK फाइल इंस्टॉल नहीं हो पाएगी।
इसके लिए: Settings में जाएं, Unknown Sources सर्च करें अगर ऑन है तो तुरंत ऑफ करें
3. सिर्फ ऑफिशियल सोर्स पर भरोसा करें
किसी भी सरकारी आदेश, लॉकडाउन, बैंकिंग अपडेट या सुरक्षा संबंधी सूचना के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट, सरकारी सोशल मीडिया हैंडल या विश्वसनीय न्यूज प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें।
साइबर एक्सपर्ट्स ने क्या कहा?
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि डर फैलाकर लोगों को फंसाना आजकल ऑनलाइन ठगी का सबसे बड़ा तरीका बन चुका है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर कोई मैसेज आपको जल्दबाजी में फैसला लेने के लिए मजबूर करे, तो सबसे पहले उसकी सच्चाई जांचनी चाहिए। किसी भी फाइल या लिंक को खोलने से पहले उसकी पुष्टि करना बेहद जरूरी है।
निष्कर्ष
वर्क फ्रॉम होम और लॉकडाउन जैसे मुद्दों को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों के बीच लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में डिजिटल जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
अगर आपके पास भी WhatsApp पर “Lockdown Notice” या किसी सरकारी आदेश जैसा संदिग्ध मैसेज आए, तो उसे खोलने के बजाय तुरंत रिपोर्ट और डिलीट करें।
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