Highlights
- अदाणी पावर ने JPVL में 24% हिस्सेदारी खरीदने का समझौता किया
- ₹4,193 करोड़ में थर्मल पावर प्लांट और अन्य एसेट्स भी मिलेंगे
- डील में कोयला, रेत खनन और हाइड्रो पावर बिजनेस तक पहुंच शामिल
- NCLT से मंजूर रेजोल्यूशन प्लान का हिस्सा है अधिग्रहण
- शेयर बाजार में दोनों कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली
नई दिल्ली। देश के पावर सेक्टर में एक और बड़ी डील सामने आई है। Adani Power ने कर्ज में डूबी Jaiprakash Associates (JAL) के साथ बड़ा समझौता किया है। इस डील के तहत अदाणी पावर, Jaiprakash Power Ventures (JPVL) में 24 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेगी। इसके अलावा कंपनी उत्तर प्रदेश स्थित 180 मेगावाट के चर्क थर्मल पावर प्लांट और उससे जुड़ी कई अहम संपत्तियों का भी अधिग्रहण करेगी।
यह सौदा कुल करीब 4,193 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है। इसमें लगभग 2,993.6 करोड़ रुपये में JPVL की हिस्सेदारी खरीदी जाएगी, जबकि करीब 1,200 करोड़ रुपये में चर्क थर्मल पावर प्लांट और उससे जुड़ी एसेट्स खरीदी जाएंगी। माना जा रहा है कि यह डील अदाणी ग्रुप के लिए पावर और माइनिंग सेक्टर में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
NCLT के रेजोल्यूशन प्लान का हिस्सा है डील
अदाणी पावर ने गुरुवार को जानकारी दी कि यह अधिग्रहण JAL के लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से मंजूर रेजोल्यूशन प्लान का हिस्सा है। कंपनी के मुताबिक, यह ट्रांजैक्शन मंजूरी मिलने के बाद तय “Effective Date” पर पूरा किया जाएगा। NCLT ने 17 मार्च 2026 को इस रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दी थी और डील को 90 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
दिलचस्प बात यह है कि इस डील को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) से अगस्त 2025 में ही मंजूरी मिल चुकी थी। इसके बाद मई 2026 में राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) ने भी इस रेजोल्यूशन प्लान को सही ठहराया।
अदाणी को क्या-क्या मिलेगा?
यह डील सिर्फ एक पावर प्लांट खरीदने तक सीमित नहीं है। JPVL के पास कुल 2,220 मेगावाट क्षमता वाले थर्मल और हाइड्रो पावर एसेट्स हैं। इसके अलावा कंपनी कोयला खनन, रेत खनन और सीमेंट ग्राइंडिंग कारोबार में भी सक्रिय है।
अदाणी पावर को इस सौदे के जरिए इन सेक्टर्स तक अप्रत्यक्ष पहुंच मिलेगी। इससे कंपनी की ऊर्जा उत्पादन क्षमता के साथ-साथ ईंधन और रॉ मटेरियल सप्लाई चेन पर भी पकड़ मजबूत हो सकती है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है और आने वाले वर्षों में थर्मल पावर की जरूरत पूरी तरह खत्म होने वाली नहीं है। ऐसे में मौजूदा एसेट्स खरीदकर क्षमता बढ़ाना, नए प्लांट लगाने की तुलना में कहीं अधिक तेज और सस्ता विकल्प माना जाता है।
सोनभद्र का चर्क प्लांट क्यों अहम?
डील में शामिल 180 MW का चर्क थर्मल पावर प्लांट उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में स्थित है। सोनभद्र को देश का बड़ा पावर हब माना जाता है, क्योंकि यहां कोयले की उपलब्धता और बिजली उत्पादन इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से मौजूद है।
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि इस तरह के लोकेशन वाले पावर एसेट्स अदाणी पावर को भविष्य में परिचालन लागत कम करने और सप्लाई नेटवर्क बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।
JAL के लिए राहत क्यों?
जयप्रकाश एसोसिएट्स लंबे समय से भारी कर्ज के दबाव में है। कंपनी के ऊपर हजारों करोड़ रुपये का कर्ज है और इसी वजह से उसके खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू हुई थी।
इस साल की शुरुआत में NCLT ने अदाणी ग्रुप के 14,535 करोड़ रुपये के रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दी थी। खास बात यह रही कि कई लेंडर्स ने वेदांता की ज्यादा बड़ी बोली के बजाय अदाणी ग्रुप के प्रस्ताव को समर्थन दिया था।
विश्लेषकों के अनुसार, इसका एक बड़ा कारण यह था कि अदाणी ग्रुप का पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में पहले से मजबूत अनुभव है, जिससे एसेट्स के बेहतर उपयोग की संभावना ज्यादा मानी गई।
पावर सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
भारत का पावर सेक्टर तेजी से विस्तार के दौर में है। एक तरफ सरकार रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी तरफ बेसलोड बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए थर्मल पावर अभी भी महत्वपूर्ण बना हुआ है।
अदाणी ग्रुप पहले से ही देश के सबसे बड़े निजी बिजली उत्पादकों में शामिल है। ऐसे में JPVL की हिस्सेदारी और अतिरिक्त पावर एसेट्स खरीदने से कंपनी की बाजार हिस्सेदारी और मजबूत हो सकती है।
इसके अलावा, कोयला और रेत खनन कारोबार तक पहुंच मिलने से अदाणी पावर को सप्लाई चेन में भी फायदा मिल सकता है। इससे भविष्य में उत्पादन लागत नियंत्रित रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
शेयर बाजार में क्या असर दिखा?
इस खबर के बाद शेयर बाजार में दोनों कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली। सुबह करीब 10:15 बजे Adani Power का शेयर करीब 2.36 फीसदी की तेजी के साथ 225.40 रुपये पर कारोबार करता दिखा।
वहीं Jaiprakash Power Ventures के शेयर में 5 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई और यह 19.29 रुपये के आसपास पहुंच गया। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशक इस डील को अदाणी पावर की लंबी अवधि की विस्तार रणनीति के तौर पर देख रहे हैं।
क्या आगे और भी अधिग्रहण करेगा अदाणी ग्रुप?
पिछले कुछ वर्षों में अदाणी ग्रुप ने ऊर्जा, सीमेंट, ट्रांसमिशन, पोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में आक्रामक विस्तार किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी भविष्य में भी संकटग्रस्त लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण एसेट्स खरीदने पर फोकस रख सकती है।
अगर बिजली की मांग इसी तरह बढ़ती रही, तो थर्मल और हाइड्रो पावर एसेट्स की वैल्यू आने वाले समय में और बढ़ सकती है। ऐसे में यह डील अदाणी पावर के लिए दीर्घकालिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकती है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।
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